{"_id":"651b8f3db9f159edf308e914","slug":"millets-consumption-increases-weight-height-of-child-pgi-research-proves-2023-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"PGI Research: चुस्त दुरुस्त और लंबा होगा लाडला... बस आहार में चावल की जगह मोटे अनाज को दीजिए जगह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PGI Research: चुस्त दुरुस्त और लंबा होगा लाडला... बस आहार में चावल की जगह मोटे अनाज को दीजिए जगह
Tue, 03 Oct 2023 09:19 AM IST
निवेदिता वर्मा
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 03 Oct 2023 09:19 AM IST
सार
पीजीआई के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रो. उषा दत्ता का कहना कि शोध के आधार पर यह निर्णय निकाला गया है कि मिलेट्स को किसी न किसी रूप में बच्चों के टिफिन में शामिल करना होगा, क्योंकि बच्चों में ऐसे आहार से संपूर्ण विकास की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
मिलेट्स यानी मोटे अनाज पेट के लिए तो वरदान साबित हो ही रहे हैं, साथ ही इसके सेवन से लंबाई भी बढ़ती है। पीजीआई के विशेषज्ञों ने इसे शोध से साबित किया है। गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने कुपोषित बच्चों को चार साल छह महीने तक चावल की जगह मिलेट्स देकर उनमें चौंकाने वाले परिणाम हासिल किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार शोध में शामिल बच्चों की लंबाई के साथ ही वजन भी बढ़ा। इतना ही नहीं कुपोषित बच्चों के डोले-शोले भी निकल आए। पीजीआई की इस शोध को इंडियन सोसायटी ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में प्रकाशित किया गया है।
शोध करने वाली टीम में शामिल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के डॉ. अनुराग जीना और डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि मिलेट्स वाकई श्रीअनाज है। इसके सेवन से उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर परिणाम सामने आए हैं। चिन्हित किए गए कुपोषित बच्चों को चावल की जगह मिलेट्स दिया गया। उन बच्चों में से 28.2 प्रतिशत की लंबाई में वृद्धि पाई गई। वहीं, 26 प्रतिशत का वजन बढ़ा जबकि 49 प्रतिशत बच्चों के डोले निकल आए। इससे यह साबित होता है कि मिलेट्स का हमारे सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।
यह भी पढ़ें: Asian Games 2023: कौन हैं हरमिलन बैंस? घुंघराले बाल, क्वीन की पहचान, माता-पिता के बाद रोशन किया देश का नाम
विज्ञापन
बच्चों के टिफिन में हो शामिल
गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रो. उषा दत्ता का कहना कि इस शोध के आधार पर यह निर्णय निकाला गया है कि मिलेट्स को किसी न किसी रूप में बच्चों के टिफिन में शामिल करना होगा, क्योंकि बच्चों में ऐसे आहार से संपूर्ण विकास की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। इसे मिड-डे मील में भी शामिल करने से भी आशातीत सफलता मिलेगी, क्योंकि जिन बच्चों को आर्थिक कारणों से संपूर्ण आहार नहीं मिल पा रहा वे इसके माध्यम से उसे स्कूल में भी प्राप्त कर सकेंगे।
मिलेट्स मानव से लेकर प्रकृति तक के लिए फायदेमंद
- अन्य अनाज की तुलना में मिलेट्स में कार्बोहाइड्रेड की मात्रा कम होती है, जिससे इंसुलिन की जरूरत कम पड़ती है।
- मिलेट्स ग्लूटन फ्री होते हैं। एंटी इफ्लामेंट्री होने के कारण पेट संबंधी मर्ज से बचाव में कारगर।
- शरीर में हेल्दी गट वातावरण उत्पन्न करता है।
- अन्य अनाज की तुलना में फैट की मात्रा कम होती है।
