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अमर उजाला स्टिंग: सुपरिटेंडेंट साहब! जरा देखिए लावारिस मरीजों से कैसा सुलूक किया जा रहा है
Thu, 02 Jan 2020 11:01 AM IST
खुशबू गोयल
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 02 Jan 2020 11:01 AM IST
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जीएमसीएच में लावारिस मरीजों से अमानवीय सुलूक
- फोटो : अमर उजाला
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लावारिस मरीजों के साथ चंडीगढ़ सेक्टर 32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में कैसा व्यवहार किया जा रहा है, आप अपनी आंखों से देख लीजिए। स्ट्रेचर से बांधकर इन्हें इनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। बंधे होने के कारण वह न तो टॉयलेट जा सकते हैं, न चल फिर सकते हैं। दिनरात ऐसे ही बंधे रहते हैं। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इनकी देखभाल के लिए अटेंडेंट की व्यवस्था की गई है, लेकिन अमर उजाला के स्टिंग में वे कहीं नजर नहीं आए।
हॉस्पिटल में इस समय पांच लावारिस मरीज भर्ती हैं। इमरजेंसी गलियारे में इन्हें स्ट्रेचर पर बांधकर रखा गया है। आसपास के मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि इनकी देखभाल के लिए लगाए गए अटेंडेंट परेशानी से बचने के लिए इन्हें स्ट्रेचर से ही बांधकर चले जाते हैं। दिनभर ये मरीज यूं ही पड़े रहते हैं। कितनी बार ये गिरकर चोटिल हो चुके हैं। ऐसे में अन्य मरीजों के तीमारदार ही इनकी देखभाल करते हैं। इनमें से एक बलटाना का रहने वाला है, जबकि बाकी चारों किसी से बात नहीं करते हैं।
अमर उजाला की टीम जब अस्पताल पहुंची तो एक मरीज स्ट्रेचर पर बंधा हुआ था और आधा झुका था। जबकि दूसरा गिरकर चादर के सहारे लटका हुआ था। काफी देर तक जब कोई अटेंडेंट नहीं आया तो आसपास के तीमारदारों ने उसे उठाकर स्ट्रेचर पर लिटाया। लोगों ने बताया कि इनकी हालत बेहद दयनीय है। शरीर में कमजोरी भी बहुत है। ये अपना संतुलन नहीं बना पाते हैं। अस्पताल की ओर से लगाए गए अटेंडेंट इनका एक हाथ और एक पैर स्ट्रेचर से बांधकर गायब हो गए हैं।
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हैरानी की बात तो यह है कि डॉक्टरों की नजर भी इस अमानवीय करतूत पर नहीं पड़ी। मानवता को ताक पर रखकर लावारिस और बेसहारा मरीजों का स्ट्रेचर से बांधकर इलाज किया जा रहा है। इन मरीजों की देखभाल के नाम पर अटेंडेंट को हर महीने वेतन भी दिया जा रहा है। इमरजेंसी और अन्य वार्ड में एक शिफ्ट में दो-दो अटेंडेंट की ड्यूटी लगाई गई है, उनके जिम्मे ऐसे मरीजों की देखभाल करने का काम होता है। लेकिन वे अपनी ड्यूटी की अनदेखी कर मनमानी कर रहे हैं।
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हॉस्पिटल में इस समय पांच लावारिस मरीज भर्ती हैं। इमरजेंसी गलियारे में इन्हें स्ट्रेचर पर बांधकर रखा गया है। आसपास के मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि इनकी देखभाल के लिए लगाए गए अटेंडेंट परेशानी से बचने के लिए इन्हें स्ट्रेचर से ही बांधकर चले जाते हैं। दिनभर ये मरीज यूं ही पड़े रहते हैं। कितनी बार ये गिरकर चोटिल हो चुके हैं। ऐसे में अन्य मरीजों के तीमारदार ही इनकी देखभाल करते हैं। इनमें से एक बलटाना का रहने वाला है, जबकि बाकी चारों किसी से बात नहीं करते हैं।
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अमर उजाला की टीम जब अस्पताल पहुंची तो एक मरीज स्ट्रेचर पर बंधा हुआ था और आधा झुका था। जबकि दूसरा गिरकर चादर के सहारे लटका हुआ था। काफी देर तक जब कोई अटेंडेंट नहीं आया तो आसपास के तीमारदारों ने उसे उठाकर स्ट्रेचर पर लिटाया। लोगों ने बताया कि इनकी हालत बेहद दयनीय है। शरीर में कमजोरी भी बहुत है। ये अपना संतुलन नहीं बना पाते हैं। अस्पताल की ओर से लगाए गए अटेंडेंट इनका एक हाथ और एक पैर स्ट्रेचर से बांधकर गायब हो गए हैं।
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हैरानी की बात तो यह है कि डॉक्टरों की नजर भी इस अमानवीय करतूत पर नहीं पड़ी। मानवता को ताक पर रखकर लावारिस और बेसहारा मरीजों का स्ट्रेचर से बांधकर इलाज किया जा रहा है। इन मरीजों की देखभाल के नाम पर अटेंडेंट को हर महीने वेतन भी दिया जा रहा है। इमरजेंसी और अन्य वार्ड में एक शिफ्ट में दो-दो अटेंडेंट की ड्यूटी लगाई गई है, उनके जिम्मे ऐसे मरीजों की देखभाल करने का काम होता है। लेकिन वे अपनी ड्यूटी की अनदेखी कर मनमानी कर रहे हैं।
बिस्तर पर ही शौच कर देते हैं..
इमरजेंसी में भर्ती अन्य मरीजों व उनके परिजनों ने बताया कि पांचों मरीजों का हाल पूछने वाला कोई नहीं है। बंधे होने के कारण वे टॉयलेट नहीं जा पाते और बिस्तर पर ही शौच कर देते हैं। जब तीमारदार हल्ला मचाते हैं तो स्वीपर आकर बिस्तर साफ कर जाते हैं। बंधे होने के कारण वे रात में नींद में कई बार चादर में फंसकर गिर जाते हैं और रात भर यूं ही पड़े रहते हैं। ठंड से बचाव के लिए उन्हें केवल एक चादर दी गई है।
मरीजों को बांधना गलत है, जांच कराएंगे: सुपरिंटेंडेंट
ऐसे मरीजों की देखभाल के लिए अटेंडेंट तैनात किए गए हैं। अगर उनकी अनदेखी संबंधी जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना 'मे आई हेल्प यू' काउंटर पर दें, तत्काल कार्रवाई होगी। जहां तक उन मरीजों को बांधकर रखने की बात है तो यह बिल्कुल गलत है, इसकी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. रवि गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसीएच
मरीजों को बांधना गलत है, जांच कराएंगे: सुपरिंटेंडेंट
ऐसे मरीजों की देखभाल के लिए अटेंडेंट तैनात किए गए हैं। अगर उनकी अनदेखी संबंधी जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना 'मे आई हेल्प यू' काउंटर पर दें, तत्काल कार्रवाई होगी। जहां तक उन मरीजों को बांधकर रखने की बात है तो यह बिल्कुल गलत है, इसकी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. रवि गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसीएच