कोटकपूरा गोलीकांड: मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल बोले- बादलों को बचाते रहे कैप्टन, आप दिलाएगी सात साल बाद न्याय
मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बेअदबी की घटना के आरोपी मोहिंदर पाल बिट्टू को भी कांग्रेस के शासन के दौरान जेल में मार दिया गया। उस समय सुखजिंदर सिंह रंधावा गृह मंत्री थे, जिन्होंने जांच न कर मामले को दबा दिया।
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पंजाब के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर बादल परिवार को बचाने और उनका साथ देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सिख संगत पिछले सात सालों से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी मामलों में इंसाफ की मांग कर रही है लेकिन बादल-कैप्टन ने उन्हें हमेशा गुमराह किया। आप सरकार सिख संगत को सात साल बाद न्याय दिलाएगी।
शुक्रवार को पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए न्याय की मांग करने वाले दो सिखों की कोटकपूरा में पुलिस फायरिंग में मौत हो गई थी। उनकी मौत के लगभग सात साल बाद भी न अकाली दल और न कांग्रेस की सरकार से उन्हें न्याय मिला। उन्होंने कहा कि अकाली दल और कांग्रेस की सरकारों ने सिख संगत की भावनाओं को हमेशा नजरअंदाज किया और मामले को टालते रही।
मंत्री ने कहा कि पूरा पंजाब जानता है कि बादल और कैप्टन आपस में मिले थे। उनकी आपसी सांठगांठ के कारण बरगाड़ी और बहिबल कलां फायरिंग कांड के दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही हुई लेकिन मान सरकार किसी भी दोषी को नहीं बख्शेगी। जल्द सभी दोषी जेल के अंदर होंगे। मंत्री ने अफसोस जताते कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले गुटका साहिब की सौगंध खाकर कहा था कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामले में सिख संगत को न्याय दिलाएंगे लेकिन बादलों के साथ उनकी मिलीभगत के कारण उन्होंने दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
जेल में मर चुका आरोपी
मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बेअदबी की घटना के आरोपी मोहिंदर पाल बिट्टू को भी कांग्रेस के शासन के दौरान जेल में मार दिया गया। उस समय सुखजिंदर सिंह रंधावा गृह मंत्री थे, जिन्होंने जांच न कर मामले को दबा दिया। सुखबीर बादल ने 2015 में सिख प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग के आदेश से इन्कार कर दिया है। अब इस पर धालीवाल ने कहा कि वे झूठ बोल रहे हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री या गृह मंत्री की अनुमति के बिना कोई भी पुलिस अधिकारी कभी गोली नहीं चला सकता। एसआईटी ने सुखबीर बादल को तलब किया है। जांच के दौरान सच सामने आएगा।
इन सवालों के मांगे जवाब
- क्या कोटकपूरा में मौजूद अधिकारी उनके संपर्क में थे
- किसके आदेश पर अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई थी
- क्या उन्होंने अधिकारियों को गोली चलाने का आदेश दिया था
- गृह मंत्री के रूप में क्या अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया था
- अगर अधिकारियों ने बिना अनुमति के फायरिंग की थी तो फिर बतौर गृह मंत्री उन्होंने क्या कार्रवाई की