{"_id":"5b5b02e74f1c1bf6548b5476","slug":"municipal-tax-on-electricity-rates-in-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ा झटकाः चंडीगढ़ में महंगी हुई बिजली, हर यूनिट पर लगेगा 10 पैसे म्यूनिसिपल टैक्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ा झटकाः चंडीगढ़ में महंगी हुई बिजली, हर यूनिट पर लगेगा 10 पैसे म्यूनिसिपल टैक्स
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 27 Jul 2018 05:03 PM IST
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बिजली का बिल
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गो सेस लगाने के बाद एक बार फिर से बिजली महंगी हो गई है। नगर निगम की बैठक में बिजली की हर यूनिट पर 10 पैसे म्युनिसिपल टैक्स लगाने का फैसला ले लिया गया। हालांकि कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। अब अगर किसी घर में हर माह 500 यूनिट बिजली की खपत होती है तो अब म्युनिसिपल टैक्स के लगने के बाद 50 रुपये प्रति माह अतिरिक्त देने होंगे।
बता दें कि पिछले माह ही सदन ने बिजली की हर यूनिट पर दो पैसे गो सेस लगाने का फैसला लिया था। बिजली पर म्युनिसिपल टैक्स लगने से निगम को हर साल 10 करोड़ की कमाई होगी। नगर निगम के अनुसार, पंजाब व हरियाणा में भी यह टैक्स चार्ज किया जा रहा है। नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने कहा कि इससे होने वाली कमाई शहर में लगी स्ट्रीट लाइटों पर ही खर्च की जाएगी।
ऐसे में शहर की स्ट्रीट लाइटें बेहतर होंगी मालूम हो कि पहले से ही जेईआरसी ने इस साल अप्रैल माह से बिजली के रेट बढ़ाए हैं। शहर में कुल 2.25 लाख बिजली के उपभोक्ता हैं, जिनमें एक लाख 75 हजार कनेक्शन घरेलू हैं जबकि नगर निगम ने जो दो प्रतिशत सेस लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है वह घरेलू और व्यवसायिक दोनों कनेक्शन पर लागू होगा।
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प्रशासन के अनुसार हर साल 17500 लाख यूनिट बिजली की खपत शहर में होती है। इसमें गर्मी में प्रतिदिन 54 लाख यूनिट जबकि सर्दी में प्रतिदिन 34 लाख यूनिट बिजली की खपत होती है। कांग्रेस पार्षद दल के नेता देवेंद्र सिंह बबला ने सदन में कहा कि 15 साल तक कांग्रेस ने नगर निगम पर कब्जा किया लेकिन उस समय तक शहरवासियों पर कोई टैक्स नहीं थोपा गया।
बबला ने कहा कि अच्छे दिनों का वादा किया गया था लेकिन अब शहरवासी कह रहे हैं कि उनके पुराने दिन ही वापस दे दिए जाएं जबकि मेयर देवेश मोदगिल ने कहा कि 15 साल तक कांग्रेस ने कुछ नहीं किया इसलिए इस समय नगर निगम की हालत खस्ता हो गई है कि नए काम करवाने के लिए फंड नहीं है।
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बता दें कि पिछले माह ही सदन ने बिजली की हर यूनिट पर दो पैसे गो सेस लगाने का फैसला लिया था। बिजली पर म्युनिसिपल टैक्स लगने से निगम को हर साल 10 करोड़ की कमाई होगी। नगर निगम के अनुसार, पंजाब व हरियाणा में भी यह टैक्स चार्ज किया जा रहा है। नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने कहा कि इससे होने वाली कमाई शहर में लगी स्ट्रीट लाइटों पर ही खर्च की जाएगी।
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ऐसे में शहर की स्ट्रीट लाइटें बेहतर होंगी मालूम हो कि पहले से ही जेईआरसी ने इस साल अप्रैल माह से बिजली के रेट बढ़ाए हैं। शहर में कुल 2.25 लाख बिजली के उपभोक्ता हैं, जिनमें एक लाख 75 हजार कनेक्शन घरेलू हैं जबकि नगर निगम ने जो दो प्रतिशत सेस लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है वह घरेलू और व्यवसायिक दोनों कनेक्शन पर लागू होगा।
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प्रशासन के अनुसार हर साल 17500 लाख यूनिट बिजली की खपत शहर में होती है। इसमें गर्मी में प्रतिदिन 54 लाख यूनिट जबकि सर्दी में प्रतिदिन 34 लाख यूनिट बिजली की खपत होती है। कांग्रेस पार्षद दल के नेता देवेंद्र सिंह बबला ने सदन में कहा कि 15 साल तक कांग्रेस ने नगर निगम पर कब्जा किया लेकिन उस समय तक शहरवासियों पर कोई टैक्स नहीं थोपा गया।
बबला ने कहा कि अच्छे दिनों का वादा किया गया था लेकिन अब शहरवासी कह रहे हैं कि उनके पुराने दिन ही वापस दे दिए जाएं जबकि मेयर देवेश मोदगिल ने कहा कि 15 साल तक कांग्रेस ने कुछ नहीं किया इसलिए इस समय नगर निगम की हालत खस्ता हो गई है कि नए काम करवाने के लिए फंड नहीं है।