{"_id":"5b71a23842c792331a44d029","slug":"modi-government-said-improve-the-education-condition-of-mewat-on-gujarat-pattern","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणाः मोदी सरकार का फरमान, गुजरात की तर्ज पर सुधारें मेवात के हालात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणाः मोदी सरकार का फरमान, गुजरात की तर्ज पर सुधारें मेवात के हालात
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 14 Aug 2018 09:41 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में शिक्षा की दृष्टि से सबसे अधिक पिछड़े मेवात जिले पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नजर पड़ गई है। समग्र शिक्षा के वार्षिक वर्क प्लान और बजट को मंजूरी देने के लिए हाल में हुई प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय जिले के शिक्षा सूचकांकों को लेकर खफा दिखा। मंत्रालय ने हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों पर गौर करने के बाद न केवल आइना दिखाया, बल्कि यहां तक कह दिया कि मेवात के शिक्षा हालात को गुजरात की तर्ज पर सुधारो।
जिले के सेकेंडरी स्कूलों में जेंडर पैरिटी इंडेक्स 0.55 और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 0.49 है। साफ है कि दसवीं तक सौ छात्रों पर 55 छात्राएं और बारहवीं तक 49 छात्राएं ही स्कूली शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इसलिए छात्राओं की संख्या स्कूलों में बढ़ाने के लिए राज्य को गुजरात की तर्ज पर सुविधाएं शुरू करने की सलाह दी जाती है। गुजरात में स्कूली छात्राओं के लिए बस सुविधा उपलब्ध है। मेवात में भी ऐसा किया जा सकता है।
इसके अलावा स्कूलों में पीटीआर-पीपल टीचर रेशो भी बदहाल है। राज्य के प्राइमरी स्कूलों 36.37 प्रतिशत और अपर प्राइमरी के 43.32 फीसदी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात बदतर है। मेवात में के 87.27 प्रतिशत प्राइमरी और 87.61 अपर प्राइमरी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात की स्थिति बेहद खराब है। हरियाणा की ओर से बैठक में उपस्थित स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल और मौलिक शिक्षा निदेशक राजनारायण कौशिक ने केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष निर्देशों को लागू करने पर हामी भरी है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बैठक में यह जताई प्रतिबद्धता
. 2017-18 में 29333 आउट ऑफ स्कूल चिल्ड्रन चिह्नित किए हैं। इनमें से 75 प्रतिशत को 2018-19 में स्कूलों में पंजीकृत किया जाएगा।
. मेवात के की-परफार्मेंस सूचकांकों को सुधारने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।
. प्राइमरी स्तर पर ड्राप आउट रेट जीरो है। अपर प्राइमरी स्तर पर 1.93 प्रतिशत 2017-18 में रहा है। इसे और नीचे लाया जाएगा।
. परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स के तहत छात्रों के ग्रेडिंग स्तर का अध्ययन कर उचित लर्निंग सपोर्ट दी जा रही।
. स्कूलों में लंबित पड़े सिविल वर्क पूरे किए जाएंगे। पंचायती राज विभाग से समन्वय स्थापित कर मरम्मत कार्य सिरे चढ़ाया जाएगा।
. संसद में पेश करने के लिए विभाग की ओर से वार्षिक रिपोर्ट मंत्रालय को समयबद्घ तरीकेसे भेजेंगे।
. आरटीई एक्ट, 2009 का प्रभावी क्रियान्वयन करने का दिया भरोसा।
विज्ञापन
जिले के सेकेंडरी स्कूलों में जेंडर पैरिटी इंडेक्स 0.55 और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 0.49 है। साफ है कि दसवीं तक सौ छात्रों पर 55 छात्राएं और बारहवीं तक 49 छात्राएं ही स्कूली शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इसलिए छात्राओं की संख्या स्कूलों में बढ़ाने के लिए राज्य को गुजरात की तर्ज पर सुविधाएं शुरू करने की सलाह दी जाती है। गुजरात में स्कूली छात्राओं के लिए बस सुविधा उपलब्ध है। मेवात में भी ऐसा किया जा सकता है।
विज्ञापन
इसके अलावा स्कूलों में पीटीआर-पीपल टीचर रेशो भी बदहाल है। राज्य के प्राइमरी स्कूलों 36.37 प्रतिशत और अपर प्राइमरी के 43.32 फीसदी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात बदतर है। मेवात में के 87.27 प्रतिशत प्राइमरी और 87.61 अपर प्राइमरी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात की स्थिति बेहद खराब है। हरियाणा की ओर से बैठक में उपस्थित स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल और मौलिक शिक्षा निदेशक राजनारायण कौशिक ने केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष निर्देशों को लागू करने पर हामी भरी है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बैठक में यह जताई प्रतिबद्धता
. 2017-18 में 29333 आउट ऑफ स्कूल चिल्ड्रन चिह्नित किए हैं। इनमें से 75 प्रतिशत को 2018-19 में स्कूलों में पंजीकृत किया जाएगा।
. मेवात के की-परफार्मेंस सूचकांकों को सुधारने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।
. प्राइमरी स्तर पर ड्राप आउट रेट जीरो है। अपर प्राइमरी स्तर पर 1.93 प्रतिशत 2017-18 में रहा है। इसे और नीचे लाया जाएगा।
. परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स के तहत छात्रों के ग्रेडिंग स्तर का अध्ययन कर उचित लर्निंग सपोर्ट दी जा रही।
. स्कूलों में लंबित पड़े सिविल वर्क पूरे किए जाएंगे। पंचायती राज विभाग से समन्वय स्थापित कर मरम्मत कार्य सिरे चढ़ाया जाएगा।
. संसद में पेश करने के लिए विभाग की ओर से वार्षिक रिपोर्ट मंत्रालय को समयबद्घ तरीकेसे भेजेंगे।
. आरटीई एक्ट, 2009 का प्रभावी क्रियान्वयन करने का दिया भरोसा।