चंडीगढ़ः एमएससी और एमटेक युवाओं को मिली कुक, धोबी, बार्बर की नौकरी
- ग्रुप डी में चयनित वेटिंग लिस्ट के 2949 अभ्यर्थियों को मिल चुके पद
- अभ्यार्थी बोले, सरकार उनकी उच्च शिक्षा का बेहतर ढंग से कर सकती है इस्तेमाल
विस्तार
एमएससी और एमटेक युवा कुक, धोबी और बार्बर की नौकरी करते दिखें तो अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रदेश में बेरोजगारी किस कदर है और मजबूरी में उच्च शिक्षित कोई भी नौकरी करने को तैयार है। हरियाणा सरकार द्वारा ग्रुप डी की भर्तियों के तहत प्रतीक्षा
सूची में शामिल 2949 अभ्यार्थियों को ऐसी ही है नौकरी मिली है। शेष 1551 को अक्तूबर तक तैनाती देने का आश्वासन दिया गया है। प्रतीक्षा सूची के इन अभ्यर्थियों को उन पदों पर नियुक्तियां मिली हैं, जो पद भर्ती प्रक्रिया के पूरे होने के बाद ज्वाइनिंग किए आवेदकों द्वारा इस्तीफा देने या ज्वाइनिंग नहीं करने से खाली रह गए थे।
इंजीनियर बनने का सपना पाले जिन आवेदकों को नियुक्तियां मिली हैं, वे अपने पदों से फिलहाल नाखुश है। उनका कहना है कि एक तो उच्च शिक्षित हैं और दूसरा भर्ती के दौरान उन्होंने अपने पदों के लिए जो वरीयता दी थी, उनमें से कोई पद नहीं मिला। इन अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री व उनके प्रधान सचिव को पत्र भेजकर मांग की है कि उन्हें भले ही ग्रुप डी के तहत नियुक्ति दी जाए, लेकिन कम से कम उनकी योग्यता को देखते हुए वरीयता अनुसार पद दिया जाए।
एमएससी, एमटेक, बीएड पास युवाओं को कुक, धोबी, बार्बर व जल वाहक का पद दिया गया है, जबकि सरकार उनकी उच्च शिक्षा का अच्छा इस्तेमाल कर सकती है। अभ्यर्थियों ने कहा कि पहले ग्रुप डी की भर्तियों के दौरान पद और विभाग बदलने का मौका दिया गया था, लेकिन उन्हें इस अवसर से वंचित रखा गया है।
उच्च शिक्षित अभ्यार्थियों को मिले ये पद
- कैथल से अजय कुमार एमटेक है। इलेक्ट्रानिक साइंस में दो बार नेट क्वालीफाई कर चुके हैं। कुक का पद मिला है।
- सिरसा से रविकांत एमएससी मैथ, बीएड, सीटेट और एचटेट है। धोबी का पद मिला है।
- कैथल से प्रवीण बीएससी, बीएड और एचटेट है। कुक का पद मिला है।
- नरवाना से राजू धीमान एमए अंग्रेजी है। जल-वाहक (पनहारा) का पद मिला है।
- सोनीपत से सम्राट बीएससी इन कंप्यूटर साइंस व बीएड ग्रेजुएट है। कुक का पद मिला है।
- हिसार से जगदीश एमएससी व बीएड है। वर्कशॉप अटेंडेंट का पद मिला है।
- बहादुरगढ़ से हिमांशु बीटेक है। कुक का पद मिला है।
आयोग का काम भर्ती करना है। प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को जो पद व विभाग मिले हैं। उनमें बदलाव का अवसर देना सरकार का काम है। आवेदकों की ओर से हमारे पास इस संदर्भ में जो मांग पत्र आए हैं, उन्हें हमने मुख्य सचिव कार्यालय को भेज दिया है।
- भारत भूषण भारती, चेयरमैन, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग