फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Nagar Nigam Chandigarh Finance Commette Election, BJP vs Satish Kainth

चंडीगढ़ः नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध समिति का चुनाव निर्विरोध होना तय, नहीं आए कैंथ

Fri, 25 Jan 2019 10:56 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 25 Jan 2019 10:56 AM IST
विज्ञापन
Nagar Nigam Chandigarh Finance Commette Election, BJP vs Satish Kainth
नगर निगम चंडीगढ़
चंडीगढ़ नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध समिति के पांच सदस्यों का चुनाव निर्विरोध होना तय हो गया है, सतीश कैंथ आए ही नहीं। नगर निगम के सचिव कार्यालय में सबसे पहले वीरवार दोपहर बाद तीन बजे कांग्रेस पार्षद शीला देवी ने नामांकन किया। इसके बाद करीब साढ़े चार बजे भाजपा से रविकांत शर्मा, शक्ति प्रकाश देवशाली, महेश इंद्र सिंह सिद्धू और भरत कुमार ने वित्त एवं अनुबंध समिति का सदस्य बनने के लिए नामांकन किया। भाजपा ने ऐन वक्त पर ही इन नामों का खुलासा किया और मेयर हाउस से ये पार्षद सीधे नगर निगम कार्यालय में पहुंचे।
विज्ञापन


भाजपा के सदस्यों को पार्टी से निष्कासित पार्षद सतीश कैंथ के नामांकन भरने का भी डर सताता रहा। मेयर चुनाव के बाद निगम में सबसे अहम माने जाने वाली वित्त एवं अनुबंध समिति के चुनाव अब निर्विरोध रूप से होने का रास्ता साफ हो गया है। बागी पार्षद सतीश कैंथ बतौर आजाद उम्मीदवार नामांकन भरने के लिए नहीं पहुंचे, जबकि उन्होंने पहले से ऐलान कर रखा था। कैंथ के चुनाव लड़ने की स्थिति में भाजपा को मेयर चुनाव की तर्ज पर कमेटी के चुनाव में भी क्रास वोटिंग का डर सता रहा था। निगम सदन की 30 जनवरी को होने वाली बैठक के दिन ही वित्त एवं अनुबंध समिति के चुनाव तय किए गए हैं।
विज्ञापन


...इसलिए कांग्रेस के लिए छोड़नी पड़ी एक सीट
एक रणनीति के तहत कैंथ और क्रॉस वोटिंग को रोका जा सके, इसलिए सत्ता पक्ष पार्टी को पांच सदस्यों पर आधारित वित्त एवं अनुबंध समिति में कांग्रेस के लिए एक सीट छोड़नी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अंत समय तक लेते रहे खबर
पार्षद सतीश कैंथ के नामांकन प्रक्रिया में हिस्सा लेने को लेकर भाजपा में इस कदर तनाव था कि शाम पांच बजे के आसपास पार्टी के पार्षद नगर निगम सचिव सौरभ मिश्रा के कार्यालय के आसपास घूमते नजर आए। सबसे पहले पार्षद विनोद अग्रवाल आए। उनके जाने के बाद पार्टी के ही तीन अन्य सदस्यों में से दो उम्मीदवार पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली और रविकांत शर्मा के साथ-साथ गुरप्रीत सिंह ढिल्लों तो एडिशनल कमिश्नर और सचिव सौरभ मिश्रा के कार्यालय में उनके साथ बैठ गए।

सौरभ मिश्रा किसी बैठक में भाग लेने के लिए कुछ समय के लिए कार्यालय से बाहर गए हुए थे। वे शाम 4.50 बजे अपने ऑफिस में आकर बैठ गए ताकि कोई अन्य उम्मीदवार नामांकन भरने आता है तो वह मौजूद रह सकें। इसी बीच

जब कैंथ के नहीं आने की सूचना आई, तब कमरे में मौजूद पार्षदों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई।

हमें सूद, जसवाल और सुनीता को रोकना था : कैंथ
भाजपा से निष्कासित पार्षद सतीश कैंथ का कहना है कि यदि पार्षद अरुण सूद, आशा जसवाल या सुनीता धवन होतीं तो वे नामांकन करने जरूर आते। उन्हें जब पता चला कि इन तीनों में से किसी ने भी वित्त एवं अनुबंध समिति के लिए नामांकन नहीं भरा तो वे भी अपना नामांकन नहीं भरने आए। हमें इन्हें रोकना था, जिसमें हम सफल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed