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निवास स्थान के ट्रिब्यूनल में भी दाखिल की जा सकती है मोटर एक्सीडेंट क्लेम याचिका: हाईकोर्ट
Thu, 04 Jun 2020 10:26 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 04 Jun 2020 10:26 AM IST
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
चंडीगढ़ निवासी अभिभावकों द्वारा शहर में दाखिल की गई क्लेम याचिका को खारिज करने के मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के फैसले को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गलत करार दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि एमएसीटी कल्याणकारी कानून है, ऐसे में जहां पीड़ित पक्ष रहता है, वहां पर क्लेम याचिका दाखिल की जा सकती है।
चंडीगढ़ निवासी बीना गर्ग व प्रेम सागर गर्ग ने बताया कि 2004 में उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के दादरी में ट्रक की चपेट में आकर उनके पुत्र की मौत हो गई थी। कुछ समय बाद याची चडीगढ़ में रहने लगे और उन्होंने चंडीगढ़ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में केस दायर करके मुआवजे की मांग की।
ट्रिब्यूनल ने अक्तूबर 2018 में याचिका खारिज करते हुए कहा था कि न तो दुर्घटना चंडीगढ़ में हुई और न ही दावेदार उस समय चंडीगढ़ में रह रहे थे, ऐसे में याचिका उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है। इसके बाद ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की गई।
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हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामलों में तकनीकी दृष्टिकोण नहीं रखना चाहिए और एक्ट भी उदार रहने की बात कहता है। प्रभावित पक्ष जहां रहता है, वहा क्लेम याचिका दायर करने पर किसी तरह की कोई रोक नहीं है। याची चंडीगढ़ निवासी है, इसलिए याचिका सुनने से इनकार नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल चंडीगढ़ को केस वापस भेजते हुए 16 साल पहले हुई दुर्घटना को लेकर दाखिल क्लेम अपील का छह माह में निपटारा करने के आदेश दिए हैं।
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चंडीगढ़ निवासी बीना गर्ग व प्रेम सागर गर्ग ने बताया कि 2004 में उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के दादरी में ट्रक की चपेट में आकर उनके पुत्र की मौत हो गई थी। कुछ समय बाद याची चडीगढ़ में रहने लगे और उन्होंने चंडीगढ़ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में केस दायर करके मुआवजे की मांग की।
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ट्रिब्यूनल ने अक्तूबर 2018 में याचिका खारिज करते हुए कहा था कि न तो दुर्घटना चंडीगढ़ में हुई और न ही दावेदार उस समय चंडीगढ़ में रह रहे थे, ऐसे में याचिका उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है। इसके बाद ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की गई।
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हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामलों में तकनीकी दृष्टिकोण नहीं रखना चाहिए और एक्ट भी उदार रहने की बात कहता है। प्रभावित पक्ष जहां रहता है, वहा क्लेम याचिका दायर करने पर किसी तरह की कोई रोक नहीं है। याची चंडीगढ़ निवासी है, इसलिए याचिका सुनने से इनकार नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल चंडीगढ़ को केस वापस भेजते हुए 16 साल पहले हुई दुर्घटना को लेकर दाखिल क्लेम अपील का छह माह में निपटारा करने के आदेश दिए हैं।