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मुरथल गैंगरेप केस की सुनवाई कर रही जज पर बनाया जा रहा है दबाव: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 01 Mar 2017 09:16 AM IST
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हाईकोर्ट
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान कथित रूप से मुरथल में हुए गैंगरेप मामले की सुनवाई करने वाली सोनीपत की महिला जज पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह बात किसी और ने नहीं बल्कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पीआईएल बेंच ने स्वत: संज्ञान के तहत सुनी जा रही याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। अमिकस क्यूरी ने इसपर बैंच का साथ देते हुए कहा कि न्यायपालिका को दबाव में लाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
हरियाणा सरकार भी इस मामले में बैंच के साथ खड़ी दिखाई दी और बैंच से अनुरोध किया कि प्रशासनिक स्तर पर जज से पूछा जाए कि कौन दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है और उसके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दें। अन्यथा हरियाणा सरकार को कार्रवाई करने का जिम्मा सौंपे। मामले की सुनवाई आरंभ होते ही मंगलवार को हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से मुरथल गैंगरेप पर उनका पक्ष पूछा।
हरियाणा सरकार ने बताया कि इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और निचली कोर्ट में ट्रायल भी चल रहा है। इस दौरान जस्टिस एसएस सारौं ने कहा कि उन्हें पता चला है कि सोनीपत में यह केस सुन रही महिला जज पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसपर हरियाणा सरकार ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। राज्य की जिम्मेदारी है कि न्यायिक अधिकारियों को पूरी सुरक्षा मुहैया करवाई जाए और सरकार इसके लिए प्रतिबद्घ है।
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हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट से अपील की कि प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाने वाले का नाम पता किया जाए। सरकार ने कहा कि हमे समाज केबीच यह संदेश देना होगा कि न्यायपालिका कमजोर नहीं है और दबाव बनाने वाले को इसका अंजाम भुगतना ही होगा। हालांकि हाईकोर्ट ने इस दिशा में कोई आदेश जारी नहीं किए।
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हरियाणा सरकार भी इस मामले में बैंच के साथ खड़ी दिखाई दी और बैंच से अनुरोध किया कि प्रशासनिक स्तर पर जज से पूछा जाए कि कौन दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है और उसके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दें। अन्यथा हरियाणा सरकार को कार्रवाई करने का जिम्मा सौंपे। मामले की सुनवाई आरंभ होते ही मंगलवार को हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से मुरथल गैंगरेप पर उनका पक्ष पूछा।
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हरियाणा सरकार ने बताया कि इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और निचली कोर्ट में ट्रायल भी चल रहा है। इस दौरान जस्टिस एसएस सारौं ने कहा कि उन्हें पता चला है कि सोनीपत में यह केस सुन रही महिला जज पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसपर हरियाणा सरकार ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। राज्य की जिम्मेदारी है कि न्यायिक अधिकारियों को पूरी सुरक्षा मुहैया करवाई जाए और सरकार इसके लिए प्रतिबद्घ है।
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हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट से अपील की कि प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाने वाले का नाम पता किया जाए। सरकार ने कहा कि हमे समाज केबीच यह संदेश देना होगा कि न्यायपालिका कमजोर नहीं है और दबाव बनाने वाले को इसका अंजाम भुगतना ही होगा। हालांकि हाईकोर्ट ने इस दिशा में कोई आदेश जारी नहीं किए।
आंदोलन के दौरान दर्ज मामले वापिस लेने और मुआवजे का उठा मुद्दा
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
मामले की सुनवाई के दौरान ही कोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा कि उनकी जानकारी में आया है कि आंदोलन के दौरान जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया था उसे वापिस लेने की बात कही जा रही है। कोर्ट की बात को आगे बढ़ाते हुए अमिकस क्यूरी अनुपम गुप्ता ने अखबार में प्रकाशित समाचारों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने घायलों को मुआवजा देने तक की योजना बनाई है।
इस दौरान गुप्ता ने कहा कि सरकार को इस बारे में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए कि वे आंदोलनकारियों की किन शर्तों को मान सकते हैं और किन शर्तों को नहीं। आंदोलनकारियों के बीच यह संदेश न जाए कि सरकार ने दबाव में आकर केस वापिस लिए हैं।
अगली सुनवाई पर मुरथल मामले में रिपोर्ट दे एसआईटी
मुरथल गैंगरेप मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल न करने पर हाईकोर्ट ने एसआईटी को आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक वे जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। इसके साथ ही रोहतक के ज्यूडिशियल ऑफिसर द्वारा दाखिल की गई रिपोर्ट पर हरियाणा सरकार अपना जवाब भी अगली सुनवाई तक दाखिल करे।
इस दौरान गुप्ता ने कहा कि सरकार को इस बारे में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए कि वे आंदोलनकारियों की किन शर्तों को मान सकते हैं और किन शर्तों को नहीं। आंदोलनकारियों के बीच यह संदेश न जाए कि सरकार ने दबाव में आकर केस वापिस लिए हैं।
अगली सुनवाई पर मुरथल मामले में रिपोर्ट दे एसआईटी
मुरथल गैंगरेप मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल न करने पर हाईकोर्ट ने एसआईटी को आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक वे जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। इसके साथ ही रोहतक के ज्यूडिशियल ऑफिसर द्वारा दाखिल की गई रिपोर्ट पर हरियाणा सरकार अपना जवाब भी अगली सुनवाई तक दाखिल करे।