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'कैसे ले जाएं गायों को, ट्रक ही नहीं मिल रहे'

Thu, 05 Dec 2013 05:49 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 05 Dec 2013 05:49 PM IST
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nagar nigam_heirless cows_chandigarh
शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए नगर निगम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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लावारिस पशुओं को पकड़ने से ज्यादा अब उन्हें शहर से बाहर भिजवाना निगम के लिए सिरदर्द बना हुआ है।

पिछली बार ट्रक जलाए जाने की घटना ने ट्रक डीलरों में इतना खौफ है कि वे अब इस काम के लिए तैयार ही नहीं हो रहे हैं।

11 दिसंबर को नगर निगम द्वारा गढ़शंकर स्थित गोशाला में लावारिस गाएं भेजने की योजना है, लेकिन पिछली बार की घटना से घबराए ट्रक डीलर गाय ले जाने के लिए तैयार नहीं है।

इसके लिए पिछले कई दिनों से मेयर और निगम के अधिकारी इस जद्दोजहद में लगे हुए हैं। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली है।

बता दें कि इस बार 150 ट्रक इस काम के लिए चाहिए। पिछली बार निगम ने 25 ट्रकों में गायों को बरसाना गोशाला में भेजे थे, लेकिन गुड़गांव के नजदीक लोगों ने 18 ट्रक जला दिए थे।
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एक हजार गाएं भेजेगा निगम
शहर की गेशालाओं में कम जगह होने के कारण एक हजार गायों को गढ़शंकर भिजवाया जा रहा है। नगर निगम इस बारे में गोशाला अधिकारियों से बात भी कर चुका है।

नगर निगम की ओर से उक्त गोशाला को 3500 रुपये प्रति गाय का खर्च भी दिया जा रहा है।

नहीं मिला मुआवजा
ट्रक जलाए जाने की घटना को तीन महीने से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी तक ट्रक मालिकों को उनका मुआवजा नहीं मिल सका है।

इस संबंध में नगर निगम ने प्रस्ताव तैयार कर यूटी प्रशासन को मंजूरी केलिए भेजा हुआ है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कुछ इस वजह से भी ट्रक डीलर इस काम के लिए राजी नहीं हो रहे हैं।
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