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आपने आयकर रिटर्न अब तक नहीं जमा करवाया तो जमा करवा दें। आयकर रिटर्न जमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। आयकरदाताओं की सुविधा के लिए आयकर विभाग ने ईद के मौके पर भी अपने काउंटर खोल दिए।
हालांकि, ईद के दिन यहां रिटर्न भरने वाले ज्यादा नहीं पहुंचे। आयकर विभाग द्वारा चंडीगढ़ सेक्टर-17 के आयकर भवन, पंचकूला आयकर भवन और मोहाली में आयकर के दफ्तरों में रिटर्न भरने की व्यवस्था की गई है।
यदि किसी को रिटर्न भरना नहीं आता है तो उसके लिए आयकर रिटर्न प्रिपेयर हैं। जिनके नंबर विभाग ने बोर्ड पर डिस्प्ले किए हैं। यही नहीं, किसी असुविधा पर आयकर विभाग की हेल्प डेस्क पर जानकारी दी जा सकती है।
व्यापार में घाटा तो रिटर्न जरूर भरें
जिन लोगों का छोटा व्यापार है और उनको अपने व्यापार में नुकसान हो गया है तो वह अपने इस नुकसान को आगे तभी ले जा सकते हैं, जब वह 31 जुलाई तक आयकर रिटर्न भर दें। ऐसी स्थिति में छोटे व्यापारियों के लिए यह अलर्ट का समय है।
रिवाइज का मिलेगा मौका
आप अपने आयकर रिटर्न को 31 जुलाई तक जमा कर देंगे तो आपको आयकर विभाग द्वारा कई लाभ मिलेंगे। आपके फार्म में कोई गलती होने की सूरत में भी आप अपनी गलती को कभी भी सुधार सकते हैं। हां, यदि रिटर्न आपने देरी में भरी तो आपको किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिलेगी।
आठ फीसदी लाभ दिखाएं
आपका छोटा व्यापार है तो सरकार ने आपके लिए बेहतर नियम बनाया है। आपको किताब रखने की आवश्यकता नहीं। आठ फीसदी लाभ दिखाएं और उसके ऊपर टैक्स दें। हां, यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो छोटा व्यापार होने पर भी आपको आडिट करवाना जरूरी होगा।
रिफंड के लिए अभी से सख्ती
आपको अपना रिफंड चाहिए तो जरा नियम के अनुसार फार्म भरें। आपकी जरा सी गलत जानकारी से आपका रिफंड नहीं होगा। चाहे आप ई फाइलिंग करें या फिर मैनुअल फाइलिंग अपनी हर जानकारी सही तरह से लिखें।
सुशील के सिंगला, चार्टर्ड एकाउंटेंट
अब एसयूवी पर आयकर की नजर
अब आयकर विभाग सोर्स पर कर कटौती (टीडीएस) के माध्यम से अपनी कमाई को बढ़ाने का इंतजाम करने में लग गया है। इसके तहत ज्यादा वेतन-भत्ता पाने वालों का कर ब्यौरा देखा जा रहा है। आयकर विभाग का यह अभियान चंडीगढ़ समेत देश के कई हिस्सो में चल रहा है। इसमें कारों खासतौर पर एसयूवी और लग्जरी सेडान से लेकर अफसरों के खर्च तक को देखा जा रहा है। ध्यान रहे कि पिछले वर्ष भी आयकर विभाग ने टीडीएस के लिए कई कंपनियों को नोटिस भेजे थे।
टीडीएस से एक तिहाई आय
आयकर विभाग को सालाना होने वाली आय में टीडीएस का हिस्सा एक तिहाई होता है। विभाग आय बढ़ाने के लिए यह हिस्सेदारी और बढ़ाना चाहता है। आयकर विभाग के एक सूत्र के अनुसार, देश के मुख्य आयकर आयुक्तों की बैठक में बड़ी सरकारी और निजी कंपनियों के टीडीएस ब्यौरों को बारीकी से देखा जा रहा है।
छोटे, बड़े सब पर निशाना
आयकर विभाग के इस अभियान के अंतर्गत कंपनियों के शीर्ष अफसरों के वेतन-भत्तों पर खास नजर है। देखा यह भी जा रहा है कि ऐसे कर्मचारियों को आयकर कंसल्टेंट बताकर टीडीएस चोरी तो नहीं हो रही है।
खर्च व निवेश देखेंगे
आयकर विभाग अपने अभियान के अंतर्गत कुछ श्रेणियों के अफसरों के खर्च और निवेश पर भी गौर कर रहा है। जिससे उनकी अघोषित और गुप्ता आय का पता लगाकर कर वसूली की जा सके। बड़ी होटलों और माल में किए जाने वाले खर्च पर नजर रखी जाएगी।