Punjab: पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को अदालत ने भेजा रोपड़ जेल, भूखंड में उद्योग की जगह बन रहा था होटल
एआईजी ने बताया कि पूछताछ में पूर्व मंत्री ने कहा था कि साइट पर उद्योग लग रहे हैं लेकिन अब उन्हें साइट पर होटल बनता मिला। यह सब उनके सामने चल रहा है। एआईजी ने कहा कि यह सब नियमों के विपरीत हो रहा था। सरकारी नियमों का मजाक उड़ाया गया है।
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रियल एस्टेट कंपनी को औद्योगिक भूखंड आवंटित करने व 700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा मुश्किलों में घिरते जा रहे हैं। विजिलेंस को पूछताछ में पूर्व मंत्री ने बताया था कि आवंटित भूखंड में उद्योग ही लग रहे हैं। सब नियमों के मुताबिक हो रहा है लेकिन जब विजिलेंस की टीम शुक्रवार को उन्हें साइट पर लेकर पहुंची तो एक होटल का निर्माण हो रहा था। इसके अलावा सड़कों पर सामान बिखरा था। वहां किसी तरह की कोई चाहरदीवारी हीं थी। इस दौरान पूर्व मंत्री कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद विजिलेंस ने दोपहर बाद उन्हें एक दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने पर मोहाली अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में रूपनगर (रोपड़) की जेल भेज दिया।
विजिलेंस की टीम शुक्रवार सुबह 10 बजे पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को लेकर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-नौ के 25 एकड़ की साइट वाले प्लॉट पर पहुंची। टीम की अगुवाई एआईजी मनमोहन शर्मा कर रहे थे, उनके साथ तकनीकी टीम के माहिर भी थे। एआईजी ने बताया कि पूछताछ में पूर्व मंत्री ने कहा था कि साइट पर उद्योग लग रहे हैं लेकिन अब उन्हें साइट पर होटल बनता मिला। यह सब उनके सामने चल रहा है। एआईजी ने कहा कि यह सब नियमों के विपरीत हो रहा था। सरकारी नियमों का मजाक उड़ाया गया है।
अब इनसे गंभीरता से पूछताछ की जरूरत है। इसके अलावा अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की गई। दोपहर बाद पूर्व मंत्री को अदालत में पेश किया गया। अदालत से रिमांड हासिल करने की कोशिश विजिलेंस ने की। मगर अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
विजिलेंस केस की जांच पर गंभीर
इस केस की जांच में विजिलेंस कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहती है। यह केस विजिलेंस की प्रतिष्ठा से भी जुड़ गया है, क्योंकि पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा इसे बदले की कार्रवाई बता रहे हैं तो वहीं आईएएस एसोसिएशन आईएएस नीलिमा सिंह को आरोपी बनाने का विरोध कर रही है। उनका कहना है कि आईएएस ने कोई गलत काम नहीं किया है। इस सारे काम के लिए कमेटी बनाई गई थी, जो सारे काम देख रही थी। वहीं यह विभाग भी मुख्यमंत्री भगवंत मान देख रहे हैं। उन्होंने खुद अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच का आदेश दिया है।
सारी प्रक्रिया की करवाई गई वीडियोग्राफी
विजिलेंस जब शुक्रवार को पूर्व मंत्री को लेकर औद्योगिक भूखंड पर पहुंची तो सारी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई। वहीं मंत्री खुद को बचाते नजर आए। सूत्रों के अनुसार उन्होंने दलील दी है कि यह सारा काम निचले स्तर के अधिकारी करते थे। उनका इससे कोई लेना देना नहीं था।