सोनिया का वेबसाइट वार, टार्गेट पर मोदी
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मोदी सरकार के 100 दिनों का हर तरफ विश्लेषण हुआ। किसी ने 100 दिन विश्लेषण के लिए थोड़े बताए तो किसी ने मोदी सरकार की अच्छी शुरूआत। ऐसे भी विश्लेषकों की कमी नहीं जिन्होंने, मोदी सरकार को फेल करार दिया।
लोकसभा चुनाव में मात्र 44 सीटों पर सिमट झटका महसूस कर रही कांग्रेस ने इन 100 दिनों के कार्यकाल पर जमकर हल्ला बोलते हुए मोदी सरकार के खिलाफ कैंपेन छेड़ दिया है।
खास बात यह है कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव केदौरान नरेंद्र मोदी और भाजपा वरिष्ठ नेताओं की ओर से किए गए वादों को ही इसमें शामिल किया है। कांग्रेस, अपने इस विश्लेषण को विधानसभा चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गई है।
कांग्रेस ने अपने विश्लेषण को पार्टी की वेबसाइट पर डालते हुए भाजपा की बजाए नरेंद्र मोदी को ही टारगेट किया है। कुल 12 पेज के विश्लेषण में 13 बिंदुओं के आधार पर मोदी को घेरा है।
इन मुद्दों पर मोदी को घेरेंगी सोनिया
- बहुत हुई महंगाई, अबकी बार मोदी सरकार
लोकसभा चुनाव में यह नारा खूब गूंजा। कांग्रेस बता रही है कि भाजपा ने 100 दिन में महंगाई कम करने का वादा किया था। लेकिन खाद्य मुद्रास्फीति की दर जून में 7.90 प्रतिशत की बजाए जुलाई में 9.36 प्रतिशत पहुंची। डीजल की कीमतें 4 बार बढ़ चुकी हैं।
- काले धन के नाम पर लोगों से धोखा
खूब प्रचार किया, 100 दिन में काला धन वापस लाएंगे। लोकसभा चुनाव तक भाजपा 85 लाख करोड़ रुपये का काला धन बता रही थी। कहा गया था, इमानदार करदाता में यह पैसा बांटेंगे। 110 दिन बीत चुकेहैं। कुछ नहीं हुआ।
- बहुत हुआ नारी पर वार, अबकी बार मोदी सरकार
मंत्री मंडल में ही बलात्कार के आरोपी शामिल किए। एमपी, राजस्थान व गुजरात में बलात्कार की घटना हो रही है। कैबिनेट मंत्री अरुण जेटली ने निर्भया बलात्कार को छोटी घटनाबताया।
- असंगत विदेश नीति
कांग्रेस ने विदेश नीति को अपारदर्शी, दिशाहीन और भ्रामक बताया है। 1971 के बाद सबसे ज्यादा घुसपैठ इन तीन महीनों में हुई। यूपीए सरकार की विदेश नीतियों केआधार पर चलते हुए ही मोदी की जापान यात्रा पूरी हुई।
- संस्थाओं को किया कमजोर
हल्ला बोला गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से योजनाओं को खत्म करने का मनमाना निर्णय लिया। वैकल्पिक केलिए जनता से सुझाव मांगे। सरकार न्यायपालिका से टकराव केमूड में है।
-शिक्षा प्रणाली और संस्थानिक स्वायत्तता का व्यवस्थित विनाश
आरएसएस द्वारा संचालित शिक्षा बचाओ समिति और विद्या भारती, सरकार की शिक्षा प्रणाली और पाठ्यक्रम सुधार का मार्ग दर्शक बनी। भारतीय इतिस अनुसंधान परिषद जैसी संस्था के मुखिया केपद पर आरएसएस द्वारा नामित व्यकित को नियुक्त किया।
इन मुद्दों को भी किया टारगेट
कांग्रेस ने न्यूनतम शासन, न्यूनतम प्रतिभा और अधिकतम विश्वास केनारे पर कटाक्ष करते हुए विश्लेषण किया, सरकार में प्रतिभा का घोर अभाव है। पार्ट टाइम रक्षामंत्री को देश की सीमाओं की देखरेख, सैनिकों के कल्याण की जिम्मेदारी सौंपी है।
44 मंत्रियों में 13 पर अपराधिक आरोप बताए हैं। अमीर और उद्योगपतियों की सरकार की संज्ञा दी गई है। भाजपा का सबका साथ, सबका विकास केनारे को लेकर लिखा गया है कि महिलाएं तक सुरक्षित नहीं है।
भाजपा को सांप्रदायिक पार्टी करार देते हुए कहा गया है, यूपी सहित जहां भी चुनाव हुए हैं, उन 12 क्षेत्रों में 600 से ज्यादा सांप्रदायिक दंगे हुए हैं।