Haryana News: विधानसभा में अधिकारियों पर बरसे विधायक, लापरवाही का लगाया आरोप, कहा- जनता हो रही परेशान
महेंद्रगढ़ से कांग्रेस विधायक राव दान सिंह और रेवाड़ी विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि एस्टीमेट देने के बाद भी आज तक उनके हलकों को पांच करोड़ रुपये की राशि जारी नहीं की गई, जबकि भाजपा विधायकों के पास यह भेज दी गई है। सरकार दावे तो समानता की करती है लेकिन विधायकों के साथ ही भेदभाव किया जा रहा है।
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हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल में अधिकारी विधायकों के निशाने पर रहे। विधायकों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की वजह से काम लंबित हो रहे हैं। सरकार के आदेश के बाद भी अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से कई मामले पेंडिंग रहते हैं और जनता परेशान रहती है।
बाढ़ड़ा से विधायक नैना चौटाला ने कहा कि बाढ़ड़ा, कादमा, डाढीबाना बिजली घरों में 10 एमवीए के ट्रांसर्फामर छह माह से बाहर पड़े हैं लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से उनको लगाया नहीं गया है। इसी प्रकार, एक वाटर वर्क्स का काम पूरा हो चुका है लेकिन अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया है।
बरवाला से जजपा विधायक जोगी राम सिहाग ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और अस्पताल के लिए जमीन ट्रांसफर की फाइल पांच साल से अधिकारियों के पास घूम रही है। कभी ऊपर भेज दी जाती है तो कभी नीचे। गन्नौर से भाजपा विधायक निर्मल चौधरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंडी के काम में धीमी गति चल रही है।
पंचायतों की जमीन की बोली का पैसा कहां गया: गोंदर
नीलोखेड़ी से आजाद विधायक धर्मपाल गोंदर ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को घेरा। उन्होंने कहा कि नीलोखेड़ी और निसिंग ब्लॉक में 2021 में पंचायतों की जमीनों की बोली हुई थी लेकिन यह राशि कहां गई किसी को नहीं पता। पंचायतों के खाते खाली हैं। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा जो भी खर्च गांवों में दिखाया गया है, असल में काम हुए ही नहीं और राशि खर्च दिखा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीडीपीओ ऑफिस बिल्डिंग मेटिरियल के रेट तय करने वाला बन गया है।
हमें नहीं मिले पांच-पांच करोड़
महेंद्रगढ़ से कांग्रेस विधायक राव दान सिंह और रेवाड़ी विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि एस्टीमेट देने के बाद भी आज तक उनके हलकों को पांच करोड़ रुपये की राशि जारी नहीं की गई, जबकि भाजपा विधायकों के पास यह भेज दी गई है। सरकार दावे तो समानता की करती है लेकिन विधायकों के साथ ही भेदभाव किया जा रहा है।
पंचायतों के पास पैसे नहीं, अधिकारी लटकाते हैं मामला
शाहाबाद से जजपा विधायक रामकरण काला ने कहा कि गांव में नलकूप आधारित पेयजल आपूर्ति का संचालन एवं रखरखाव ग्राम पंचायतों को सौंपा गया है। कई कई माह से ट्यूबवेल और मोटर खराब रहती हैं लेकिन अधिकारी सुनते नहीं है। पंचायतों के पास पैसे नहीं है और बीडीपीओ काम करते नहीं है। इस पर मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि ग्राम पंचायतों को एक ट्यूबवेल के रखरखाव के लिए 15 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
मोटर बदलने जैसे बड़े कार्य के साथ साथ बिजली शुल्क भी जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही वहन किए जाते हैं। अब तक 1710 ग्राम योजनाओं में 3821 ट्यूबवेलों के रखरखाव का कार्य ग्राम पंचायतों द्वारा ही किया जा रहा है। इसके अलावा 2106 ट्यूबवेल ऑपरेटर भी ग्राम पंचायतों के माध्यम से लगाए गए हैं।
निर्मल चौधरी बोलीं- विधानसभा का पानी पीने का मन नहीं करता
गन्नौर से भाजपा विधायक निर्मल चौधरी ने विधानसभा स्पीकर से कहा कि विधानसभा के अंदर का पानी पीने का मन नहीं करता। चौधरी ने कहा कि बाथरूम के साथ ही पानी पीने की व्यवस्था है, इसे बदला जाए। स्पीकर ने कहा कि अगले सेशन तक इसे ठीक करा दिया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी की अनुसूचित दरें बढ़ाने पर अभय यादव ने उठाया सवाल
शीतकालीन सत्र में नांगल चौधरी से भाजपा विधायक अभय सिंह यादव ने प्रदेश सरकार द्वारा पीडब्ल्यूडी की अनुसूचित दरें बढ़ाने पर सवाल उठाया। यादव ने कहा कि इसमें 21.18 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है, इससे प्रदेश के खजाने पर बोझ पड़ेगा। जवाब में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह बढ़ोतरी 33 साल बाद की गई है।
उन्होंने कहा कि एचएसआर-2021 3 मई, 2021 को जारी गजट अधिसूचना से लागू है। इसमें कुछ वस्तुओं के नामकरण में संशोधन किया गया। साथ ही इन अध्यायों में कुछ नई वस्तुओं को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि अगर मिट्टी के काम के मामले में पांच किमी की औसत लीड लेकर इसकी तुलना की जाती है तो एचएसआर वर्ष 1988 में दर 170 रुपये प्रति घन मीटर थी जो वर्ष 2021 में 206 रुपये प्रति घन मीटर किया गया है।