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ज्योति हत्याकांड में दो गवाह बयान से पलटे

Wed, 13 Nov 2013 01:19 AM IST
अमर उजाला, पंचकूला
अमर उजाला, पंचकूला Updated Wed, 13 Nov 2013 01:19 AM IST
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murder eye witness turned hostile

बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में मंगलवार को सेशन कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दो गवाह अपने पूर्व बयानों से पलट गए।

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कार्यवाही के दौरान कुल सात गवाहियां हुईं, जिनमें दो गवाहों ने कोर्ट में वे बयान बदल लिए, जो पुलिस की चार्जशीट में हैं। अब इस मामले की सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।

वारदात में इस्तेमाल हुई टोयोटा एलटिस कार के असली मालिक कृष्ण जोशी, ट्रक के असली मालिक अमरजीत सिंह और ऑल्टो के मालिक लखविंद्र सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था।
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मंगलवार को कोर्ट में अमरजीत और लखविंद्र अपने पूर्व बयानों से पलट गए। इसके अलावा साइबर सेल से सिपाही सिद्धार्थ, मुख्य आरोपी विधायक रामकुमार की पत्नी, अन्य के फोन टैप करने वाले सिपाही गुरपिंद्र, केस से संबंधित रिकॉर्ड संभालने वाले हेड कांस्टेबल भरतू राम और बाल व अन्य सैंपल लैब तक पहुंचाने वाले सिपाही तारा चंद ने भी कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए।
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अमरजीत के पूर्व बयान
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, अमरजीत उस ट्रक का मालिक है, जिससे ज्योति के चेहरे को कुचला गया था। सबूत मिटाने के लिए ट्रक के टायर जला दिए गए थे।

अमरजीत ने पहले बयान दिए थे कि उसका भाई तिलकराज उस ट्रक का इस्तेमाल करता था। उसकी देखरेख का जिम्मा तिलकराज के पास था और वही उसे चलाता था।

अब कोर्ट में बयान पलटा

अमरजीत ने कोर्ट में कहा कि ट्रक उसके पास ही रहता था। वारदात से कई दिन पहले तक और कई दिन बाद तक ट्रक उसके बद्दी स्थित घर से बाहर ही नहीं गया।

लखविंद्र के पहले के बयान
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, लखविंद्र ने बयान दिए थे कि वह ऑल्टो गाड़ी का मालिक है। परमजीत उर्फ पम्मा इस गाड़ी का इस्तेमाल कर रहा था। पम्मा उसका जानकार है और उसने कार उसे दे रखी थी। चार्जशीट के मुताबिक, वारदात के दिन ऑल्टो कार का पंचकूला में इस्तेमाल किया गया था और गाड़ी पम्मा चला रहा था।


अब कोर्ट में बयान पलटा
कोर्ट में लखविंद्र ने कहा कि मेरी गाड़ी मेरे पास ही थी। यह गाड़ी कभी किसी को इस्तेमाल करने के लिए नहीं दी गई।

एलटिस बेचने संबंधी नहीं थे दस्तावेज
पुलिस की चार्जशीट में कहा गया है कि वारदात में टोयोटा एलटिस गाड़ी का इस्तेमाल हुआ था, जिसमें मौजूद रामकुमार चौधरी व अन्य ने ज्योति की हत्या की थी।

उसके बाद सेक्टर-21 में सड़क पर फेंक दिया था। गाड़ी का इस्तेमाल रामकुमार चौधरी करता था।

अब गाड़ी के असली मालिक कृष्ण जोशी ने कोर्ट में कहा कि उसने तो गाड़ी अपने पार्टनर धर्मपाल को बेच दी थी, लेकिन जोशी कोर्ट में गाड़ी बेचने संबंधी कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका।

यह है मामला
22 नवंबर 2012 को सेक्टर-21 में सड़क किनारे एक लड़की का शव मिला था। उसकी पहचान होशियारपुर निवासी ज्योति के रूप में हुई थी।

इस हत्या के लिए पुलिस ने हिमाचल के दून के विधायक रामकुमार चौधरी सहित 12 लोगों को आरोपी बनाकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर रखी है।

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