फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Nagar Nigam Chandigarh Mayor Rajesh Kalia Work period Completed in Controversies

चंडीगढ़ मेयर राजेश कालिया का आधा कार्यकाल तो सिर्फ विवादों में ही बीत गया, छह महीने बचे

Wed, 19 Jun 2019 11:48 AM IST
खुशबू गोयल नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 19 Jun 2019 11:48 AM IST
विज्ञापन
Nagar Nigam Chandigarh Mayor Rajesh Kalia Work period Completed in Controversies
मेयर राजेश कालिया - फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ मेयर राजेश कालिया का आधा कार्यकाल मंगलवार को पूरा हो गया। अब मेयर के रूप में उनके कामकाज के लिए सिर्फ छह महीने का ही समय बचा है। बीते आधे कार्यकाल में विवादों की वजह से कालिया ज्यादा चर्चा में रहे हैं। जब से वे मेयर बने हैं, तब से कोई न कोई विवाद उनके साथ जुड़ा है। कूड़ा बीनने से लेकर मेयर की कुर्सी तक पहुंचे कालिया कभी अपनी निजी कोठी पर रंग-रोगन करवाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों पर दबाव डालने के लिए चर्चा में रहे तो कभी घर का बिजली बिल जमा नहीं करने पर बिजली कनेक्शन कटने की वजह से।
विज्ञापन


मेयर बनने के बाद भाजपा नेताओं के साथ अनबन की खबरें भी वक्त-बेवक्त आती रही हैं। उपलब्धियां तो फिलहाल कुछ खास नहीं हैं, लेकिन कुछ अच्छी बाते हैं, जिनको दरकिनार नहीं किया जा सकता। गांवों में पेयजल की समस्या हुई तो कालिया खुद ही टैंकर लेकर पहुंच गए। जब भी किसी को मेयर से मिलना हो तो वे आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। फोन पर समस्या सुन लेते हैं और उसका हल भी निकालते हैं।
विज्ञापन


डंपिंग ग्राउंड के सहारे जीते, निवास स्थान ही बदल लिया
मेयर डड्डूमाजरा में बने डंपिंग ग्राउंड के विरोध में शुरू से ही रहे हैं। मेयर का घर डड्डूमाजरा में था। मेयर बनने के बाद उन्होंने कहा था कि 40 दिनों में डंपिंग ग्राउंड को हटा दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। डंपिंग ग्राउंड तो हटा नहीं, लेकिन उन्होंने अपना निवास स्थान डड्डूमाजरा से सेक्टर 24 शिफ्ट कर लिया। उनके कार्यकाल के पूरे छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन डंपिंग ग्राउंड की स्थिति जस की तस बनी हुई है और कूड़े का पहाड़ विकराल रूप लेने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सफाई कर्मचारी यूनियन के साथ हुआ विवाद

एक समय था कि मेयर राजेश कालिया और सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान कृष्ण कुमार चड्डा एक-दूसरे का दुख बांटते थे, लेकिन बीते सप्ताह दोनों के बीच ऐसा विवाद हुआ है कि मामला थाने तक पहुंच गया। चड्डा चाहते थे कि जो सफाई कर्मचारी गैरहाजिर हैं, उनके खिलाफ नगर निगम कोई कार्रवाई न करे, जबकि मेयर इसके सख्त खिलाफ थे। उनकी इच्छा थी कि जो काम पर नहीं आ रहे हैं, उनकी सैलरी काटी जाए या नौकरी से निकाला जाए। यह विवाद इतना गहराया कि नगर निगम को चड्डा को सस्पेंड करना पड़ा।

बिजली का बिल नहीं जमा कराया, कटा घर का कनेक्शन
मेयर राजेश कालिया के घर का बिजली का बिल बकाया होने पर बिजली डिपार्टमेंट ने उनके घर का कनेक्शन काट दिया था। मलोया में बने मेयर के एक घर का बिल करीब सवा लाख रुपये बकाया था। बिजली डिपार्टमेंट की टीम जब उनके घर का मीटर उखाड़ने पहुंची तो जल्द से जल्द बिल जमा कराने की बात पर सिर्फ उनके घर का कनेक्शन काटा था। चुनाव के समय इसी घर को मेयर ने अपना चुनावी कार्यालय बनाया हुआ था।

