पंजाबः छावनी चुनाव में औंधे मुंह गिरी मोदी लहर
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कैंटोनमेंट बोर्ड के पार्षद चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। आठ वार्डों में से छह पर अकाल दल के प्रत्याशियों ने कब्जा किया है, जबकि भाजपा व कांग्रेस का एक-एक प्रत्याशी विजयी रहा। कैंटोनमेंट बोर्ड का उपप्रधान अकाली दल का बनेगा।
इस चुनाव को देखते हुए सियासी जानकारों का कहना है कि भाजपा ने नगर काउंसिल के चुनाव अकाली दल के साथ संयुक्त रूप से नहीं लड़े तो यही हाल होगा। सियासी जानकारों का कहना है कि भाजपा के प्रदेश प्रधान कमल शर्मा ने उक्त चुनाव में पूरा जोर लगाया था, लेकिन आठ सीटों में से सिर्फ एक हाथ लगी।
इस चुनाव में शर्मा ने सरेआम अकाली दल के देहाती विधायक जोगिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला था, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। एक अकाली दल के नेता ने कहा कि भाजपा को इस हार से सबक सीखना चाहिए। पंजाब में अकाली दल के साथ गठजोड़ के बिना भाजपा का कोई आधार नहीं है। विधायक जोगिंदर सिंह के दोनों बेटे चुनाव जीते हैं।
आठ में से छह सीटों पर अकाली विजयी
वार्ड नंबर-एक से अकाली दल के प्रत्याशी रोहित पहले ही निर्विरोध जीते चुके थे। वार्ड नंबर-दो से अकाली दल के प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह 160 मतों से जीते। वार्ड-तीन से भाजपा प्रत्याशी जोरा सिंह 745 मतों से विजयी रहे।
इसी तरह वार्ड-चार से अकाली दल के सुशील गोयल 109 मतों से जीते। वार्ड-पांच से अकाली दल की प्रत्याशी सपना तायल 73 मतों से विजयी रही।
वार्ड-छह से कांग्रेस प्रत्याशी रीना मोंगा 355 मतों से जीती। वार्ड-सात से अकाली दल की प्रत्याशी दीप्ती कद 140 मतों से विजयी रही। वार्ड-आठ से अकाली दल प्रत्याशी सेबेस्टियन 529 वोटों से विजयी रहा।