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पंजाब में बिजली मंत्री की खाली कुर्सी के लिए शुरू हुई भागदौड़, जानिए किस-किस को चाहिए पद
Tue, 16 Jul 2019 10:16 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 16 Jul 2019 10:16 AM IST
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
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नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा अपने पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद पंजाब के बिजली मंत्री के पद के दावेदारों की भागदौड़ भी तेज हो गई है। दरअसल सिद्धू द्वारा एक महीने तक अपना विभाग नहीं संभालने के दौरान ही कई विधायकों ने इस पद पर नजरें गढ़ा दी थीं। अब विधायक अपने सियासी आकाओं के घर चक्कर लगाने लगे हैं कि उनके नाम की सिफारिश मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी जाए। इस भागदौड़ में जिन लोगों के नाम सामने आने लगे हैं, उनमें पूर्व मंत्री राणा गुरजीत सिंह भी शामिल हैं।
पता चला है कि बिजली मंत्री रह चुके राणा गुरजीत ने दोबारा यह पद हासिल करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। कुछ विधायकों ने तो इस ओहदे के लिए पार्टी आलाकमान से अपने आकाओं के जरिए संपर्क साधा है। एक विधायक ने पंजाब मामलों की इंचार्ज आशा कुमारी के पास फरियाद की है कि मुख्यमंत्री से कहकर उन्हें बिजली मंत्री बनवा दिया जाए।
एक विधायक तो अपने परिजनों को साथ मुख्यमंत्री के आवास पर भी पहुंच गए। इस विधायक ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी इच्छा बताई और उनसे विचार करने का आश्वासन पाकर इतने उत्साहित हो गए कि अपने करीबियों को फोन कर बता दिया कि वे जल्दी ही बिजली मंत्री बनने वाले हैं। इस बीच, कुछ विधायक पार्टी प्रदेशाध्यक्ष से भी संपर्क कर रहे हैं, ताकि मुख्यमंत्री तक उनकी मांग पहुंच सके।
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माना जा रहा है कि सिद्धू द्वारा अपना इस्तीफा सार्वजनिक किए जाने के बाद कैप्टन के लिए भी इस्तीफा स्वीकार करना आसान हो गया है। कैप्टन ने इसके संकेत भी दे दिए हैं कि वे सिद्धू को मनाने या वापस लाने की कोशिश नहीं करने वाले। वैसे भी कैप्टन अगर इन परिस्थितियों में सिद्धू को मनाने की कोशिश करेंगे तो इससे उनकी अपनी साख पर बुरा असर पड़ेगा। दूसरी ओर, कैप्टन के करीबी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री भी नहीं चाहते कि सिद्धू को दोबारा कैबिनेट में लिया जाए।
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पता चला है कि बिजली मंत्री रह चुके राणा गुरजीत ने दोबारा यह पद हासिल करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। कुछ विधायकों ने तो इस ओहदे के लिए पार्टी आलाकमान से अपने आकाओं के जरिए संपर्क साधा है। एक विधायक ने पंजाब मामलों की इंचार्ज आशा कुमारी के पास फरियाद की है कि मुख्यमंत्री से कहकर उन्हें बिजली मंत्री बनवा दिया जाए।
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एक विधायक तो अपने परिजनों को साथ मुख्यमंत्री के आवास पर भी पहुंच गए। इस विधायक ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी इच्छा बताई और उनसे विचार करने का आश्वासन पाकर इतने उत्साहित हो गए कि अपने करीबियों को फोन कर बता दिया कि वे जल्दी ही बिजली मंत्री बनने वाले हैं। इस बीच, कुछ विधायक पार्टी प्रदेशाध्यक्ष से भी संपर्क कर रहे हैं, ताकि मुख्यमंत्री तक उनकी मांग पहुंच सके।
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माना जा रहा है कि सिद्धू द्वारा अपना इस्तीफा सार्वजनिक किए जाने के बाद कैप्टन के लिए भी इस्तीफा स्वीकार करना आसान हो गया है। कैप्टन ने इसके संकेत भी दे दिए हैं कि वे सिद्धू को मनाने या वापस लाने की कोशिश नहीं करने वाले। वैसे भी कैप्टन अगर इन परिस्थितियों में सिद्धू को मनाने की कोशिश करेंगे तो इससे उनकी अपनी साख पर बुरा असर पड़ेगा। दूसरी ओर, कैप्टन के करीबी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री भी नहीं चाहते कि सिद्धू को दोबारा कैबिनेट में लिया जाए।