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कांट्रेक्ट पर काम करने वाले कर्मियों से मांगे जा रहे पैसे, प्रशासन अब हुआ सख्त
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चंडीगढ़। अनुबंध कर्मचारियों को तनख्वाह जारी करने के एवज में पैसे मांगने या ठेकेदार बदलने पर कर्मचारियों से पैसे मांगने के मामले शहर में आम हैं। इसे लेकर कई बार प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन अब जाकर यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने इस संबंध में सभी विभागों के प्रमुखों को आदेश दिए हैं।
प्रशासक के सलाहकार ने कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि शहर में कई सर्विस प्रोवाइडर और वह कंपनियां जो विभिन्न विभागों को कर्मचारी मुहैया करवाती हैं, वे कर्मचारियों से गैरकानूनी तरीके से पैसे मांगती हैं। परिदा ने कहा है कि इन कंपनियों का चयन जेम पोर्टल के तहत हुआ है। बावजूद इसके कर्मचारियों को काम पर रखने या फिर टेंडर के दोबारा होने पर कर्मचारियों को काम पर जारी रखने के एवज में पैसे मांगे जाते हैं। परिदा ने सभी सचिवों और विभागों के प्रमुखों को आदेश दिए हैं कि इस तरह की कोई शिकायत उनके पास आती है तो संबंधित ठेकेदार पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके साथ वह सुनिश्चित करें कि ऐसे मामले सामने न आएं। परिदा ने कहा कि अनुबंध व आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों के साथ इस तरह की लूट नहीं होनी चाहिए।
आदेश जारी करने में परिदा ने कर दी देर
प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने यह आदेश जारी करने में काफी देर कर दी क्योंकि बीते कुछ महीनों में कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर, शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, नगर निगम के बागवानी विभाग में कार्यरत कर्मचारी, विभिन्न पार्कों में काम करने वाले कर्मी, ट्यूबवेल ऑपरेटर, सफाई कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी समेत विभिन्न जगहों पर काम करने वाले कर्मचारियों से ठेकेदारों ने यह अवैध वसूली की है। यही नहीं, जिन कर्मचारियों ने पैसे देने से मना किया, उन्हें नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा है। इन सभी ने मनोज परिदा समेत प्रशासन के सभी अधिकारियों से शिकायत भी की थी, लेकिन उन्होंने आंखें बंद कर ली थी।
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प्रशासक के सलाहकार ने कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि शहर में कई सर्विस प्रोवाइडर और वह कंपनियां जो विभिन्न विभागों को कर्मचारी मुहैया करवाती हैं, वे कर्मचारियों से गैरकानूनी तरीके से पैसे मांगती हैं। परिदा ने कहा है कि इन कंपनियों का चयन जेम पोर्टल के तहत हुआ है। बावजूद इसके कर्मचारियों को काम पर रखने या फिर टेंडर के दोबारा होने पर कर्मचारियों को काम पर जारी रखने के एवज में पैसे मांगे जाते हैं। परिदा ने सभी सचिवों और विभागों के प्रमुखों को आदेश दिए हैं कि इस तरह की कोई शिकायत उनके पास आती है तो संबंधित ठेकेदार पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके साथ वह सुनिश्चित करें कि ऐसे मामले सामने न आएं। परिदा ने कहा कि अनुबंध व आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों के साथ इस तरह की लूट नहीं होनी चाहिए।
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आदेश जारी करने में परिदा ने कर दी देर
प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने यह आदेश जारी करने में काफी देर कर दी क्योंकि बीते कुछ महीनों में कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर, शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, नगर निगम के बागवानी विभाग में कार्यरत कर्मचारी, विभिन्न पार्कों में काम करने वाले कर्मी, ट्यूबवेल ऑपरेटर, सफाई कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी समेत विभिन्न जगहों पर काम करने वाले कर्मचारियों से ठेकेदारों ने यह अवैध वसूली की है। यही नहीं, जिन कर्मचारियों ने पैसे देने से मना किया, उन्हें नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा है। इन सभी ने मनोज परिदा समेत प्रशासन के सभी अधिकारियों से शिकायत भी की थी, लेकिन उन्होंने आंखें बंद कर ली थी।
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