फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mission 2024: Rumors on Alliance between BJP-Akali Dal in Punjab

Mission 2024: पंजाब में साथ आए भाजपा अकाली दल... तो अधर में लटकेगा कई नेताओं का राजनीतिक भविष्य

Sat, 09 Mar 2024 01:43 PM IST
निवेदिता वर्मा पंकज शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
पंकज शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 09 Mar 2024 01:43 PM IST
सार

अकाली दल छोड़ भाजपा का हिस्सा बने अकाली दल के पूर्व जिला प्रधान गुरप्रताप सिंह टिक्का, पूर्व विधायक अमरपाल सिंह बोनी, प्रो. सरचांद सिंह को भी अपने सियासी भविष्य की चिंता सताने लगी है। क्योंकि यह तमाम नेता अकाली दल के कुछ नेताओं की नीतियों से खिन्न होकर ही भाजपा में गए थे।

विज्ञापन
Mission 2024: Rumors on Alliance between BJP-Akali Dal in Punjab
BJP Akali dal - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव का समय जैसे जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे वैसे राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। अमृतसर लोकसभा सीट को लेकर अकाली-भाजपा गठजोड़ की सुगबुगाहट तेज है। ऐसे में अगर गठजोड़ की घोषणा होती है तो जिले के कई नेताओं का राजनीतिक भविष्य प्रभावित हो सकता है। 
विज्ञापन


दोनों पार्टियों के गठबंधन के द्वंद्व के चलते कई नेताओं का सियासी भविष्य दांव पर लग गया है। सबसे ज्यादा असर पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी की सियासी हलचल पर होगा। जोशी भाजपा छोड़ अकाली दल में गए थे और अमृतसर लोकसभा सीट से वह फिलहाल तक अकाली दल के दावेदार हैं। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी अनिल जोशी को अमृतसर लोकसभा सीट का प्रभारी बनाया हुआ है। जोशी ने कुछ समय तक अमृतसर लोकसभा सीट पर अपनी गतिविधियां भी तेज रखीं। जब से दोनों पार्टियों के गठजोड़ की चर्चा शुरू हुई, वह भी शांत बैठे हैं। स्पष्ट है कि अगर अकाली दल व भाजपा का गठजोड़ होता है तो अमृतसर लोकसभा सीट भाजपा के पास ही जाएगी।
विज्ञापन


जोशी के साथ साथ अकाली दल छोड़ भाजपा का हिस्सा बने अकाली दल के पूर्व जिला प्रधान गुरप्रताप सिंह टिक्का, पूर्व विधायक अमरपाल सिंह बोनी, प्रो. सरचांद सिंह को भी अपने सियासी भविष्य की चिंता सताने लगी है। क्योंकि यह तमाम नेता अकाली दल के कुछ नेताओं की नीतियों से खिन्न होकर ही भाजपा में गए थे। अगर अकाली दल और भाजपा गठजोड़ कर लेती है तो अकाली दल छोड़ने वाले कई नेताओं का भविष्य अधर में लटक सकता है। उनको डर सताने लग गया है अगर दोनों पार्टियों का गठजोड़ होता है तो उनका भविष्य खतरे में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed