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नगर निगम मीटिंग: पार्किंग से राहत तो पार्कों पर टकराव
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Fri, 22 Apr 2016 01:44 AM IST
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मोहाली म्युनिसिपल कारपोरेशन की मीटिंग
- फोटो : amar ujala
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नगर निगम की वीरवार को हुई हाउस की मीटिंग में विधानसभा चुनावों की आहट साफ दिखी। इस दौरान जहां पेड पार्किंग को खत्म कर लोगों को बड़ी राहत दी गई। वहीं, 328 मुलाजिमों को रेगुलर करने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया। हालांकि पार्कों का मुद्दा एजेंडे में नहीं था, लेकिन इस मामले को लेकर सत्ताधारी (आजाद-कांग्रेस) व विपक्षी (अकाली दल-बीजेपी) की आपस में जमकर बहसबाजी हुई।
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सत्ताधारी दल ने इस मामले में विपक्ष पर जमकर आरोप लगाए। हालांकि मेयर ने दोनों पक्षों को शांत करवाया। मीटिंग में पहले पार्षद प्रिंस की मां की मृत्यु पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। फिर अकाली पार्षद परमजीत सिंह काहलों को अकाली दल का शहरी प्रधान बनने के लिए बधाई दी गई। इसके बाद मीटिंग में जैसे ही पेड पार्किंग का प्रस्ताव आया तो मेयर कुलवंत सिंह ने कहा कि वह खुद पेड पार्किंग को खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं। इससे शहर का नुकसान होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि वह प्रत्येक पार्षद से जानना चाहते हैं कि क्या वह पेड पार्किंग खत्म करने के पक्ष में हैं।
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इसके बाद मेयर ने कहा कि वह पार्किंग को सुधार कर लागू कर सकते हैं। इसके तहत उन्होंने बताया कि वह ऐसी शर्त रख सकते हैं कि अगर दो घंटे के लिए कोई पार्किंग में वाहन पार्क करता है तो उससे कोई पर्ची फीस नहीं ली जाएगी। इससे अधिक समय के लिए कोई वहां रुकता है तो उससे वसूली की जाएगी। इसके लिए उन्होंने प्रत्येक पार्षद से एक-एक करके राय जानी। इस दौरान अधिकतर पार्षद पेड पार्किंग को खत्म करने के पक्ष में थे। उनकी दलील थी कि पार्किंग पेड नहीं होनी चाहिए। जबकि कोई ऐसा सिस्टम बनाया जाना चाहिए, जिससे आम लोगों पर भी बोझ न पड़े। इसी बीच मेयर ने अधिकारियों से कहा कि आगे के लिए इस संबंधी प्रस्ताव तैयार करें। जिस पर निकट भविष्य में विचार किया जाएगा।
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ऐसे हुआ पार्कों के मामले पर टकराव: इसी बीच पार्षद आरपी शर्मा ने आरोप लगाया कि अकाली-बीजेपी वाले उनके इलाकों में काम नहीं होने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कारण पार्कों को गमाडा से हैंडओवर करने का मामला लटका हुआ है। इसी बीच अकाली व कांग्रेस-आजाद ग्रुप के पार्षद भिड़ गए। दोनों तरफ से काफी देर तक वाद-विवाद हुआ। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि अकाली दल के नेताओं के प्रभाव के चलते गमाडा वाले तो यहां तक पूछते हैं कि कौन सी पार्टी के नेता हैं।
‘पैसे क्या सोनिया गांधी भेज रही हैं’: अकाली दल वालों का कहना था कि एक तरफ कांग्रेस व आजाद वाले कहते हैं कि अकाली दल वाले काम नहीं होने दे रहे हैं। शहर का विकास नहीं होने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बताएं कि अब शहर में हो रहे विकास के लिए पैसे कहां से आ रहे हैं। अकाली पार्षदों का कहना है कि क्या शहर के विकास के लिए पैसे सोनिया या फिर राहुल गांधी भेज रहे हैं।
‘काम करवाया पार्षद ने, सांसद पहुंचे उद्घाटन करने’ : निगम के सीनियर डिप्टी मेयर रिशव जैन व पार्षद जसबीर सिंह ने कहा कि उनकी तरफ से भाग दौड़ कर फेज-11 में करोड़ों रुपये की लागत से पानी की पाइपें बदलने का काम करवाया गया। जब काम का चेक गमाडा ने पास कर दिया तो सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा खुद उद्घाटन करने पहुंच गए। जबकि इस काम को करवाने के लिए विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने पूरी मेहनत की। जबकि अकाली पार्षद परमजीत सिंह काहलो ने कहा कि यह काम सांसद ने ही पास करवाया है।
पानी बर्बादी के 475 चालान काटे: इस मौके पर प्रस्ताव पास किया गया कि अब पानी बर्बाद करने वालों के पांच हजार तक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा चालान भी काटे जाएंगे। वहीं, इस मौके पर बताया गया कि पानी बर्बाद करने वालों के खिलाफ शुरू की गई मुहिम के तहत अब तक 475 चालान काटे गए हैं। यह कार्रवाई आने वाले दिनों में चलती रहेगी।
पेड पार्किंग के मुद्दे पर बीजेपी पार्षदों में बिखराव: पेड पार्किंग खत्म करने संबंधी बहस में बीजेपी पार्षदों में बिखराव साफ दिखा। इस दौरान जहां अरुण शर्मा और अशोक झा ने पार्किंग को खत्म करने की बात कहीं। जबकि दो अन्य पार्षदों ने पेड पार्किंग को सुधार कर लागू करने के पक्ष में सहमति जताई। जबकि एक महिला पार्षद ने इस मामले में चुप्पी साधे रखी।