- मिलेट्स में फाइबर की मात्रा अन्य अनाज की तुलना में सबसे ज्यादा होता है।
- कैल्शियम की मात्रा में ज्यादा होती है।
- हानिकारक तत्वों को समाप्त करने वाले फेनोल्स की मात्रा सबसे ज्यादा होती है।
- मिलेट्स से पराली जलाने की समस्या नहीं होती।
- वायु प्रदूषण कम होता है, कार्बन फुट प्रिंट कम निकलता है और मौसम परिवर्तन से बचाव में सहायक है।
आप भी देंखे मिलेट्स के तत्व
तत्व चावल गेहूं मक्का मिलेट्स
प्रोटीन 7.5 प्रतिशत 14.4 प्रतिशत 12.1 प्रतिशत 7 से 14.5 प्रतिशत
कार्बोहाइड्रेट 77.2 प्रतिशत 64 प्रतिशत 62.2 प्रतिशत 56.1 प्रतिशत
फैट 2.4 प्रतिशत 2.3 प्रतिशत 4.6 प्रतिशत 1.3 प्रतिशत
फाइबर 3.7 प्रतिशत 12.1 प्रतिशत 12.8 प्रतिशत 37.8 प्रतिशत
फेनोल्स 3.7 एमजी/100ग्रा 12.1 एमजी/100ग्रा 12.8 एमजी/100ग्रा 368 12.1 एमजी/100ग्रा
विज्ञापन
शोध करने वाली टीम में शामिल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के डॉ. अनुराग जीना और डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि मिलेट्स वाकई श्रीअनाज है। इसके सेवन से उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर परिणाम सामने आए हैं। चिन्हित किए गए कुपोषित बच्चों को चावल की जगह मिलेट्स दिया गया। उन बच्चों में से 28.2 प्रतिशत की लंबाई में वृद्धि पाई गई। वहीं, 26 प्रतिशत का वजन बढ़ा जबकि 49 प्रतिशत बच्चों के डोले निकल आए। इससे यह साबित होता है कि मिलेट्स का हमारे सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Asian Games 2023: कौन हैं हरमिलन बैंस? घुंघराले बाल, क्वीन की पहचान, माता-पिता के बाद रोशन किया देश का नाम
विज्ञापन
बच्चों के टिफिन में हो शामिल
गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रो. उषा दत्ता का कहना कि इस शोध के आधार पर यह निर्णय निकाला गया है कि मिलेट्स को किसी न किसी रूप में बच्चों के टिफिन में शामिल करना होगा, क्योंकि बच्चों में ऐसे आहार से संपूर्ण विकास की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। इसे मिड-डे मील में भी शामिल करने से भी आशातीत सफलता मिलेगी, क्योंकि जिन बच्चों को आर्थिक कारणों से संपूर्ण आहार नहीं मिल पा रहा वे इसके माध्यम से उसे स्कूल में भी प्राप्त कर सकेंगे।
मिलेट्स मानव से लेकर प्रकृति तक के लिए फायदेमंद
- अन्य अनाज की तुलना में मिलेट्स में कार्बोहाइड्रेड की मात्रा कम होती है, जिससे इंसुलिन की जरूरत कम पड़ती है।
- मिलेट्स ग्लूटन फ्री होते हैं। एंटी इफ्लामेंट्री होने के कारण पेट संबंधी मर्ज से बचाव में कारगर।
- शरीर में हेल्दी गट वातावरण उत्पन्न करता है।
- अन्य अनाज की तुलना में फैट की मात्रा कम होती है।
- मिलेट्स में फाइबर की मात्रा अन्य अनाज की तुलना में सबसे ज्यादा होता है।
- कैल्शियम की मात्रा में ज्यादा होती है।
- हानिकारक तत्वों को समाप्त करने वाले फेनोल्स की मात्रा सबसे ज्यादा होती है।
- मिलेट्स से पराली जलाने की समस्या नहीं होती।
- वायु प्रदूषण कम होता है, कार्बन फुट प्रिंट कम निकलता है और मौसम परिवर्तन से बचाव में सहायक है।
आप भी देंखे मिलेट्स के तत्व
तत्व चावल गेहूं मक्का मिलेट्स
प्रोटीन 7.5 प्रतिशत 14.4 प्रतिशत 12.1 प्रतिशत 7 से 14.5 प्रतिशत
कार्बोहाइड्रेट 77.2 प्रतिशत 64 प्रतिशत 62.2 प्रतिशत 56.1 प्रतिशत
फैट 2.4 प्रतिशत 2.3 प्रतिशत 4.6 प्रतिशत 1.3 प्रतिशत
फाइबर 3.7 प्रतिशत 12.1 प्रतिशत 12.8 प्रतिशत 37.8 प्रतिशत
फेनोल्स 3.7 एमजी/100ग्रा 12.1 एमजी/100ग्रा 12.8 एमजी/100ग्रा 368 12.1 एमजी/100ग्रा