फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Nagar Nigam Chandigarh Will Terminate Jaypee Plant

चंडीगढ़ः जेपी प्लांट को टर्मिनेट करेगा नगर निगम, संचालन खुद करेगा या तीसरी पार्टी से कराएगा

Thu, 05 Mar 2020 12:26 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 05 Mar 2020 12:26 PM IST
विज्ञापन
Nagar Nigam Chandigarh Will Terminate Jaypee Plant
नगर निगम चंडीगढ़ की बैठक - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ नगर निगम की विशेष बैठक में बुधवार को तय हुआ कि जेपी प्लांट को टर्मिनेट करेगा। इसके अलावा केवल सात दिन का ही कंपनी को नोटिस दिया जाएगा। प्लांट को निगम खुद संचालित करेगा या तीसरे पार्टी से संचालित कराएगा। वहीं प्लांट की टेक्निकल स्थिति को देखने के लिए निगम आईआईटी दिल्ली या रुड़की से मदद लेगा। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद निगम ने विशेष बैठक की। फरवरी माह की सदन की बैठक में तय किया गया था कि प्लांट को निगम टेकओवर करेगा। उसके बाद पूरे प्लांट में नई मशीनें लगाएगा।
विज्ञापन


एक सप्ताह में कंपनी के अधिकारियों को अर्मिनेट करने का नोटिस दिया जाएगा और एक माह में कंपनी को मशीनें हटाने के लिए कहा जाएगा। इसमें हालांकि सदन ने तय किया कि कंपनी को केवल मिक्स वेस्ट प्लांट की मशीनों को हटाने के लिए कहा  जाएगा। कंपोस्ट खाद की मशीनों की राशि निगम कंपनी को देगा। तीसरी पार्टी से उसकी राशि तय कराई जाएगी। इसमें कंपनी पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड व अन्य जुर्माने की राशि को घटाकर कंपनी को भुगतान किया जाएगा। मशीनों की राशि से जुर्माने की राशि से ज्यादा हुई तो कंपनी से वसूल की जाएगी।
विज्ञापन


उसके बाद 27 फरवरी को एडवाइजर मनोज परिदा की अध्यक्षता में बैठक की गई। इसमें कमिश्नर केके यादव, मेयर राजबाला मलिक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद सहित पॉल्यूशन कंट्रोल विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। इसमें पूछा गया कि प्लांट को बंद कराने के बाद निगम कचरे का निस्तारण कैसे करेगा। नए प्लांट को लगने में लगभग एक साल का समय लगेगा। इस दौरान एक और नया कचरे का पहाड़ बन जाएगा। उसके बाद निगम ने अपने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए विशेष बैठक बुलाई। जिसमें कंपनी को टर्मिनेट कर खुद ही प्लांट के संचालन का फैसला लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

एनजीटी ने किया स्पष्ट, हमें बिचौलिया न बनाएं

कमिश्नर ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एक कमेटी बनाई थी जिससे प्लांट का निरीक्षण करने को कहा गया था। उसकी रिपोर्ट के आधार पर एनजीटी ने कंपनी को स्पष्ट कहा कि मात्र 9 माह के लिए निगम को टिपिंग फीस देनी थी। हमारा काम रेग्यलेट करना है, न कि किसी विवाद में मध्यस्तता करना। कंपनी हमें बिचौलिया न बनाए और न पुराने आदेशों को आधार बनाए।

जल्द कचरा निस्तारण नहीं हुआ तो हर माह 10 लाख जुर्माना
कमिश्नर ने कहा कि जल्द से जल्द कचरे का निस्तारण नहीं हुआ तो एनजीटी की ओर से एक अप्रैल के बाद हर माह 10 लाख रुपये जुर्माना लगने लगेगा। इसलिए तय करना होगा कि निगम प्लांट को लेगा तो कैसे संचालित करेगा। कमिश्नर ने कहा कि प्लांट को संचालित करने के लिए 60 लाख ऑपरेशन, 15 लाख बिजली बिल, 25 लाख रुपये लेबर और 20 लाख रुपये उसकी रखरखाव पर खर्च होंगे। वहीं प्लांट में एक एसडीओ, 3 जेई, 5 सुपरवाइजर और 30 हेल्पर लगेंगे। दो शिफ्ट में 60 कर्मचारियों की तैनाती होगी।

बबला पर बिफरीं मेयर, बोलीं- रिश्वत नहीं खाती..
विपक्षी नेता देवेंदर सिंह बबला ने कहा कि पूर्व में कुछ लोग होटल में जाकर कंपनी के साथ एमओएयू हस्ताक्षर करके आ गए। इस पर मेयर राजबाला मलिक गुस्सा हो गईं। उन्होंने कहा कि मैं रिश्वत नहीं खाती और किसने मुझे होटल में जाते देखा। इस पर बबला ने कहा कि मैं अभी सबकी पोल खोल दूंगा। भाजपा पार्षद एक स्वर में बोले, तो आज खोल ही दीजिए। काफी गर्मागर्मी के बीच मामला शांत हुआ।

नए प्लांट में आएंगी अभी समस्या

नए प्लांट की बात पर कमिश्नर ने कहा कि इसके लिए इनवॉयरमेंट क्लियरेंस चाहिए। इसके अंतर्गत पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और आसपास के लोगों से सुझाव मांगगे जाते हैं। डड्डूमाजरा केलोग पहले से खफा हैं। ऐसे में नए प्लांट का लग पाना मुश्किल है। इसे केवल अपग्रेड किया जा सकता है। नहीं तो जुर्माना झेलना होगा।

इन बिंदुओं पर लगी मुहर
- कंपनी के साथ हुए एग्रीमेंट का रिव्यू करने के बाद कंपनी को किया जाएगा टर्मिनेट
- एक सप्ताह में ही कंपनी को किया जाए टर्मिनेट
- प्लांट की टेक्निकल स्थिति जानने के लिए आईआईटी रुड़की या दिल्ली से बुलाए जाएं एक्सपर्ट
- टेंडर निकालकर प्लांट को कुछ माह चलाने के लिए मांगे जाएंगे आवेदन
- प्लांट के अपग्रेडेशन के लिए डीपीआर बनाएंगे
- निगम के अंतर्गत कोई कंपनी प्लांट चलाएगी तो उसका खर्चा निगम खुद या प्रशासन से वहन कराएगा
- टेक्निकल एक्सपर्ट पर होने वाला खर्चा भी निगम में लाएंगे
- मार्च की बैठक में प्लांट के मेंटेनेंस व प्रोसेसिंग का खर्चे का एस्टीमेट के साथ टेक्निकल एक्सपर्ट की रिपोर्ट भी सदन में लाया जाएगा
- सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल से बेहतर वकील की अपील करेंगे, जो निगम का पक्ष एनजीटी में रखे। उसका खर्च निगम वहन करेगा।
- एक साल में निगम इसी प्लांट से कचरा प्रोसेस कराएगा। एक साल बाद नया प्लांट लगाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed