{"_id":"5b3b47b24f1c1b91288b4584","slug":"nagar-nigam-chandigarh-seized-vehicles-from-no-parking-area","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ में 'नो पार्किंग' हो तो भूलकर भी न खड़ा करें वाहन, वरना इनकी तरह अंजाम भुगतेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ में 'नो पार्किंग' हो तो भूलकर भी न खड़ा करें वाहन, वरना इनकी तरह अंजाम भुगतेंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 Jul 2018 03:23 PM IST
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नो पार्किंग में खड़ी कार
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चंडीगढ़ में जहां भी नो पार्किंग हो, वहां भूलकर भी वाहन खड़ा न करें। वरना पछताएंगे और इन सभी लोगों की तरह अंजाम भुगतेंगे। दरअसल नगर निगम ने दो सप्ताह बाद फिर से नो पार्किंग जोन और पेड पार्किंग के बाहर सड़क किनारे खड़े वाहन उठाने शुरू कर दिए हैं। नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते के कर्मचारियों ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में ऐसे कारों को जब्त किया जो नो पार्किंग जोन और पेड पार्किंग के बाहर सड़क किनारे खड़ी थीं।
इस दौरान कारों के टायरों पर क्लंप भी लगाने की भी शुरुआत की गई। उधर, वाहन चालकों का आरोप है कि यह कार्रवाई नगर निगम सिर्फ पेड पार्किंग को फेवर करने के लिए कर रही है ताकि लोग पेड पार्किंग के भीतर पर्ची कटवाकर लोग वाहन पार्क करें। सोमवार को सेक्टर-34, 17, 22, 34 और 9 में अभियान चलाकर नगर निगम के कर्मचारियों ने 74 वाहन (कारें व बाइक) जब्त किए, जिनमें 33 कारें और 41 दोपहिया वाहन शामिल हैं।
सेक्टर-9 में अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने लोगों को गलत जगह पर पार्किंग न करने को लेकर जागरूक भी किया लेकिन यहां पर लोगों ने कहा कि पार्किंग के अंदर भी जगह नहीं है, ऐसे में वह पार्किंग के बाहर फुटपाथ पर वाहन पार्क करके क्या गलत कर रहे हैं। दस्ते ने सेक्टर-17 से 21 स्कूटर और कारें जबकि सेक्टर-22 से 17 वाहन जब्त किए। इसके साथ ही सेक्टर-34 में 15 कार और 14 बाइकों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने दो सप्ताह इसलिए बंद कर दी थी ताकि जुर्माना राशि के रेट कम हो जाए।
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सर्कस और प्रदर्शनी ग्राउंड से भी उठाए जा रहे हैं वाहन
नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओर से सेक्टर-17 के सर्कस ग्राउंड और सेक्टर-34 के प्रदर्शनी ग्राउंड से भी वाहन उठाए जा रहे हैं जबकि यह दोनों ग्राउंड सरकारी हैं। लोगों की आपत्ति है कि यहां पर नो पार्किंग के भी बोर्ड नहीं लगे हैं, इसके बावजूद वाहन उठाए जा रहे हैं। सेक्टर-34 में कार चला रही एक महिला कर्मचारी का भी चालान काट दिया गया जबकि महिला कर्मचारी ने सेक्टर-34 के ग्राउंड में अपनी कार पार्क की थी। महिला कर्मचारी का कहना था कि सामने पेड पार्किंग की पर्ची भी उसने कटवाई थी। जब पेड पार्किंग में जगह नहीं मिली तो पार्किंग में तैनात कर्मचारी के कहने पर ही उसने सामने ग्राउंड में कार पार्क कर दी, जिसका नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने नो पार्किंग का चालान काट दिया।
जब्त वाहनों को छुड़ाने का जुर्माना कम होने से मिलेगी राहत
नगर निगम ने जब्त वाहनों को छुड़ाने पर लगने वाले जुर्माने की राशि को कम कर दिया है। इससे जब्त हुए वाहनों को छुड़ाने के लिए लोगों को पहले से कम पैसे देने पड़ेंगे। अब जब्त कार को रिलीज करने का जुर्माना 1500 रुपये कर दिया गया है जबकि दोपहिया वाहन को रिलीज करने का जुर्माना 700 रुपये हो गया है। वहीं, अगर ट्रैफिक पुलिस कार को नो पार्किंग से उठाती है तो 1300 रुपये जुर्माना लिया जाता है। दो सप्ताह पहले तक नगर निगम ने कार को रिलीज करने का 3500 और दोपहिया वाहन चालक से 1500 रुपये का जुर्माना चार्ज कर रहे थे। उस समय शहर में इतना भारी भरकम जुर्माना चार्ज करने पर अफरातफरी मच गई थी। इसके बाद मेयर देेवश मोदगिल के हस्ताक्षेप के बाद जुर्माना कम करने का प्रस्ताव वित्त एवं अनुबंध कमेटी में पास किया गया। अब कम किए हुए जुर्माने से जब्त वाहनों को रिलीज किया गया है।
निगम द्वारा जब्त वाहनों को रिलीज करवाने के लिए खाने पड़ते हैं धक्के
