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Hindi News ›   Chandigarh ›   Love Story Of Milkha Singh and Nirmal Kaur 

यादें: पंजाब के सीएम ने पूरी करवाई थी मिल्खा-निर्मल कौर की प्रेम कहानी, यूं परवान चढ़ा था प्यार

Mon, 14 Jun 2021 02:27 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 14 Jun 2021 02:27 AM IST
सार

मिल्खा सिंह अपनी पत्नी को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते थे। उन्होंने कई बार सार्वजनिक तौर पर अपनी पत्नी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि वे खुद दसवीं पास हैं। बच्चों को पढ़ाने और संस्कार देने में उनकी पत्नी निर्मल का ही अहम रोल रहा है। 
 

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Love Story Of Milkha Singh and Nirmal Kaur 
पत्नी निर्मल कौर के साथ मिल्खा सिंह। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल कौर का रविवार को कोरोना से निधन हो गया। मिल्खा सिंह और निर्मल कौर की मुलाकात साल 1955 में श्रीलंका के कोलंबो में हुई थी। मिल्खा सिंह को पहली नजर में निर्मल कौर से प्यार हो गया। प्यार परवान चढ़ा लेकिन निर्मल कौर के परिवार को मिल्खा सिंह पसंद नहीं थे, शादी में अड़चनें आईं तो पंजाब के मुख्यमंत्री को इनकी प्रेम कहानी पूरी करवाने के लिए आगे आना पड़ा था।

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एक इंटरव्यू में मिल्खा सिंह ने कहा था कि हर खिलाड़ी और एथलीट की जिंदगी में प्यार आता है, उसे हर स्टेशन पर एक प्रेम कहानी मिलती है। मिल्खा सिंह की जिंदगी में तीन लड़कियां आईं। तीनों से प्यार हुआ, लेकिन शादी उन्होंने निर्मल कौर से की। मिल्खा सिंह और निर्मल कौर 1955 में कोलंबो में एक टूर्नामेंट में हिस्सा लेने गए थे। निर्मल कौर उस समय भारतीय महिला वालीबॉल टीम की कप्तान थीं, जबकि मिल्खा सिंह एथलेटिक्स टीम का हिस्सा थे।
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पहली नजर में मिल्खा को निर्मल पसंद आ गईं। दोनों ने एक-दूसरे से काफी बातें कीं। जब वापस जाने लगे तो मिल्खा सिंह अपने होटल का पता लिखकर देने लगे। जब कोई कागज नहीं मिला तो उन्होंने निर्मल के हाथ पर ही होटल का नंबर लिख दिया। फिर बातें और मुलाकात होने लगीं और बात शादी तक पहुंच गईं, लेकिन शादी में भी अड़चन आ गई। निर्मल पंजाबी खत्री फैमिली से थीं इसलिए परिवार शादी के लिए राजी नहीं हो रहा था।
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पंजाब के मुख्यमंत्री ने की थी मदद
उस समय मिल्खा सिंह काफी चर्चा में आ गए थे और उनकी शादी में अड़चन की बात भी कई लोगों तक पहुंच चुकी थी। पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों को पता चला तो वे मदद के लिए आगे आए और दोनों परिवारों से बात कर शादी तय करवा दी। साल 1962 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। 

मिल्खा सिंह ने कई बार सार्वजनिक तौर पर अपनी पत्नी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि वे खुद दसवीं पास हैं। बच्चों को पढ़ाने और संस्कार देने में उनकी पत्नी निर्मल का ही अहम रोल रहा है। उनकी गैरमौजूदगी में निर्मल ने बच्चों की पढ़ाई और बाकी सभी बातों का ध्यान रखा। वे अपनी पत्नी को सबसे बड़ी ताकत मानते थे।


ऑस्ट्रेलियाई लड़की के प्यार में पड़ गए थे मिल्खा
एक इंटरव्यू में मिल्खा सिंह ने बताया था कि साल 1956 में ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न ओलंपिक के दौरान वह बेट्टी कथबर्ट नामक युवती से मिले थे। 18 साल की इस एथलीट को मिल्खा की पगड़ी से प्यार हो गया था। मिल्खा ने बताया कि अगले दिन बेट्टी ने उनसे कहा कि वह उनको भी पगड़ी बांध दें। बेट्टी ने मिल्खा का दिल जीत लिया था। बाद में भी मुलाकातें हुईं, लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ सकी। बताते हैं कि साल 2006 में मिल्खा ने बेट्टी को फोन किया तो उनके बेटे ने फोन उठाया और वो मिल्खा को पहचान गए, तब उन्हें पता चला कि बेट्टी की मौत हो चुकी है। मिल्खा सिंह को पहली मोहब्बत उनके गांव में हुई थी, जहां वह एक लड़की को अपना दिल दे बैठे थे।

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