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चंडीगढ़ नगर निगम में अब नहीं चलेगी सिफारिश, ऑनलाइन आवंटित होंगे मकान, डाटा तैयार

Mon, 29 Jun 2020 10:24 AM IST
खुशबू गोयल नवदीप मिश्रा, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 29 Jun 2020 10:24 AM IST
सार

  • सिफारिश और विवादों के कारण नौ महीने से नहीं मिले हैं मकान
  • आधा डाटा तैयार, प्रशासन के सॉफ्टवेयर से ही चलेगी प्रक्रिया

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Nagar Nigam Chandigarh Decision to Distribute Flats Online
फाइल फोटो

विस्तार

चंडीगढ़ प्रशासन की तर्ज पर अब नगर निगम भी सरकारी मकान आवंटन की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने जा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने अपना आधा डाटा तैयार कर लिया है। जल्द ही डाटा पूरा तैयार करने के साथ ही निगम ऑनलाइन मकान आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर देगा। एडिशनल कमिश्नर अनिल गर्ग ने बताया कि मकानों के आवंटन में कई तरह की सिफारिशें आ जाती हैं।
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इसको लेकर कई बार बैठक की गई, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। अब कमिश्नर केके यादव के निर्देश पर प्रशासन की तर्ज पर निगम ने भी मकान आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रशासन से ही सॉफ्टवेयर लेने का फैसला लिया गया है ताकि आवंटन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा सके। नगर निगम में सिफारिश और विवादों के कारण पिछले 9 माह से मकान आवंटित नहीं हुए हैं।
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सिफारिशों के कारण एडिशनल कमिश्नर ने मकान आवंटन करने से मना कर दिया। जब दबाव बढ़ा तो कमिश्नर को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। कमिश्नर की सख्ती के बाद लोगों ने सीधे तौर पर कहना तो बंद कर दिया, लेकिन मौका मिलने पर फोन से या करीबियों से सिफारिश लगाने में पीछे नहीं हटे। ऐसे में ऑनलाइन मकान आवंटन का फैसला लिया गया।
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ज्यादातर सेक्टरों में निगम के मकान लेकिन हालत ठीक नहीं

वर्ष 1996 में प्रशासन से जो लोग नगर निगम में आए उनके मकान भी निगम को मिल गए लेकिन वर्ष 2006 में काफी संख्या में कर्मचारी वापस प्रशासन में चले गए। हालांकि वर्तमान में सेक्टर 33, 20, 23, 7, 22, वाटर वर्क्स 26, 39, 32, सेक्टर 37, मनीमाजरा, सेक्टर 11 व पीजीआई में निगम के मकान हैं, लेकिन इनकी हालत बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है। कहीं छतों से पानी टपक रहा है तो कहीं पेयजल की समस्या है।

प्रशासन में भी सिफारिशों के कारण रहता था दबाव
शहर में पंजाब-हरियाणा से भी अधिकारी व कर्मचारी डेपुटेशन पर आते हैं। ऐसे में बेहतर मकान की प्राथमिकता के लिए पंजाब-हरियाणा के अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक की सिफारिश आतीं थीं। चंडीगढ़ के अधिकारी इसका विरोध भी करते थे। इसी समस्या के समाधान के लिए तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी बीएल शर्मा ने नियम बनाए और डॉ. अजय सिंगला ने सॉफ्टवेयर तैयार कराया। अब प्रशासन में मकान आवंटन को लेकर कोई समस्या नहीं है।

मकान आवंटन के लिए सभी कर्मचारी दावेदार हैं इसलिए इस प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए सॉफ्टवेयर का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है।  
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम  

सॉफ्टवेयर में नाम अपलोड करने के लिए डाटा तैयार किया जा रहा है। लगभग आधे से ज्यादा डाटा तैयार हो गया है। डाटा पूरा होते ही ऑनलाइन मकान आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- अनिल गर्ग, एडिशनल कमिश्नर व मकान आवंटन के प्रभारी अधिकारी
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