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मनरेगा बदलाव: लोगों का काम रुका राज्यों पर बोझ डाला: मुख्यमंत्री मान
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-बोले- राज्य सरकार ने बिजली बोर्ड, चीनी मिलों और मार्कफेड के कर्ज चुकाए
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अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
चंडीगढ़/संगरूर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को संगरूर में मीडिया से बातचीत में कहा कि मनरेगा में हालिया बदलाव केंद्र सरकार की ओर से आम लोगों का काम रोकने और राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डालने की कोशिश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब विधानसभा में इस पर विरोध प्रस्ताव लाया जाएगा।
मान ने कहा कि योजना का नाम बदलना गरीबों और मजदूरों के जीवन में कोई सुधार नहीं लाता। दिहाड़ी मजदूर केवल यह चाहते हैं कि उन्हें रोजगार मिले ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और सराय काले खां स्टेशन का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय नगर किया गया लेकिन इससे लोगों के हित में कोई खास बदलाव नहीं आया।
10 लाख तक कैशलेस बीमा योजना जल्द लागू
मान ने कहा कि पंजाब में 10 लाख रुपये तक की कैशलेस बीमा योजना जल्द लागू की जाएगी ताकि इलाज में लोगों को परेशानी न हो। उन्होंने बिजली बिल और अन्य जनता विरोधी कदमों का भी विरोध किया।
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अकाली दल पर कटाक्ष
मान ने अकाली दल पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी अब सिर्फ वीडियो कंपनी बनकर रह गई है। शिअद केवल तकनीक के माध्यम से लोगों को गुमराह करने में लगी हुई है, जिसके कारण पार्टी दो-तीन सीटों तक ही सीमित रह गई।
स्थानीय प्रतिनिधियों को निर्देश
मान ने नवनिर्वाचित सरपंचों और जिला परिषद सदस्यों को विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश को कर्ज के जाल में फंसा दिया था, जबकि उनकी सरकार ने बिजली बोर्ड और अन्य संस्थानों के कर्ज चुकाकर सुधार किया।
भ्रष्टाचार पर अंकुश
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इंतकाल और डीड वेरिफिकेशन जैसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे भ्रष्टाचार में काफी कमी आई है।
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अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
चंडीगढ़/संगरूर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को संगरूर में मीडिया से बातचीत में कहा कि मनरेगा में हालिया बदलाव केंद्र सरकार की ओर से आम लोगों का काम रोकने और राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डालने की कोशिश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब विधानसभा में इस पर विरोध प्रस्ताव लाया जाएगा।
मान ने कहा कि योजना का नाम बदलना गरीबों और मजदूरों के जीवन में कोई सुधार नहीं लाता। दिहाड़ी मजदूर केवल यह चाहते हैं कि उन्हें रोजगार मिले ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और सराय काले खां स्टेशन का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय नगर किया गया लेकिन इससे लोगों के हित में कोई खास बदलाव नहीं आया।
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10 लाख तक कैशलेस बीमा योजना जल्द लागू
मान ने कहा कि पंजाब में 10 लाख रुपये तक की कैशलेस बीमा योजना जल्द लागू की जाएगी ताकि इलाज में लोगों को परेशानी न हो। उन्होंने बिजली बिल और अन्य जनता विरोधी कदमों का भी विरोध किया।
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अकाली दल पर कटाक्ष
मान ने अकाली दल पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी अब सिर्फ वीडियो कंपनी बनकर रह गई है। शिअद केवल तकनीक के माध्यम से लोगों को गुमराह करने में लगी हुई है, जिसके कारण पार्टी दो-तीन सीटों तक ही सीमित रह गई।
स्थानीय प्रतिनिधियों को निर्देश
मान ने नवनिर्वाचित सरपंचों और जिला परिषद सदस्यों को विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश को कर्ज के जाल में फंसा दिया था, जबकि उनकी सरकार ने बिजली बोर्ड और अन्य संस्थानों के कर्ज चुकाकर सुधार किया।
भ्रष्टाचार पर अंकुश
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इंतकाल और डीड वेरिफिकेशन जैसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे भ्रष्टाचार में काफी कमी आई है।