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Hindi News ›   Chandigarh ›   Milkha Singh was suffering from separation from his wife in Last days

साथ जिएंगे साथ मरेंगे: कोरोना से योद्धा की तरह लड़े मिल्खा सिंह... पत्नी के जुदा होने के गम में हारे

Sat, 19 Jun 2021 02:11 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 19 Jun 2021 02:11 PM IST
सार

डॉक्टरों ने बताया कि उड़न सिख की बिगड़ती स्थिति को काबू में करने के लिए अंतिम स्थिति तक उनके इलाज में भी परिवर्तन किया गया। लेकिन उसका भी कुछ खास लाभ नहीं हुआ।
 

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Milkha Singh was suffering from separation from his wife in Last days
मिल्खा सिंह और निर्मल मिल्खा सिंह। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह कोरोना से जंग बेशक हार गए लेकिन उससे लड़ाई उन्होंने एक योद्धा की तरह लड़ी। हालांकि पांच दिन पहले पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह की मौत के बाद से वे टूटने लगे थे। पीजीआई में उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों के अनुसार, पत्नी से अलग होने का गम उन्हें बहुत ज्यादा सता रहा था। 

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पीजीआई में भर्ती होने के बाद हर पल उन्हें निर्मल मिल्खा सिंह की चिंता सताती रहती थी। वह इलाज करने वाले डॉक्टरों से बार बार उनका हाल पूछा करते थे। जब कभी उन्हें आराम मिलता तो वह डॉक्टरों को अपने पुराने किस्से भी सुनाया करते थे। उनका इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया कि दो दिनों तक जब उनकी पत्नी से बात नहीं हो पाई तो उन्होंने कहा कि लगता है कि उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है। देखना हम दोनों साथ जिए हैं, अब साथ ही मरेंगे।
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पीजीआई में भर्ती होने के बाद मिल्खा सिंह की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा था। पांच दिनों में 70 प्रतिशत ऑक्सीजन लेवल मेंटेन होकर 10 फीसदी पर आ चुका था। 16 जून को उनकी कोविड-19 रिपोर्ट निगेटिव भी आ गई थी। इसके बाद उन्हें एडवांस कार्डियक सेंटर में भर्ती किया गया था। वहां उनका इलाज कर रहे डॉक्टर सकारात्मक परिणाम की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन पत्नी से अलग होने का गम उन्हें अंदर ही अंदर कमजोर कर रहा था। जिसके कारण उन पर इलाज का भी असर नहीं हो रहा था। 
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उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि उनकी बिगड़ती स्थिति को काबू में करने के लिए अंतिम स्थिति तक उनके इलाज में भी परिवर्तन किया गया। लेकिन उसका भी कुछ खास लाभ नहीं हुआ। 18 जून की सुबह से ही उनकी स्थिति गंभीर होने लगी। शाम होते-होते उनका ऑक्सीजन लेवल, ब्लड प्रेशर और बीपी तेजी से नीचे आने लगा। हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और जिंदगी की जंग जीतने के लिए वे अंत तक प्रयास करते रहे।

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