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Hindi News ›   Chandigarh ›   MP raised the issue of share wise buying and selling of properties in Parliament, Minister of State for Home said - it is under consideration in the High Court

Chandigarh News: सांसद ने शेयर वाइज संपत्तियों की खरीद-बिक्री का मुद्दा संसद में उठाया, गृह राज्य मंत्री बोले- यह हाईकोर्ट में विचाराधीन

Wed, 18 Dec 2024 01:15 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2024 01:15 AM IST
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MP raised the issue of share wise buying and selling of properties in Parliament, Minister of State for Home said - it is under consideration in the High Court
चंडीगढ़। लोकसभा में मंगलवार को चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से शेयर वाइज संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर लगाई गई रोक का मुद्दा गूंजा। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस विषय पर सरकार से कई सवाल पूछे। हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से बहुत नपा तुला जवाब दिया गया, जिस पर तिवारी भी खफा नजर आए। उन्होंने कहा कि सरकार ने जवाब देने की बजाय सब-ज्यूडिस के सिद्धांत की आड़ में छिपने की कोशिश की।
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तिवारी ने संसद में पूछा कि क्या चंडीगढ़ प्रशासन का 9 फरवरी 2023 का नोटिफिकेशन सुप्रीम कोर्ट के 10 जनवरी 2023 के फैसले का गलत अर्थ निकालते हुए लागू किया गया है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने केवल सिंगल यूनिट को मल्टीपल अपार्टमेंट में बदलने और कुछ सह-स्वामी समझौतों को पंजीकृत करने पर रोक लगाई थी। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले में शेयर वाइज प्रॉपर्टी बिक्री पर सीधी रोक का कोई जिक्र है और क्या प्रशासन ने इस फैसले के स्पष्टीकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट से संपर्क किया है। कई चंडीगढ़ निवासियों के लिए यह मुद्दा गंभीर है, क्योंकि उनके प्रॉपर्टी शेयर केवल सह-स्वामियों को ही बेचे जा सकते हैं जिससे उनकी संपत्तियों का मूल्य घट रहा है और वित्तीय समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इस पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब देते हुए कहा कि यह मामला वर्तमान में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि सीडब्ल्यूपी नंबर 5102 ऑफ 2024, प्रदीप शर्मा बनाम यूटी चंडीगढ़ और अन्य के तहत यह मामला अदालत में लंबित है, इसलिए सरकार फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती।
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मैंने लोकसभा में एक विस्तृत प्रश्न पूछा था कि जब सुप्रीम कोर्ट के फैसले में संपत्ति की बिक्री या शेयर वाइज बिक्री पर स्पष्ट रूप से रोक नहीं है तो चंडीगढ़ प्रशासन ने इस पर रोक क्यों लगाई है। सीधे जवाब देने के बजाय दुर्भाग्य से सरकार ने सब ज्यूडिस के सिद्धांत की आड़ में छिपना चुना। सब ज्यूडिस का नियम जूरी ट्रायल के लिए था। वैसे भी अगर सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अक्षरशः पालन करती है तो अन्य कानूनी कार्यवाही अपने आप समाप्त हो जाएगी। - मनीष तिवारी, सांसद
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