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Hindi News ›   Chandigarh ›   MP Kirron Kher Rejected Claim Proposal of Punjab Haryana for Chandigarh

सांसद ने चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा की 60:40 की दावेदारी को किया खारिज, बोलीं- ऐसा कोई एक्ट नहीं

Thu, 01 Aug 2019 12:07 PM IST
खुशबू गोयल अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 01 Aug 2019 12:07 PM IST
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MP Kirron Kher Rejected Claim Proposal of Punjab Haryana for Chandigarh
किरण खेर - फोटो : फाइल फोटो
संसद में यूटी कैडर को लेकर भाजपा और कांग्रेस अब आमने-सामने आ गए हैं। सांसद किरण खेर ने चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा की 60:40 की दावेदारी को सिरे से खारिज कर दिया है। खेर ने संसद सत्र के दौरान कहा कि चंडीगढ़ की सांसद होने के नाते मैं यूटी के विरोध में इस तरह की बातें नहीं सुन सकती।
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कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल यूटी कैडर के अफसरों पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को सिद्ध करें या फिर पटल पर रखें। फर्जी आरोप लगाने से काम नहीं चलने वाला। यूटी कैडर के अफसरों को मनमाने तरीके से चंडीगढ़ में तैनाती देने के सवाल पर चंडीगढ़ से भाजपा सांसद किरण खेर ने संसद में कड़ा एतराज जताया।
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खेर ने संसद में कहा कि चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा के अफसरों की तैनाती में कहीं भी 60:40 का अनुपात लागू नहीं होता है। इसके अलावा खेर ने यूटी के चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के जवाब में कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना सोचे समझे इस तरह के आरोप लगाना गलत है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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खेर ने कहा कि कांग्रेस सांसद बिना किसी सबूत के हमारे चंडीगढ़ के चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए।

लोकसभा में सांसद खेर ने कहा कि पंजाब के खडूर साहिब के सांसद जसबीर सिंह गिल ने एक आपत्तिजनक बात चंडीगढ़ के लिए कही। मैं उस पर समय मौजूद नहीं थी। वरना उसी समय जवाब देती। खेर ने स्पीकर को बताया कि गिल ने 17 जुलाई को कहा था कि 1966 में जब पंजाब का विभाजन हुआ तो यह तय हुआ था कि चंडीगढ़ में 60 प्रतिशत अफसर पंजाब और 40 प्रतिशत अधिकारी हरियाणा के होंगे।

खेर ने कहा ऐसा कहीं भी तय नहीं हुआ था कि पंजाब और हरियाणा के अफसरों की चंडीगढ़ में तैनाती 60:40 के अनुपात में होगी। चंडीगढ़ सांसद ने संसद में बताया कि स्वर्णलता वर्सेज यूनियन ऑफ इंडिया सुप्रीम कोर्ट का एक जजमेंट है, जिसमें सैलरी को लेकर कहा गया था कि अभी 60 फीसदी पंजाब से ले लेते हैं और 40 फीसदी हरियाणा से ले लेते हैं। इसके बाद धीरे धीरे आगे जाकर यूटी का कैडर अपने आप बन जाएगा।

खेर ने संसद में कहा कि जसबीर ने कहा कि असंवैधानिक तरीके से यूटी का कैडर बना दिया गया है। इसका इनके पास कोई प्रूफ नहीं है।

कांग्रेस सांसद ने ये सवाल उठाए थे संसद में

बताते चलें कि खडूर साहिब से कांग्रेस के सांसद जसबीर सिंह गिल ने संसद में 17 जुलाई को यूटी कैडर के अफसरों को लेकर मामला उठाया है। री-आर्गेनाइजेशन एक्ट आफ पंजाब जिसमें पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश इकट्ठे हुआ करते थे, का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में जो भी प्रशासनिक पोस्टें थीं, उसमें पंजाब और हरियाणा की हिस्सेदारी रखने पर सहमति बनी थी।

लेकिन संसद की बिना अनुमति के चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने स्तर पर ही यूटी कैडर का गठन कर लिया है। इसके अलावा चंडीगढ़ प्रशासन तीन साल से ज्यादा, पांच पांच साल तक भी एक एक पोस्ट पर अफसरों की तैनाती कर रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट की पोस्ट का खासतौर से हवाला देते हुए कहा कि इन अफसरों के आफिस जबरदस्त तरीके से भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।
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