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NRI बच्चे को पुलिस वालों ने सरेआम पीटा, बाद में हाथ पैर जोड़ने पड़े
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Mon, 07 Aug 2017 01:03 AM IST
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child beaten
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एक एनआरआई बच्चे को पुलिस वालों ने सरेआम जमकर पीटा। फिर जांच पड़ताल में सच्चाई सामने आई तो उन्हें हाथ पैर जोड़ने पड़ गए। घटना पंजाब के मोहाली की है। फेज-3बी2 की मार्केट में उस समय माहौल गर्मा गया, जब एक इमिग्रेशन में रेड करने गई पुलिस ने एक नाबालिग एनआरआई बच्चे को पीट दिया। पुलिस वालों को लगा था कि बच्चे ने शायद उनकी वीडियो बना ली है।
इसके बाद जब पुलिस को गलती का अहसास हुआ तो माफी मांगने का ड्रामा करने लगे। बच्चे के पिता विकास सलारिया ने बच्चे को पीटने संबंधी शिकायत मटौर थाने में दी है। बच्चे के पेरेंट्स का कहना है कि अगर उनके साथ धक्का हुआ तो वह डीजीपी व एंबेसी को इस बारे में शिकायत देंगे।
पुलिस को दी शिकायत में विकास सलारिया ने बताया कि वह सेक्टर-66 में रहते है। उसने अपने बेटे को पढ़ाई करने के लिए कनाडा भेजा हुआ है। उसके दांत में दर्द था जिसे दिखाने के लिए वह शाम को 3बी2 की मार्केट में डॉक्टर के पास गया था। इस दौरान उसी मार्केट में पुलिस किसी इमिग्रेशन कंपनी में रेड करने के लिए गई हुई थी। किसी व्यक्ति ने पुलिसवालों को बोल दिया कि एक बच्चा उनकी वीडियो बना रहा है।
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इसके बाद पुलिस वाले उसके बेटे को ढूंढते हुए क्लीनिक में चले गए। वहां उन्होंने उससे कुछ भी पूछे बिना उसकी पिटाई करनी शुरू कर दी। जब बाद में पुलिसवालों बेटे का मोबाइल फोन चेक किया तो उसमें कुछ भी नहीं था। इसके बाद उसके बेटे ने उसे फोन किया और मारपीट के बारे में बताया। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे तो पुलिस वालों अपनी गलती मान ली और माफी मांगने लगे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके साथ धक्का किया है।
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इसके बाद जब पुलिस को गलती का अहसास हुआ तो माफी मांगने का ड्रामा करने लगे। बच्चे के पिता विकास सलारिया ने बच्चे को पीटने संबंधी शिकायत मटौर थाने में दी है। बच्चे के पेरेंट्स का कहना है कि अगर उनके साथ धक्का हुआ तो वह डीजीपी व एंबेसी को इस बारे में शिकायत देंगे।
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पुलिस को दी शिकायत में विकास सलारिया ने बताया कि वह सेक्टर-66 में रहते है। उसने अपने बेटे को पढ़ाई करने के लिए कनाडा भेजा हुआ है। उसके दांत में दर्द था जिसे दिखाने के लिए वह शाम को 3बी2 की मार्केट में डॉक्टर के पास गया था। इस दौरान उसी मार्केट में पुलिस किसी इमिग्रेशन कंपनी में रेड करने के लिए गई हुई थी। किसी व्यक्ति ने पुलिसवालों को बोल दिया कि एक बच्चा उनकी वीडियो बना रहा है।
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इसके बाद पुलिस वाले उसके बेटे को ढूंढते हुए क्लीनिक में चले गए। वहां उन्होंने उससे कुछ भी पूछे बिना उसकी पिटाई करनी शुरू कर दी। जब बाद में पुलिसवालों बेटे का मोबाइल फोन चेक किया तो उसमें कुछ भी नहीं था। इसके बाद उसके बेटे ने उसे फोन किया और मारपीट के बारे में बताया। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे तो पुलिस वालों अपनी गलती मान ली और माफी मांगने लगे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके साथ धक्का किया है।
पीसीआर भी नहीं पहुंची टाइम से
