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मुरथल गैंगरेप: पुलिस से पीड़ित नहीं ढूंढे जाते तो कोर्ट को ढूंढना आता है

Wed, 06 Apr 2016 11:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 06 Apr 2016 11:08 AM IST
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murthal rape in jat protest: severe reproof to Haryana Police by high court
कोर्ट - फोटो : demo pics

हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल में कथित दुराचार की घटनाओं के बारे में सुनवाई कर रही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को बिना तैयारी के पहुंचे हरियाणा सरकार के वकीलों को जमकर फटकार लगाई।

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जस्टिस एसएस सरों और जस्टिस गुरमीत राम की डिविजन बेंच द्वारा उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने पर हरियाणा के एजी बलदेव राज महाजन को बेंच ने अगली सुनवाई पर पूरी तैयारी के साथ आने की ताकीद की। इसके साथ ही अदालत ने हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान न्यायिक अफसरों की सुरक्षा वापस लिए जाने के मुद्दे पर सात जिलों- रोहतक, सोनीपत, झज्जर, जींद, हिसार, भिवानी और कैथल को सेशन जजों से रिपोर्ट तलब की है।
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हाईकोर्ट ने आंदोलन की हिंसा के दौरान न्यायिक अफसरों की स्थिति के बारे में ईमेल के जरिए हाईकोर्ट को सूचना देने वाली झज्जर की डीसी अनिता यादव को अगली सुनवाई पर कोर्ट में उपस्थित होकर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होगी।
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सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान एमिक्स क्यूरे अनुपम गुप्ता ने अदालत को बताया कि मुरथल रेप मामले में उनके पास पीड़ित और गवाहों के आडियो और वीडियो उपलब्ध हैं जबकि हरियाणा पुलिस बार-बार कोई पीड़ित न होने और कोई गवाह नहीं होने का हवाला दे रही है। उन्होंने अदालत से कहा कि उनके पास एक पीड़ित की मां का आडियो क्लिप है जिसमें वे बता रही हैं कि उस रात रेप हुआ था।

कोर्ट ने जांच के तरीके को 'अबोर्शन आफ इन्वेस्टीगेशन' की संज्ञा दी

murthal rape in jat protest: severe reproof to Haryana Police by high court
कोर्ट - फोटो : demo pics

एमिक्स क्यूरे अनुपम गुप्ता ने यह आडियो अदालत में चलाने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि एक सामाजिक कार्यकर्ता पीपी कपूर ने एसआईटी को दिए बयान में कहा था कि दो लोगों ने मुरथल में रेप की बात मानी है लेकिन हरियाणा पुलिस द्वारा अदालत को दी गई स्टेटस रिपोर्ट में इसका जिक्र तक नहीं किया गया। एमिक्स क्यूरे ने हरियाणा पुलिस के जांच के तरीके को अबोर्शन आफ इन्वेस्टीगेशन की संज्ञा दी।

एमिक्स क्यूरे द्वारा उठाए गए सवालों पर जवाब देते हुए हरियाणा सरकार के वकीलों ने अदालत से कहा कि सरकार ने हिंसा के मामले में कड़े कदम उठाए थे। अब तक दो हजार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अदालत द्वारा एफआईआर का रिकार्ड मांगे जाने पर हरियाणा पुलिस की ओर से वकीलों ने रिकार्ड पेश करने के साथ ही एक गवाह दलेल सिंह के बयान कोर्ट में पढ़कर सुनाए। इस पर एमिक्स क्यूरे ने आपत्ति जताते हुए कोर्ट से कहा कि मुरथल गैंग रेप मामले में रमेश और बलवान आई विटनेस थे, यह दलेल सिंह कहां से आ गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस फर्जी गवाह बनाकर मामले को दबाना चाहती है। हरियाणा पुलिस ने इस आरोप का खंडन करते हुए जानकारी दी कि अब तक जितने भी लोग पुलिस ने गिरफ्तार किए, उनमें से किसी ने नहीं माना कि मुरथल में दुराचार हुआ था। इस पर जस्टिस एसएस सरों ने पुलिस पूछताछ में लोगों द्वारा दिए गए बयानों का रिकार्ड मांगा तो हरियाणा पुलिस अदालत में खाली हाथ खड़ी दिखाई दी।

कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि क्या अब गिरफ्तार लोग बताएंगे कि रेप हुआ या नहीं। कोर्ट ने साफ किया कि अगर पुलिस से पीड़ित नहीं ढूंढे जा रहे तो अदालत को पीड़ित ढूंढने आते हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 11 अप्रैल तय करते हुए हरियाणा पुलिस को हिदायत दी कि सुनवाई पर पूरे रिकार्ड और तथ्यों के साथ हाजिर हों।

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