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अब ऑनलाइन देखें MLR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट

विजेंद्र कौशिक/अमर उजाला, सोनीपत Updated Sun, 13 Dec 2015 12:32 PM IST
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 mlr and postmartum report will upload online
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अब मेडिको लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) या पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे, बल्कि इसे आप ऑनलाइन देख सकेंगे। सोमवार से सोनीपत और गोहाना सिविल अस्पताल में बनने वाली हर एमएलआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट विभाग की साइट पर अपलोड होगी।
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एक सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में ईमेल जारी कर देगा। सीएमओ ने जिले के 100 डाक्टरों को अलग-अलग पासवर्ड जारी किए हैं। अदालतों में कई बार वकील अपने-अपने तरीकों से केस की एमएलआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की व्याख्या करते हैं। डॉक्टर की लिखाई और उनके लिखने के तरीके से भी यह अंतर पैदा होता है।


अदालतों के सामने इस तरह की स्थिति आती रही है। इन्हीं वजहों से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को हिदायत दी थी कि एमएलआर और पोस्टर्माटम रिपोर्ट को ऑनलाइन करे। संबंधित डाक्टर खुद उसे कंप्यूटर में फीड करें।

एमएलआर या पोस्टमार्टम रिपोर्ट मेडिकल की भाषा में नहीं बल्कि सरल भाषा में ऑनलाइन होनी चाहिए। इसके लिए हेल्थ विभाग ने जिलास्तर पर सभी सीएमओ को पत्र लिखकर 13 दिसंबर तक का समय दिया था। दिसंबर 2012 से अब तक की रिपोर्ट भी वेबसाइट पर रहेगी।

हेल्थ विभाग ने सीएमओ को लिखे पत्र में साफ किया है कि हाईकोर्ट की हिदायतों के तहत जिस डॉक्टर ने दिसंबर 2012 से अब तक जितनी एमएलआर काटी हैं और पोस्टमार्टम किए हैं, उसमें प्रत्येक की रिपोर्ट कंप्यूटर में अपलोड की जाए। कोर्ट के इस फरमान के बाद कुछ डॉक्टर परेशान हैं।

एक डॉक्टर ने बताया कि तीन साल की अवधि में किसी डॉक्टर ने तो एक हजार तक एमएलआर काटी हैं। ऐसे में इतना रिकार्ड ऑनलाइन डालने में काफी दिक्कत आएगी। फिर भी काम शुरू कर दिया गया है।

100 डाक्टरों को मिला पासवर्ड
जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले में करीब 100 डॉक्टरों को उनका पासवर्ड जारी किया है। जिले में सोनीपत और गोहाना अस्पताल में पोस्टमार्टम होता है, जबकि एमएलआर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी काटी जाती है। नियमों के तहत क्रमानुसार हर डाक्टर की एक माह में एक बार ड्यूटी पोस्टमार्टम में जरूर लगाई जाती है।

इसके चलते हर डॉक्टर को अलग पासवर्ड दिया गया है। एमएलआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन फीड करने के बाद भी मूल कॉपी संबंधित डॉक्टर को पहले की तरह अपने रिकॉर्ड में रखनी होगी।

यह होगा फायदा
केस में पारदर्शिता आएगी। क्योंकि किसी भी आपराधिक मामले की जांच में एमएलआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती हैं। सरल भाषा में ऑनलाइन होने

पर कोई भी व्यक्ति इनका अध्ययन कर सकेगा।
- जांच अधिकारी पर भी दबाव बढ़ेगा। क्योंकि दोनों रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पुलिस अधिकारी को पता होगा कि जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी तत्काल

पकड़ी जाएगी, जबकि पहले डॉक्टर की हस्तलिखित रिपोर्ट को समझने में अलग-अलग दृष्टिकोण खड़ा करने की संभावना रहती थी।
-अब पीड़ित पक्ष को रिपोर्ट के लिए डॉक्टरों और पुलिस के व चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

हाईकोर्ट की गाइडलाइन और स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय के निर्देश पर जिले में सोमवार से कटने वाली हर एमएलआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन डाल

दी जाएगी। इसके लिए डॉक्टर को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। जिला स्वास्थ्य विभाग इसके लिए तैयार है। हालांकि कंप्यूटर ऑपरेटर की जरूर कमी

महसूस की जा रही है।
-जसवंत सिंह पूनिया, सीएमओ
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