पुलिस
- फोटो : डेमो फोटो
सलारिया ने कहा कि उसने उसी दौरान पुलिस कट्रोल रूम में कॉल कर घटना की जानकारी दी। लेकिन इसके बाद भी पीसीआर पार्टी देरी से पहुंची।इसके बाद पीसीआर का इंतजार करने के बाद वह मटौर थाना में गया और उन्हें चारों पुलिसवालों पर कार्रवाई करने के लिए लिखित में शिकायत दी। लेकिन उन्होंने शिकायत लेकर रख ली और कहा कि रविवार सुबह आना।
पुलिस को हो गई गलतफहमी
मामले के जांच अधिकारी अवतार सिंह ने कहा कि एनआरआई बच्चे को पुलिस द्वारा पीटे जाने की शिकायत आई है। जिसकी जांच की जा रही है। मगर जिन पुलिस वालों ने बच्चे से मारपीट की है वह 3बी2 की मार्केट में रेड करने गए थे। जहां अफरा तफरी में एक पुलिस वाले की पगड़ी हिल गई और उसने सोचा कि इसी बच्चे ने उसे धक्का मारा है। इसके बाद उन्होंने बच्चे को मारा। लेकिन उसके बाद पुलिसवालों ने अपनी गलती मानते हुए बच्चे से माफी मांग ली थी। फिर भी जांच में जो भी सामने आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
सलारिया ने कहा कि उसने उसी दौरान पुलिस कट्रोल रूम में कॉल कर घटना की जानकारी दी। लेकिन इसके बाद भी पीसीआर पार्टी देरी से पहुंची।इसके बाद पीसीआर का इंतजार करने के बाद वह मटौर थाना में गया और उन्हें चारों पुलिसवालों पर कार्रवाई करने के लिए लिखित में शिकायत दी। लेकिन उन्होंने शिकायत लेकर रख ली और कहा कि रविवार सुबह आना।
पुलिस को हो गई गलतफहमी
मामले के जांच अधिकारी अवतार सिंह ने कहा कि एनआरआई बच्चे को पुलिस द्वारा पीटे जाने की शिकायत आई है। जिसकी जांच की जा रही है। मगर जिन पुलिस वालों ने बच्चे से मारपीट की है वह 3बी2 की मार्केट में रेड करने गए थे। जहां अफरा तफरी में एक पुलिस वाले की पगड़ी हिल गई और उसने सोचा कि इसी बच्चे ने उसे धक्का मारा है। इसके बाद उन्होंने बच्चे को मारा। लेकिन उसके बाद पुलिसवालों ने अपनी गलती मानते हुए बच्चे से माफी मांग ली थी। फिर भी जांच में जो भी सामने आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस को हो गई गलतफहमी
मामले के जांच अधिकारी अवतार सिंह ने कहा कि एनआरआई बच्चे को पुलिस द्वारा पीटे जाने की शिकायत आई है। जिसकी जांच की जा रही है। मगर जिन पुलिस वालों ने बच्चे से मारपीट की है वह 3बी2 की मार्केट में रेड करने गए थे। जहां अफरा तफरी में एक पुलिस वाले की पगड़ी हिल गई और उसने सोचा कि इसी बच्चे ने उसे धक्का मारा है। इसके बाद उन्होंने बच्चे को मारा। लेकिन उसके बाद पुलिसवालों ने अपनी गलती मानते हुए बच्चे से माफी मांग ली थी। फिर भी जांच में जो भी सामने आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
सलारिया ने कहा कि उसने उसी दौरान पुलिस कट्रोल रूम में कॉल कर घटना की जानकारी दी। लेकिन इसके बाद भी पीसीआर पार्टी देरी से पहुंची।इसके बाद पीसीआर का इंतजार करने के बाद वह मटौर थाना में गया और उन्हें चारों पुलिसवालों पर कार्रवाई करने के लिए लिखित में शिकायत दी। लेकिन उन्होंने शिकायत लेकर रख ली और कहा कि रविवार सुबह आना।
पुलिस को हो गई गलतफहमी
मामले के जांच अधिकारी अवतार सिंह ने कहा कि एनआरआई बच्चे को पुलिस द्वारा पीटे जाने की शिकायत आई है। जिसकी जांच की जा रही है। मगर जिन पुलिस वालों ने बच्चे से मारपीट की है वह 3बी2 की मार्केट में रेड करने गए थे। जहां अफरा तफरी में एक पुलिस वाले की पगड़ी हिल गई और उसने सोचा कि इसी बच्चे ने उसे धक्का मारा है। इसके बाद उन्होंने बच्चे को मारा। लेकिन उसके बाद पुलिसवालों ने अपनी गलती मानते हुए बच्चे से माफी मांग ली थी। फिर भी जांच में जो भी सामने आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।