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जघन्य अपराधों में बढ़ी नाबालिगों की संख्या, 4 साल में 29 धरे

Mon, 28 Dec 2015 03:14 PM IST
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 28 Dec 2015 03:14 PM IST
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minor criminals involvement record report in chandigarh

स्मार्ट सिटी चंडीगढ़ में नाबालिग अपराधियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ये हत्या, लूट, स्नैचिंग, चोरी और नशा बेचने के मामले में शामिल हैं। नाबालिग के खिलाफ कोई कड़ा नियम न होने की वजह से एक ही आरोपी बार-बार अलग-अलग तरह की वारदात में शामिल पाया जाता है।

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पुलिस के आंकड़ों की मानें तो पिछले चार सालों में 24 जघन्य अपराधों में 29 नाबालिगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के अनुसार कड़ी सजा न मिलने की वजह से जेब कतरने वाले नाबालिग बाद में बड़े अपराधों को अंजाम देते हैं।
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पुलिस आंकड़ों के मुताबिक साल 2014 में अलग-अलग आपराधिक केसों में कुल 35 आरोपी गिरफ्तार किए गए। जबकि, साल 2015 में तीन महीने में ही इनकी संख्या 17 तक पहुंच गई थी जबकि साल के अंत तक 42 तक जा पहुंची।
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पुलिस ने 2013 में कुल 17 नाबालिगों को पकड़ा था। ये 15 मामलों में शामिल थे। पिछले चार सालों में 22 जघन्य अपराधों में शामिल कुल 26 आरोपी काबू किए गए। वहीं, साल 2014 में कुल 35 नाबालिगों में 15 आरोपी स्कूली स्टूडेंट्स थे।

नशे के लत में पनपता है अपराध
पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व उप कुलपति के.एन. पाठक का कहना है कि बालपन में सबसे ज्यादा अपराध नशे की लत में पनपता है। उन्होंने कहा कि अक्सर मां-बाप दोनों के काम में बिजी होने की वजह से बच्चों पर संगति का एकतरफा असर पड़ जाता है। बुरी संगति में बच्चा नशेड़ी बना और नशे की लत में अपराधी बन जाता है।

किशोर न्याय विधेयक को मंजूरी

मंगलवार को राज्यसभा ने भी किशोर न्याय विधेयक को मंजूरी दे दी। जबकि, लोकसभा इस विधेयक को पहले ही हरी झंडी दे चुका है। हालांकि, अंतिम मुहर राष्ट्रपति का लगना बकाया है। राष्ट्रपति की मंजूरी के देश में किशोर न्याय विधेयक कानून लागू हो जाएगा।

16 साल से शुरू होगी सजा (फांसी और उम्रकैद छोड़कर)

अब राष्ट्रपति किशोर न्याय विधेयक पर अंतिम मुहर लगाते हैं तो कानून में बड़ा बदलाव होगा। इसके बाद सोलह साल के आरोपियों को सात से दस साल की सजा सुनाई जा सकेगी। हालांकि, इनमें फांसी और उम्रकैद शामिल नहीं होगा।

साल 2015 में काबू नाबालिग

केस-1
2 मार्च को सेक्टर 11थाना पुलिस ने धनास स्थित ईडब्ल्यूएस कॉलोनी के घरों में चोरी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके मास्टर माइंड दो नाबालिग अपराधी थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के तीन लाख रुपये भी बरामद किए।
केस-2
17 मार्च को मनीमाजरा थाना पुलिस की एक महिला कांस्टेबल से पर्स लूटने वाले तीन स्कूली छात्र को गिरफ्तार किया गया। इसमें एक आरोपी यूटी पुलिस कांस्टेबल का बेटा था। बाद में आरोपियों की निशानदेही पर पर्स, मोबाइल और पल्सर बाइक बरामद हुई थी।
केस-3
28 मार्च को सेक्टर 11थाना पुलिस ने दो नाबालिग स्टूडेंट्स को स्नैचिंग व लूट के मामलों में गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी पीजीआई में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बेटे थे। आरोपियों से आठ मोबाइल फोन, एक एक्टिवा, लेडीज पर्स सहित लाखों के सामान बरामद हुए थे।

केस-4
11अप्रैल को चार नंबर कॉलोनी स्थित जंगल में एक पौने चार साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या करने के आरोप में एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया। इसमें आरोपी ने बच्ची का अपहरण करके रेप किया फिर हत्या करके जंगल में फेंक दिया था।

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