निजी घर पर रंग रोगन के लिए अधिकारियों पर डाला था दबाव
मेयर बनते ही कालिया ने नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि उनकी निर्माणाधीन निजी कोठी पर रंग रोगन करवाना है। अधिकारियों ने इसका विरोध जताया और इसकी शिकायत नगर निगम को दे दी। इस मामले में जांच के आदेश हुए थे, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। हालांकि, मेयर ने इससे इंकार कर दिया था कि उन्होंने कोई ऐसा दबाव बनाया।

अनदेखी होने पर भाजपा के कार्यक्रम में हुए थे नाराज

मेयर कालिया की भाजपा नेताओं के साथ अनबन की खबरें भी समय-समय पर आती रही हैं। किरण खेर के जीतने के बाद एक धन्यवाद समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में लगे बैनर में कई नेताओं के फोटो लगे थे, लेकिन कालिया की फोटो नहीं थी। कार्यक्रम के दौरान ही वे नाराज हो गए और वापस जाने लगे। यह विवाद भी काफी गहराया था। मेयर के वार्ड में किरण खेर को कम वोट मिलने का मुद्दा भी काफी सुर्खियों में रहा।

मेयर की सहजता की सबसे बड़ी खासियत
एक अच्छा सेवक वही माना जाता है, जो जनता के लिए अपने दरवाजे हर वक्त खुले रखता है। ऐसी कुछ खासियत मेयर कालिया के पक्ष में जाती है। उनसे यदि मिलना हो तो उसके लिए कोई भी बाधाएं नहीं आतीं। कोई व्यक्ति अपनी समस्या लेकर उनसे आसानी से मिल सकता है। मोबाइल पर भी वे सहजता से लोगों की बात सुनते हैं और उस पर काम भी करते हैं। कैंबवाला में पेयजल की समस्या हुई तो वे खुद ही टैंकर लेकर पहुंच गए। धनास में सिलिंडर ब्लास्ट में घायलों को लेकर वे अस्पताल भी पहुंचे थे। विरोधियों के साथ उनका व्यवहार मिलनसार है।

कालिया बोले, मेरे तीन लक्ष्य, जो समय पर होंगे पूरे

राजेश कालिया ने बताया कि मेयर बनने के बाद मेरे 3 लक्ष्य थे। पहला चंडीगढ़ में 29 एमजीडी अतिरिक्त पानी लाना, दूसरा डंपिंग ग्राउंड हटवाना और तीसरा कचरा सेग्रिगेशन के साथ चंडीगढ़ को स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन पर लाना। तीनों ही लक्ष्य को पाने के कगार पर हूं। 10 से 12 दिनों में अतिरिक्त पानी चंडीगढ़ आ जाएगा। डंपिंग ग्राउंड के लिए 30 जून को टेंडर हो जाएगा। वहीं, स्वच्छता अभियान का रिजल्ट भी साल के अंत तक आ जाएगा। तीनों लक्ष्य हासिल करने के बाद मैं सोचूंगा कि एक सफल कार्यकाल पूरा हुआ।

तीन महीने कोड आफ कंडक्ट में निकले, जबकि तीन महीने आपसी झगड़े में। अगले छह महीने बजट का रोना रोने में निकल जाएगा। इसी तरह से एक सफल मेयर का कार्यकाल खत्म हो जाएगा।
- सुभाष चावला, पूर्व मेयर

जीतने के अगले ही दिन डंपिंग ग्राउंड पर जाकर एक फिल्म अभिनेता के तौर पर फोटो खिंचवाए और कहा कि 40 दिनों में इस डंपिंग ग्राउंड को हटवा दूंगा। कजौली वाटर वर्क्स का पानी लोकसभा चुनाव से पहले लेकर आएंगे और पार्किंग की बेहतर सुविधा लोगों को देंगे, लेकिन इनमें से एक भी काम अब तक मेयर पूरा नहीं कर सके।
- सतीश कुमार कैंथ, पार्षद कांग्रेस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed