जाटों की ‘जंग’ का ऐलान, दिल्ली में होगा घमासान
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सर्वोच्च न्यायालय की ओर केंद्रीय सेवाओं में खत्म किए गए जाट आरक्षण के फैसले का जाट समुदाय ने खुलकर विरोध करने का फैसला लिया है। रविवार को हरियाणा के जींद में हुई महापंचायत में जाट समुदाय के बड़े नेताओं और करीब 50 खापों के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ सीधी लड़ाई का ऐलान किया है।
नेताओं और प्रतिनिधियों को कहना है कि 11 मई को वह दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर आंदोलन की शुरुआत करेंगे। आंदोलन के लिए संघर्ष समिति के गठन किया जाएगा, जिसमें नौ राज्यों के जाट प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे।
मंत्रियों के माध्यम से आरक्षण बहाली के लिए मंत्रियों के माध्यम कानून बनाने की बात की जाएगी। इसके बाद भी सरकार ने जाटों के आरक्षण की बहाली नहीं की तो आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
अर्बन इस्टेट स्थित पार्क में एक जुट हुए जाट प्रतिनिधियों ने महापंचायत में सबसे पहले सभी जाट संगठनों और खापों के प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे गए। सभी वक्ताओं ने अपने सुझाव देते हुए सभी जाट संगठनों से एक होकर काम करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि यदि सभी जाट संगठन एक मंच पर आ जाएंगे तो आंदोलन की सफलता निश्चित है। इसमें युवाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया गया। इसके लिए एक संघर्ष समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया।
खाप प्रतिनिधि सूबे सिंह समैण ने कहा कि सरकार ने एक षड्यंत्र के तहत जाटों का आरक्षण छीना है। भूमि अधिग्रहण पर मचे बवाल को शांत करने के लिए ही जाटों के आरक्षण को खत्म करवाया गया है। सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में सही तरीके से पैरवी नहीं की गई। आरक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गए लोगों ने अदालत के समक्ष गलत तथ्य पेश किए।
अगले सप्ताह बनेगी आंदोलन के लिए कमेटी
समैण ने कहा कि इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को रद करने का फैसला सुना दिया। इसके विरोध में देशभर के जाट 11 मई को भारी संख्या में एकजुट होकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन करेंगे। अगर उसके बावजूद भी कोई समाधान नहीं निकाला तो फिर बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी।
ये खाप पहुंचे थे बैठक में
महापंचायत में बिनैण खाप, सतरोल खाप, कंडेला खाप, चहल खाप, गठवाला खाप, काजला खाप समेत 50 से ज्यादा खापें पहुंची थीं। सभी ने एकजुट होकर आंदोलन चलाने की बात कही। बराह खाप के प्रधान कुलदीप सिंह ढांडा ने कहा कि 11 मई को आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इस दौरान तक किसान अपनी फसलों की कटाई से भी फ्री हो जाएंगे।
महापंचायत को हवा सिंह सांगवान, संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचपी परिहार, धर्मपाल धारीवाल, आल इंडिया जाट महासभा के महासचिव युद्धवीर सिंह, जगत सिंह तेवतिया, बूरा खाप के महासचिव भलेराम बूरा, शमशेर सिंह संधु, प्रो. संतोष दहिया, जोगेंद्र मायड़, दलेल खटकड़, महेंद्र सिंह ठाकरान, कैप्टन महावीर, प्रो. अतर सिंह श्योराण, काजला खाप के सुनील, वीरेंद्र झज्जर, सूबेदार रामचंद्र, इंद्र सिंह ढुल, सुखबीर सिंह संधु आदि ने भी संबोधित किया।
बिनैन खाप के प्रधान नफे सिंह नैन ने कहा कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए राज्यस्तर पर कमेटियों का गठन किया जाएगा। हर राज्य के लिए अलग-अलग कमेटी बनाई जाएगी। हरियाणा के लिए इस सप्ताह के अंदर कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। कमेटी में हर खाप के प्रमुख लोगों को शामिल किया जाएगा।