बेअदबी मामले में पहली सजा: सात साल बाद तीन डेरा प्रेमियों को तीन-तीन साल की जेल, पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना
मोगा की एक अदालत ने तीन डेरा प्रेमियों को पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दो अन्य कथित डेरा अनुयायियों दलविंदर सिंह और सतनाम सिंह को पर्याप्त सबूत न मिलने पर अदालत ने बरी कर दिया।
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बेअदबी मामले में पहली बार पंजाब में सजा सुनाई गई है। सात साल पुराने बेअदबी मामले में बठिंडा की अदालत ने गुरुवार को डेरा सच्चा सौदा के तीन अनुयायियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। दो के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया। दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
यह मामला 2015 का है। गांव मल्लके में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गुटके के अंग सड़क पर पड़े थे। पुलिस ने मौके की जांच के बाद थाना समालसर पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 295 ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से) और 295 (धर्म का अपमान करने का इरादा) के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया।
बाद में पंजाब पुलिस की एसआईटी ने जांच के बाद आरोपियों की पहचान डेरा सच्चा सौदा की राज्य समिति के सदस्य पृथ्वी सिंह, मोगा जिले के बाघापुराना निवासी मिठू सिंह व अमरदीप सिंह के रूप में की। गुरुवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल गर्ग की अदालत ने डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों पृथ्वी सिंह, अमरदीप सिंह और मिठू सिंह को बेअदबी का दोषी पाए जाने पर तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई।
अदालत ने सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दो अन्य कथित डेरा अनुयायियों दलविंदर सिंह और सतनाम सिंह को पर्याप्त सबूत न मिलने पर अदालत ने बरी कर दिया था। इस बीच दोषी ठहराए गए डेरा अनुयायियों ने जमानत के लिए अदालत के समक्ष एक आवेदन दायर किया था, जिसकी सुनवाई शुक्रवार को होगी।
अकाली सरकार में बेअदबी, कांग्रेस ने बचाया, आप ने दिलवाया न्याय: राघव चड्ढा
आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि समालसर बेअदबी मामले में तीन लोगों को सजा सुनाई गई। अंतत: बेअदबी करने वालों को अकाली-कांग्रेस का संरक्षण खत्म हो गया। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आप सरकार में न्याय होगा। राघव चड्ढा ने अकाली दल और कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ ही दिन पहले बहिबल कलां मामले में सरकार के हक में फैसला आया।
आप सरकार यह सुनिश्चित करेगी है कि बेअदबी मामले के अपराधी सलाखों के पीछे हों। क्या अकाली-कांग्रेस गठबंधन एक समान कार्रवाई का दावा कर सकता है। चड्ढा ने कहा कि अकालियों ने बेअदबी की घटना होने दी। कांग्रेस ने दोषियों को बचाया। अब आप सरकार में बेअदबी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होना शुरू हो गया है। बता दें कि साल 2015 में मोगा जिले के समालसर के मलके गांव में बेअदबी की घटना हुई थी।
कांग्रेस और अकाली ने सबूत छिपाए: हरपाल चीमा
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल बेअदबी मामलों में पंजाब के लोगों को कभी भी न्याय नहीं दिलाना चाहते थे। दोनों सरकारों ने दोषियों के खिलाफ सबूतों को छिपाया और उन्हें संरक्षण दिया। चीमा ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल फ्रेंडली मैच के तहत अपनी सरकारों के दौरान हमेशा एक-दूसरे के अपराधों को छिपाते रहे हैं लेकिन आप सरकार ने इस गठजोड़ को तोड़ा और अब दोषियों को उनके गुनाहों की कड़ी सजा मिलेगी।