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पंजाब में लंपी का कहर: अब तक 2100 से ज्यादा मवेशियों की मौत, 60 हजार से ज्यादा पशु प्रभावित
Sun, 14 Aug 2022 10:48 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 14 Aug 2022 10:48 AM IST
सार
लंपी रोग का पहला पुष्ट मामला 4 जुलाई को पंजाब में सामने आया था। पंजाब के अतिरिक्त राजस्थान, उत्तराखंड, गुजरात और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह इस बीमारी के प्रकोप की चपेट में हैं।
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Lumpy Skin Virus Disease
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पंजाब में लंपी बीमारी का कहर जारी है। पंजाब सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, अब तक इस बीमारी से 21 सौ से ज्यादा मवेशियों की मौत हो चुकी है, जबकि 60 हजार पशु इस बीमारी से प्रभावित हैं। वहीं सरकार ने लंपी की रोकथाम के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। अब तक 1.45 लाख मवेशियों को वैक्सीन की डोज लग चुकी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बीमारी के प्रसार की निगरानी और नियंत्रण के लिए मंत्रियों के तीन सदस्यीय समूह का गठन किया है।
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पंजाब के अतिरिक्त राजस्थान, उत्तराखंड, गुजरात और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह इस बीमारी के प्रकोप की चपेट में हैं। लंपी रोग का पहला पुष्ट मामला 4 जुलाई को पंजाब में सामने आया था। राज्य के पशुपालन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, शुक्रवार तक 60,329 जानवर प्रभावित हुए हैं और 2,114 की मौत हुई है। शुक्रवार को 30000 मवेशियों को खुराक दी गई। जल्द ही इसे 50 हजार तक ले जाना है।
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जल संसाधन मंत्री हरजोत सिंह बैंस के निर्देश पर विभाग के प्रधान सचिव ने बठिंडा के उपायुक्त को पत्र लिखकर लंपी से मरने वाले पशुओं को जलाशयों में डालने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसा करते पाया जाता है तो आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। बीमारी के प्रसार को रोकने के प्रयासों के तहत, राज्य सरकार ने राज्य में पशु मेलों पर प्रतिबंध लगा दिया है और अन्य राज्यों से जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए सीमाओं को सील कर दिया है। पशुपालन विभाग ने डेयरी किसानों से मृत पशुओं को गहरे गड्ढों में दफनाने का आग्रह किया है।
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