फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Monopoly of Traders on Onion

चंडीगढ़ में प्याज पर कुछेक व्यापारियों का ‘कंट्रोल’, तय करते मनमाने रेट, खेलते हैं टैक्स का 'खेल'

Fri, 20 Dec 2019 11:59 AM IST
खुशबू गोयल अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 20 Dec 2019 11:59 AM IST
विज्ञापन
Monopoly of Traders on Onion
फाइल फोटो
ट्राइसिटी की सबसे बड़ी सेक्टर-26 की मंडी में प्याज के कारोबार पर कुछ व्यापारियों का एकाधिकार बना हुआ है। इससे व्यापारियों में प्रतिस्पर्धा नहीं हो पा रही है। रेट भी ऐसे ही व्यापारी अपने मुताबिक तय करते हैं। यही कारण है कि ट्राइसिटी के लोगों को वाजिब दामों पर प्याज नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि मार्केट कमेटी के अधिकारी इस मामले में जानकर भी अनजान बने हुए हैं।
विज्ञापन


सेक्टर-26 की मंडी से पंचकूला, मोहाली और चंडीगढ़ में प्याज की सप्लाई की जाती है। प्रतिदिन मंडी से ट्राइसिटी में 200 से 250 टन प्याज की सेल होती है। अकेले चंडीगढ़ में ही 80 से 90 टन प्याज की आपूर्ति सेक्टर- 26 की मंडी से की जाती है। यहां प्रतिदिन 10 से 12 ट्रक प्याज नासिक, अल्वर और अन्य स्थानों से आता है। मंडी में लगभग 20 फर्में प्याज की खरीद फरोख्त करती हैं।
विज्ञापन


इनमें कुछेक व्यापारी इस प्याज की खरीद फरोख्त में मोनोपॉली चलाते हैं। कुल प्याज की आमद की 70 फीसदी से अधिक की खरीद फरोख्त इन व्यापारियों के द्वारा ही की जाती है और मनमाने रेटों पर इसे बिक्री किया जाता है। कुछ व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इनके द्वारा प्याज को लेकर इन व्यापारियों की सेक्टर-26 की मंडी में मोनोपॉली चलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि मार्केट कमेटी को इसकी जानकारी है, लेकिन कमेटी के अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं।

व्यापारियों के पास हैं 5 से 6 लाइसेंस.. खरीद फरोख्त में कर रहे दुरुपयोग

डीसी ऑफिस के द्वारा खरीद फरोख्त के लिए व्यापारियों को लाइसेंस निर्गत किए गए हैं। प्याज को लेकर मोनोपॉली चलाने वाले कुछेक व्यापारी 5 से 6 लाइसेंसों को हैंडल कर रहे हैं। इस लाइसेंसों के जरिए ही प्याज की खरीद फरोख्त में दुरुपयोग किया जा रहा है।

बोली में मौजूद नहीं रहते कर्मचारी
किसी भी उत्पाद की बोली लगाए जाने के दौरान मार्केट कमेटी के कर्मचारी का उपस्थित रहना आवश्यक है। ऐसा प्रावधान मंडी एक्ट में भी किया गया है, लेकिन यह सिर्फ खानापूर्ति तक ही सीमित है। व्यापारियों ने बताया कि सेक्टर-26 की मंडी में कमेटी की ओर से अधिकांश समय कोई भी कर्मचारी/अधिकारी उपस्थित नहीं रहता है। ऐसे में आढ़तियों द्वारा बोली में मनमानी की जाती है।

ऐसे होता है टैक्स बचाने का ‘खेल’
 प्याज का कारोबार करने वाले ये व्यापारी टैक्स बचाने को बड़ा खेल खेलते हैं। टैक्स बचाने के लिए महंगे प्याज को भी बिल्टी में सस्ता दर्शाया जाता है। जैसे 110 रुपये में आया हुए प्याज की कीमत बिल्टी या अन्य दस्तावेजों में 70 रुपये ही दर्शाई जाती है। 40 रुपये पर इनके द्वारा टैक्स की बचत की जाती है।

अल्वर और नासिक से आने वाले प्याज में तेजी बरकरार

अल्वर, नासिक से आने वाले प्याज में तेजी लगातार बनी हुई है। वीरवार को भी मंडी में फुटकर की बाजार में प्याज 120 से 130 में बेचा गया। व्यापारियों ने बताया कि अभी प्याज सस्ते होने के कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं।

मोनोपॉली पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा
सेक्टर-26 की मंडी में प्याज को लेकर मोनोपॉली को लेकर मैं कुछ नहीं कह सकता। इसके साथ ही हर बोली पर मार्केट कमेटी का स्टाफ उपस्थित रहना संभव नहीं है। एक व्यापारी 5 से 6 लाइसेंस हैंडल कर रहा है इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
- मनोज शर्मा, सचिव, मार्केट कमेटी, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed