फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Municipal Corporation cleaned spot after the gas leakage in Ludhiana

लुधियाना गैस कांड: घटनास्थल पर निगम ने की सफाई, मैनहोल का ढक्कन बदल सील किया, सच छिपाने की कोशिश तो नहीं?

Tue, 02 May 2023 01:06 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 02 May 2023 01:06 AM IST
सार

पीपीसीबी ने दूसरे दिन सीवरेज लाइन के साथ-साथ आसपास की फैक्टरियों से केमिकल वाले पानी के सैंपल लिए हैं ताकि पता लगाया जा सके कि सीवरेज लाइन में जो केमिकल मिला है, वह किस इंडस्ट्री का है या नहीं। सैंपल को खरड़ लैब भेजा गया है।

विज्ञापन
Municipal Corporation cleaned spot after the gas leakage in Ludhiana
सैंपल जुटाती टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

लुधियाना नगर निगम के कर्मचारियों ने सोमवार को गैस रिसाव वाली जगह की जांच की और वहां साफ-सफाई भी कर दी। उस मैनहोल का ढक्कन बदलवा कर सील कर दिया है, जहां से गैस का रिसाव होने की आशंका है। वहीं, लोग सवाल उठा रहे हैं कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश है तो वहां साफ-सफाई क्यों कराई गई। कहीं सच छिपाने की कोशिश तो नहीं? सीवरेज लाइन के आसपास के सैंपल लेने चाहिए थे।

विज्ञापन


वहीं, एनडीआरएफ के अधिकारी डीएल जाखड़ ने बताया कि गैस का पता चलने के बाद उन्होंने सीनियर प्रशासनिक अधिकारियों से बात की थी और अपने एक्सपर्ट्स से भी बात की। प्रशासन के साथ मिल हल निकाला और गैस का असर कम करने के लिए काम किया। घटनास्थल के आस-पास काफी फैक्टरियां हैं, जिनमें बड़ी और छोटी फैक्टरियां शामिल हैं। इनका गंदा पानी सीवरेज लाइन में ही आता है। प्रशासन के लिए यह जांच करना मुश्किल हो रहा है कि सीवरेज में केमिकल युक्त अपशिष्ट कहां से आया और गैस कैसे बनी?
विज्ञापन


400 से ऊपर मिली गैस की मात्रा, केमिकल डाल कम किया असर
घटना के दूसरे दिन एनडीआरएफ की जांच में सीवरेज लाइन में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस की मात्रा 400 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) से ऊपर पाई है, जो सामान्य तौर पर 10 पीपीएम होनी चाहिए। यह ज्वलनशील भी है। इस दौरान जांच के लिए नमूने लेने के लिए सफाई की गई और गैस की मात्रा कम करने के लिए अन्य केमिकल डाले गए। इसके बाद ही गैस का असर कम हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

पीपीसीबी ने सैंपल लेकर लैब भेजे
पीपीसीबी ने दूसरे दिन सीवरेज लाइन के साथ-साथ आसपास की फैक्टरियों से केमिकल वाले पानी के सैंपल लिए हैं ताकि पता लगाया जा सके कि सीवरेज लाइन में जो केमिकल मिला है, वह किस इंडस्ट्री का है या नहीं। सैंपल को खरड़ लैब भेजा गया है।

सीसीटीवी फुटेज जब्त, पकड़ में आ सकते हैं केमिकल मिलाने वाले
इस घटना में सीसीटीवी फुटेज की मदद से सीवरेज लाइन में केमिकल डालने वाले आरोपी पकड़ में आ सकते है। फिलहाल पुलिस इस एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास कई सीसीटीवी चेक कर डीवीआर कब्जे में लिए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज जांच करेगी। इसके बाद आरोपी सामने आ सकते हैं। लोगों का दावा है कि रविवार सुबह ही केमिकल डाला गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed