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चंडीगढ़ः लोगों ने लगाए आरोप, सफाई कर्मचारी कचरा उठाकर ले जाने की बजाय आग लगा रहे हैं
Wed, 10 Apr 2019 01:47 PM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 10 Apr 2019 01:47 PM IST
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कचरे को लगाई आग
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एक ओर चंडीगढ़ की हवा तरोताजा बनाने के लिए नगर निगम प्लान पर प्लान तैयार कर रहा है, वहीं निगम के ही कर्मचारी उसकी योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। निगम के दफ्तर के सामने ही कर्मचारियों ने कचरा जला दिया और अधिकारियों को पता नहीं है। आलम यह है कि अब तक कचरा जलाने को लेकर कितने चालान हुए हैं, अधिकारियों को यह भी पता नहीं है।
पिछले साल नवंबर-दिसंबर में शहर की हवा में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए नगर निगम ने ड्राफ्ट एक्शन प्लान तैयार किया था। उस प्लान पर अमल करने की निगम ने तैयारी तो कर ली है, लेकिन विभाग के कर्मचारी ही उसकी योजनाओं को फेल कर रहे हैं। हेल्थ ऑफिसर डॉ. एपी सिंह ने बताया कि वर्तमान में सफाई के लिए 2250 कर्मचारी तैनात हैं। पतझड़ के बाद उन्हें विशेष रूप से पत्ते हटाने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर
सेक्टर 35 निवासी समाजसेवी एलआर बुधानिया बताते हैं कि सुबह सुबह लोग मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते हैं, तो इन स्थानों से निकलना मुश्किल हो जाता है। पत्तों के साथ प्लास्टिक जलाया जाता है, जिससे प्रदूषण तो बढ़ता ही है, लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। स्वच्छता में पिछड़ने के बाद शहर की आबोहवा भी प्रदूषित होती जा रही है।
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कचरे में आग कोई बाहरी व्यक्ति नहीं लगा रहा, बल्कि स्वयं निगम के ही सफाई कर्मचारी लगा रहे हैं। सेक्टर 27 निवासी आरके गर्ग ने बताया कि इसके लिए कई बार अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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पिछले साल नवंबर-दिसंबर में शहर की हवा में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए नगर निगम ने ड्राफ्ट एक्शन प्लान तैयार किया था। उस प्लान पर अमल करने की निगम ने तैयारी तो कर ली है, लेकिन विभाग के कर्मचारी ही उसकी योजनाओं को फेल कर रहे हैं। हेल्थ ऑफिसर डॉ. एपी सिंह ने बताया कि वर्तमान में सफाई के लिए 2250 कर्मचारी तैनात हैं। पतझड़ के बाद उन्हें विशेष रूप से पत्ते हटाने का निर्देश दिया गया है।
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स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर
सेक्टर 35 निवासी समाजसेवी एलआर बुधानिया बताते हैं कि सुबह सुबह लोग मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते हैं, तो इन स्थानों से निकलना मुश्किल हो जाता है। पत्तों के साथ प्लास्टिक जलाया जाता है, जिससे प्रदूषण तो बढ़ता ही है, लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। स्वच्छता में पिछड़ने के बाद शहर की आबोहवा भी प्रदूषित होती जा रही है।
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कचरे में आग कोई बाहरी व्यक्ति नहीं लगा रहा, बल्कि स्वयं निगम के ही सफाई कर्मचारी लगा रहे हैं। सेक्टर 27 निवासी आरके गर्ग ने बताया कि इसके लिए कई बार अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
कर्मचारी लगातार जला रहे हैं कचरा
लोगों ने बताया कि बीते सोमवार को सेक्टर 23 के बस स्टॉप पर कर्मचारी ने पत्ते इकट्ठे किए और आग लगा दी। उसी दिन सेक्टर 17 में पावर हाउस के पास, पोस्ट ऑफिस के पीछे 3 स्थानों पर, बिजली घर के पास, पार्किंग के साथ ही कई अन्य स्थानों पर और सेक्टर 23 में एक सरकारी दफ्तर के पास कचरे और पत्तों को इकट्ठा कर आग लगाई गई थी। इससे बदबू के साथ ही काफी धुआं उठ रहा था। प्रतिदिन जब घूमने जाते हैं तो कर्मचारी कचरे को आग लगाते दिखाई दे जाते हैं।
आखिर यह कैसी मॉनीटरिंग
मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ डॉ. एपी सिंह ने बताया कि यदि कोई भी कचरा या पत्ते जलाते मिलता है तो 5000 रुपये का चालान किया जाता है। सवाल यह है कि शहर में प्रदूषण को रोकने के लिए कई अफसर मॉनीटरिंग करते हैं, बावजूद इसके न प्रदूषण नियंत्रण विभाग और न नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं।
स्वच्छता एप पर कर सकते हैं शिकायत
डॉ. सिंह ने बताया कि शहर में यदि कोई कचरा जलाता हुआ मिलता है तो उसकी फोटो खींचकर स्वच्छता एप पर डाल सकते हैं। भेजने वाले का नाम और पता गोपनीय रहेगा। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले पर कार्रवाई होगी।
कचरे को जलाने के लिए स्पष्ट रूप से मना किया गया है। जो नियम आमजन के लिए है वहीं कर्मचारियों के लिए। यदि कोई कचरा जलाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एपी सिंह, मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ
आखिर यह कैसी मॉनीटरिंग
मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ डॉ. एपी सिंह ने बताया कि यदि कोई भी कचरा या पत्ते जलाते मिलता है तो 5000 रुपये का चालान किया जाता है। सवाल यह है कि शहर में प्रदूषण को रोकने के लिए कई अफसर मॉनीटरिंग करते हैं, बावजूद इसके न प्रदूषण नियंत्रण विभाग और न नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं।
स्वच्छता एप पर कर सकते हैं शिकायत
डॉ. सिंह ने बताया कि शहर में यदि कोई कचरा जलाता हुआ मिलता है तो उसकी फोटो खींचकर स्वच्छता एप पर डाल सकते हैं। भेजने वाले का नाम और पता गोपनीय रहेगा। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले पर कार्रवाई होगी।
कचरे को जलाने के लिए स्पष्ट रूप से मना किया गया है। जो नियम आमजन के लिए है वहीं कर्मचारियों के लिए। यदि कोई कचरा जलाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एपी सिंह, मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