नगर निगम की ओर से जो गाड़ियां उठाई जाती हैं, उसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में नहीं दी जा रही है। इस कारण जब चालक वापस अपनी कार लेने आता है तो उसे पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करने पर भी पता नहीं चलता है उसकी कार कौन ले गया। बाद में वाहन चालक को नगर निगम में आकर चालान निकलवाना पड़ता है क्योंकि जुर्माना करने और गाड़ी रिलीज करने का अधिकार ज्वाइंट कमिश्नर के पास ही है जबकि ट्रैफिक पुलिस अगर नो पार्किंग जोन में पार्क वाहन के टायर पर क्लंप लगाती है तो मौके पर पुलिस बुलाकर चालान भुगतने की मंजूरी है और चालक वहीं से जुर्माना अदा करके अपना वाहन ले जाता है।
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इस दौरान कारों के टायरों पर क्लंप भी लगाने की भी शुरुआत की गई। उधर, वाहन चालकों का आरोप है कि यह कार्रवाई नगर निगम सिर्फ पेड पार्किंग को फेवर करने के लिए कर रही है ताकि लोग पेड पार्किंग के भीतर पर्ची कटवाकर लोग वाहन पार्क करें। सोमवार को सेक्टर-34, 17, 22, 34 और 9 में अभियान चलाकर नगर निगम के कर्मचारियों ने 74 वाहन (कारें व बाइक) जब्त किए, जिनमें 33 कारें और 41 दोपहिया वाहन शामिल हैं।
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सेक्टर-9 में अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने लोगों को गलत जगह पर पार्किंग न करने को लेकर जागरूक भी किया लेकिन यहां पर लोगों ने कहा कि पार्किंग के अंदर भी जगह नहीं है, ऐसे में वह पार्किंग के बाहर फुटपाथ पर वाहन पार्क करके क्या गलत कर रहे हैं। दस्ते ने सेक्टर-17 से 21 स्कूटर और कारें जबकि सेक्टर-22 से 17 वाहन जब्त किए। इसके साथ ही सेक्टर-34 में 15 कार और 14 बाइकों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने दो सप्ताह इसलिए बंद कर दी थी ताकि जुर्माना राशि के रेट कम हो जाए।
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सर्कस और प्रदर्शनी ग्राउंड से भी उठाए जा रहे हैं वाहन
नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओर से सेक्टर-17 के सर्कस ग्राउंड और सेक्टर-34 के प्रदर्शनी ग्राउंड से भी वाहन उठाए जा रहे हैं जबकि यह दोनों ग्राउंड सरकारी हैं। लोगों की आपत्ति है कि यहां पर नो पार्किंग के भी बोर्ड नहीं लगे हैं, इसके बावजूद वाहन उठाए जा रहे हैं। सेक्टर-34 में कार चला रही एक महिला कर्मचारी का भी चालान काट दिया गया जबकि महिला कर्मचारी ने सेक्टर-34 के ग्राउंड में अपनी कार पार्क की थी। महिला कर्मचारी का कहना था कि सामने पेड पार्किंग की पर्ची भी उसने कटवाई थी। जब पेड पार्किंग में जगह नहीं मिली तो पार्किंग में तैनात कर्मचारी के कहने पर ही उसने सामने ग्राउंड में कार पार्क कर दी, जिसका नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने नो पार्किंग का चालान काट दिया।
जब्त वाहनों को छुड़ाने का जुर्माना कम होने से मिलेगी राहत
नगर निगम ने जब्त वाहनों को छुड़ाने पर लगने वाले जुर्माने की राशि को कम कर दिया है। इससे जब्त हुए वाहनों को छुड़ाने के लिए लोगों को पहले से कम पैसे देने पड़ेंगे। अब जब्त कार को रिलीज करने का जुर्माना 1500 रुपये कर दिया गया है जबकि दोपहिया वाहन को रिलीज करने का जुर्माना 700 रुपये हो गया है। वहीं, अगर ट्रैफिक पुलिस कार को नो पार्किंग से उठाती है तो 1300 रुपये जुर्माना लिया जाता है। दो सप्ताह पहले तक नगर निगम ने कार को रिलीज करने का 3500 और दोपहिया वाहन चालक से 1500 रुपये का जुर्माना चार्ज कर रहे थे। उस समय शहर में इतना भारी भरकम जुर्माना चार्ज करने पर अफरातफरी मच गई थी। इसके बाद मेयर देेवश मोदगिल के हस्ताक्षेप के बाद जुर्माना कम करने का प्रस्ताव वित्त एवं अनुबंध कमेटी में पास किया गया। अब कम किए हुए जुर्माने से जब्त वाहनों को रिलीज किया गया है।
निगम द्वारा जब्त वाहनों को रिलीज करवाने के लिए खाने पड़ते हैं धक्के
नगर निगम की ओर से जो गाड़ियां उठाई जाती हैं, उसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में नहीं दी जा रही है। इस कारण जब चालक वापस अपनी कार लेने आता है तो उसे पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करने पर भी पता नहीं चलता है उसकी कार कौन ले गया। बाद में वाहन चालक को नगर निगम में आकर चालान निकलवाना पड़ता है क्योंकि जुर्माना करने और गाड़ी रिलीज करने का अधिकार ज्वाइंट कमिश्नर के पास ही है जबकि ट्रैफिक पुलिस अगर नो पार्किंग जोन में पार्क वाहन के टायर पर क्लंप लगाती है तो मौके पर पुलिस बुलाकर चालान भुगतने की मंजूरी है और चालक वहीं से जुर्माना अदा करके अपना वाहन ले जाता है।