'मिंटू के ISI से संबध का खुलासा खतरनाक, बर्खास्त हो राज्य सरकार'
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प्रदेश सरकार ने स्वीकार किया है कि केएलएफ के मुखिया हरमिन्द्र सिंह मिन्टू ने नाभा जेल में कैदी होने के बावजूद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से सम्पर्क बना रखा था इस खुलासे के बाद वर्तमान सरकार को बनाए रखने का कोई आधार शेष नहीं बचता।
पंजाब विधानसभा के चुनाव भी राष्ट्रपति शासन लागू करके करवाए जाए। जाखड़ ने कहा कि कड़ी सुरक्षा वाली नाभा जेल से केवल 15-20 मिन्टों में नामी आतंकवादी सहित गैंगस्ट्रों को आसानी से छुडवा ले जाना अकालियों की मिली भगत के बिना संभव ही नहीं था।
नाभा कांड अकाली-भाजपा सरकार के कफन में आखिरी कील साबित होगा। इस कांड ने प्रमाणित कर दिया है कि पंजाब का शासन अपराधिक गैंगों के इशारे पर चलता हैं।
चेतावनी के बावजूद नहीं उठाया गया कोई कदम
पंजाब कांग्रेस नित्य प्रति बिगड़ती कानून व्यवस्था के प्रति लगातार सतर्क करती रही है उस कड़ी में नाभा कांड भी शामिल हो गया है जिसके अंर्तगत आतंकवादियों द्वारा दीनानगर व पठानकोट में वारदाते अंजाम दी गई संत रणजीत सिंह ढढरियां वाले पर कातिलाना हमला और सेवातिवृत ब्रिगेडियर व आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा की हत्या भी इसी कड़ी का हिस्सा थी।
जाखड़ ने कहा कि बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद सरकार ने जेलों में मोबाईल फोन के उपयोग पर अंकूश लगाने के लिए कोई कठोर कदम नहीं उठाया। संगत दर्शन के बहाने तो अरबों रूपए जत्थेदारों को कथित रूप में लुटा दिए लेकिन जेमर लगाने के लिए कुछ लाख रूपए नहीं जुटाए जा सके।
अकालियों ने अनुचित हस्तक्षेप करके जेलों को अपने उप-कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया अभी कुछ महीने पहले उप-मुख्यमंत्री सुखबीर बादल का ओएसडी फाजिल्का उप जेल में दो अपराधियों के बीच समझौता करवाने जा पहुंचा था वहां हुए हुडदंग के बारे में आज तक कोई कार्रवाई न