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पिता के देहांत के बाद इन्होंने संभाला बिजनेस और कमाया नाम

Sat, 09 Jan 2016 02:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Sat, 09 Jan 2016 02:41 PM IST
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msme special, panchkula industrialist vikas dogra profile

पिता के देहांत के बाद इस शख्स ने आर्मी में जाने का फैसला छोड़कर पारिवारिक बिजनेस संभाला और उसे सफलता की बुलंदियों पर पहुंचाकर नाम कमाया। इनका नाम है वरदान होम फर्नीशर्स के डायरेक्टर विकास डोगरा। ऑन आर्डर फैबरिकेशन करवाना हो या फिर चाहिए हों कर्टनंस क्लार्थ। ये दूसरों के घर को भी अपने ही घर की तरह सजाते हैं।

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आर्मी में न जाकर विकास ने पिता के साथ बिजनेस में हाथ बटाने के बाद सब ठीक ही चल रहा था कि अचानक पिता के निधन ने इन्हें झकझोर कर रख दिया। पिता के बिजनेस को आगे बढ़ाना तो था ही, लेकिन सामने चुनौतियां कम नहीं थीं। परिवार का सहयोग यूं मिला कि पिता की ओर से शुरू किए गए बिजनेस को आज बुलंदियों पर पहुंचा दिया।
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जॉब छोड़ पिता ने वूलन ट्रेडिंग से की शुरुआत

विकास डोगरा ने बताया कि उनके पिता चरणजीत लाल डोगरा ने पानीपत वूलन मिल्स, खरड़, मोहाली में बतौर डायरेक्टर करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 1976 में एनटीसी के टेकओवर करने पर उनके पिता ने जॉब छोड़ी। पंजाब में आंतकवाद के मद्देनजर उनके पिता वर्ष 1986 में खरड़ से पंचकूला आ गए और ट्रेडिंग ऑफ वूलन यान्स का काम शुरू किया। इस दौरान उन्होंने उसी वर्ष वरदान स्पिनर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी भी बना डाली। वर्ष 1992 में करीब एक लाख रुपये की लागत और आठ कर्मचारियों के सहयोग से उन्होंने खुद की फैक्ट्री शुरू कर फैबरिक प्रोडक्शन का काम शुरू किया।
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आर्मी में जाना था लेकिन बिजनेस में आए
विकास डोगरा ने बताया कि उनकी रूचि आर्मी में भर्ती होकर देश के लिए सेवा करने की थी। इसके लिए उन्होंने पूरी तैयारी भी की थी। वर्ष 1989 में यूपीएसई के न केवल एग्जाम दिए बल्कि एग्जाम क्लियर भी किए। विकास डोगरा ने बताया कि वर्ष 1986 में पिता को हार्ट अटैक आने और बिजनेस में उनका अकेलापन देखकर उन्होंने पिता के साथ ही बिजनेस में हाथ बटाना बेहतर समझा। बिजनेस के क्षेत्र में आते ही विकास डोगरा जोर-शोर से अपने पिता के व्यापार को आगे बढ़ाने में जुट गए और मार्केटिंग का काम संभालने लगे।


पिता के जाने के बाद परिवार ने संभाला कारोबार

विकास डोगरा ने बताया कि लोकल कस्टमर्स की डिमांड पर वर्ष 2000 में उन्होंने वूलन के साथ साथ फर्नीशिंग का काम भी शुरू किया। वर्ष 2004 में उनके पिता के देहांत के बाद बिजनेस में काफी उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उनकी मां प्रेम डोगरा, छोटे भाई चेतन, बहन वंदना सहित पूरे परिवार ने न केवल बिजनेस में हाथ बटाया, बल्कि पिता के नक्शे कदमों पर चलते हुए बिजनेस को बुलंदियों पर ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान भी दिया। विकास डोगरा ने बताया कि ट्राई सिटी के अलावा हरियाणा टूरिज्म, सिटको, पैरामिल्टी फोर्स से भी फर्नीशिंग को लेकर काफी डिमांड रहती है।

प्रोफाइल

कंपनी- वरदान होम फर्नीशर्स
प्रेम डोगरा, डायरेक्टर
स्कूलिंग- गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल, जम्मू
एफए- जम्मू यूनिवर्सिटी, जम्मू
वर्ष 2004 से ही बिजनेस संभाल रही हैं।

प्रोफाइल

विकास डोगरा, डायरेक्टर
स्कूलिंग- गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल, चंडीगढ़ (1981)
ग्रेजुएशन- डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ (1984)
पोस्ट ग्रेजुएशन- पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ (1986)
सदस्य- पंचकूला चेंबर कॉमर्स ऑफ इंडस्ट्री

यह करते हैं फर्नीश

- वूलन ब्लैंकेट्स फर्नीशिंग्स
- कर्टन्स क्लॉथ
- ऑन ऑर्डर फैबरिकेशन्स
- ऑन ऑर्डर सोफा क्लॉथ
- कॉटन शीट्स

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