स्वच्छता अभियान मोदी का, बोझ आपकी जेब पर
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आम बजट के बाद अच्छे दिन और महंगे हो गए हैं। मोदी सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के लिए आपकी जेब से पैसे निकालने की पूरी तैयारी कर ली है। सरकार सर्विस टैक्स से एजुकेशन सेस और सेकेंडरी हायर एजुकेशन सेस हटाकर स्वच्छ भारत सेस लगा रही है। 14 फीसदी सर्विस टैक्स पर लगने वाले सेस को 0.5 से बढ़ाकर 2 फीसदी तक कर दिया गया है।
सरकार अगले सप्ताह तक इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर देगी। वहीं, एजुकेशन सेस हटाने से शिक्षा के कोष में गिरावट आएगी। इससे बच्चों के भविष्य के लिए बनने वाली योजनाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है।
गौरतलब है कि पहले सर्विस टैक्स के साथ एजुकेशन सेस और सेकेंडरी हायर एजुकेशन सेस लगाया जाता था। इसका उद्देश्य देश की शिक्षा प्रणाली की के लिए बेहतर फंड जुटाना रहा।
सेस लगा जुटाएगी सफाई के लिए पैसे
स्वच्छ भारत सेस के लिए केंद्र सरकार ने ऐसी सर्विसेज का चयन किया है, जिस पर आप ज्यादा खर्च करते हैं। इनमें मोबाइल-टेलीफोन का बिल, बिजली, बैंकिंग व वित्तीय सर्विस, ड्राईक्लीनर, वकील व सीए, यात्रा, होटल, जीवन बीमा पॉलिसी, पैकेजिंग, क्रेडिट कार्ड और एटीएम की सर्विसेज शामिल हैं। इससे ये सर्विस और महंगी हो जाएंगी।
हर व्यक्ति पर बढ़ेगा बोझ
सीए संजय थरेजा ने बताया कि सरकार के इस फैसले से हर व्यक्ति को अपनी सर्विस पर 1.64 फीसदी की दर से ज्यादा सर्विस टैक्स जमा कराना होगा। वहीं, स्वच्छ भारत सेस लगने से बोझ बढ़ेगा। इसके लिए जहां एजुकेशन सेस और सेकेंडरी हायर एजुकेशन सेस को हटा दिया है। वहीं, सेस की दर 0.5 फीसदी से बढ़ाकर 2 फीसदी तक कर दी गई है।
ऐसे समझें गणित
अगर एक व्यक्ति का 500 रुपये का मोबाइल बिल है तो उसे इस पर पहले 12.36 की दर से 62 रुपये सर्विस टैक्स देना पड़ता था। आम बजट के बाद अब 14 फीसदी की दर से सर्विस टैक्स 70 रुपये हो गया है।
वहीं, सर्विस टैक्स के साथ स्वच्छ भारत सेस लगने से 2 फीसदी की दर से अतिरिक्त टैक्स राशि 10 रुपये और देना पड़ेगा। इस हिसाब से हर व्यक्ति को 500 रुपये की सर्विस पर आपको 80 रुपये सर्विस टैक्स देना होगा।
ये होता है सेस
सेस भी एक प्रकार का टैक्स है। जब किसी टैक्स के ऊपर एक ओर टैक्स लगाया जाए तो उसे सेस कहते हैं। इस टैक्स के माध्यम से आने वाली राशि को जन कल्याण के कामों में लगाया जाता है।