{"_id":"6089c9a38ebc3ed9b81a2c6f","slug":"municipal-employees-careful-if-you-do-not-wear-a-smile-watch-salary-will-not-be-available-from-may-chandigarh-news-pkl4118110197","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम के कर्मचारी सावधान.. स्माई घड़ी नहीं पहनी तो मई से नहीं मिलेगा वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम के कर्मचारी सावधान.. स्माई घड़ी नहीं पहनी तो मई से नहीं मिलेगा वेतन
विज्ञापन
चंडीगढ़। अब निगम के कर्मचारियों को मई महीने से स्मार्ट घड़ी पहनने पर ही वेतन मिलेगा। सदन ने सफाई कर्मचारियों की स्मार्ट घड़ियां न पहनने वाली कमेटी की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। कर्मचारियों की लाइव लोकेशन को एक लिंक के माध्यम से निगम की वेबसाइट पर डाला जाएगा। साथ ही क्षेत्रवार कर्मचारी के नाम व नंबर की सूची भी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी ताकि लोग अपने क्षेत्र के कर्मचारी के बारे में जानकारी ले सकें। हालांकि घड़ी से आने वाली समस्याओं के लिए एक कमेटी भी बनेगी। जो समस्याओं का समाधान करेगी।
बुधवार को निगम में हुई बैठक में स्मार्ट घड़ियों को लेकर एजेंडा लाया गया था। बैठक में निगम आयुक्त केके यादव ने कहा कि कर्मचारियों को घड़ी पहनने की अनुमति, वेतन घड़ी के अनुसार या मैनुअल देने के फैसले जनप्रतिनिधि लेंगे और कंपनी को अनुबंध के अनुसार रुपये देने का फैसला अधिकारी करेंगे, यह गलत है। अनुबंध रद्द होता है तो कंपनी को रुपये कौन देगा, इसका फैसला भी सदन करे, इसमें अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं होगी।
पार्षदों ने कहा कि घड़ी से क्या फायदे हुए, यह रिपोर्ट निगम को देनी चाहिए। आयुक्त ने कहा कि यह रिपोर्ट कमेटी को मांगनी चाहिए थी। वैसे घड़ी पहनने के बाद 250 कर्मचारियों की जानकारी मिली, जो काम किए बिना वेतन ले रहे थे। पार्षदों ने जब इन कर्मचारियों की रिपोर्ट मांगी तो आयुक्त ने कहा कि उन्हें निकाल दिया गया है। फिलहाल ऐसी कोई रिपोर्ट हमारे पास नहीं है। कांग्रेस पार्षद देवेंदर सिंह बबला ने कहा कि शहर की बेहतर व्यवस्था के लिए कर्मचारियों को घड़ी पहननी चाहिए।
विज्ञापन
चाइनीज घड़ी है.. 1300 रुपये की मिल जाती है : सूद
घड़ी के मुद्दे पर भाजपा पार्षद अरुण सूद ने कहा कि यह चाइनीज घड़ी है। 1200 से 1300 रुपये में मिल जाती है जबकि इसके खो जाने पर कर्मचारियों पर 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। आयुक्त ने सूद से कहा कि अपना सूत्र बताएं, इस पर सूद ने कहा कि मैंने ऑनलाइन देखा है।
आपका फ्रेम सदन से अलग रहता है : केके यादव
स्मार्ट घड़ी को लेकर अरुण सूद व निगम आयुक्त केके यादव में एक बार फिर विवाद हो गया। सूद ने कहा कि जो लोग घर बैठकर वेतन ले रहे हैं और जिनके के कारण यह हो सका, दोनों पर कानूनी कार्रवाई के साथ रिकवरी की जाए। आयुक्त ने कहा कि उन लोगों का निकाला जा चुका है। अब यह नहीं हो सकता। बहस के दौरान आयुक्त ने कहा कि आपका फ्रेम सदन से अलग रहता है। इस पर सूद ने कहा कि आप मेरे ऊपर टिप्पणी कर रहे हैं। आयुक्त ने कहा कि आप बाहर आश्वासन दे आते हैं, बाद में अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। हालांकि भाजपा पार्षद राजेश कालिया ने ऐसी किसी जांच से मना कर दिया।
विज्ञापन
बुधवार को निगम में हुई बैठक में स्मार्ट घड़ियों को लेकर एजेंडा लाया गया था। बैठक में निगम आयुक्त केके यादव ने कहा कि कर्मचारियों को घड़ी पहनने की अनुमति, वेतन घड़ी के अनुसार या मैनुअल देने के फैसले जनप्रतिनिधि लेंगे और कंपनी को अनुबंध के अनुसार रुपये देने का फैसला अधिकारी करेंगे, यह गलत है। अनुबंध रद्द होता है तो कंपनी को रुपये कौन देगा, इसका फैसला भी सदन करे, इसमें अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं होगी।
विज्ञापन
पार्षदों ने कहा कि घड़ी से क्या फायदे हुए, यह रिपोर्ट निगम को देनी चाहिए। आयुक्त ने कहा कि यह रिपोर्ट कमेटी को मांगनी चाहिए थी। वैसे घड़ी पहनने के बाद 250 कर्मचारियों की जानकारी मिली, जो काम किए बिना वेतन ले रहे थे। पार्षदों ने जब इन कर्मचारियों की रिपोर्ट मांगी तो आयुक्त ने कहा कि उन्हें निकाल दिया गया है। फिलहाल ऐसी कोई रिपोर्ट हमारे पास नहीं है। कांग्रेस पार्षद देवेंदर सिंह बबला ने कहा कि शहर की बेहतर व्यवस्था के लिए कर्मचारियों को घड़ी पहननी चाहिए।
विज्ञापन
चाइनीज घड़ी है.. 1300 रुपये की मिल जाती है : सूद
घड़ी के मुद्दे पर भाजपा पार्षद अरुण सूद ने कहा कि यह चाइनीज घड़ी है। 1200 से 1300 रुपये में मिल जाती है जबकि इसके खो जाने पर कर्मचारियों पर 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। आयुक्त ने सूद से कहा कि अपना सूत्र बताएं, इस पर सूद ने कहा कि मैंने ऑनलाइन देखा है।
आपका फ्रेम सदन से अलग रहता है : केके यादव
स्मार्ट घड़ी को लेकर अरुण सूद व निगम आयुक्त केके यादव में एक बार फिर विवाद हो गया। सूद ने कहा कि जो लोग घर बैठकर वेतन ले रहे हैं और जिनके के कारण यह हो सका, दोनों पर कानूनी कार्रवाई के साथ रिकवरी की जाए। आयुक्त ने कहा कि उन लोगों का निकाला जा चुका है। अब यह नहीं हो सकता। बहस के दौरान आयुक्त ने कहा कि आपका फ्रेम सदन से अलग रहता है। इस पर सूद ने कहा कि आप मेरे ऊपर टिप्पणी कर रहे हैं। आयुक्त ने कहा कि आप बाहर आश्वासन दे आते हैं, बाद में अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। हालांकि भाजपा पार्षद राजेश कालिया ने ऐसी किसी जांच से मना कर दिया।