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वर्ल्ड ऑर्थराइटिस डे पर अवेयरनेस वॉकथॉन, सुखना तक दौड़े मिल्खा सिंह
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 11 Oct 2016 09:56 PM IST
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फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विश्व आर्थराइटिस डे पर चंडीगढ़ पीजीआई ने अवेयरनेस वॉक का आयोजन किया, जिसमें फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह ने हिस्सा लिया। पीजीआई इंटरनल मेडिसिन के रुह्मेटालॉजी विंग की ओर से आर्थराइटिस अवेयरनेस वॉक का आयोजन किया गया। लोगों में आर्थराइटिस के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए विशेष तौर पर फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह शामिल हुए।
उन्होंने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि यदि हेल्दी रहना है तो अनुशासन बहुत जरूरी है। अनुशासन के बिना स्वस्थ्य नहीं रहा जा सकता। इसके लिए अच्छा खान-पान का भी ध्यान रखना जरूरी है। वॉक में पीजीआई फैकल्टी, स्वास्थ्य कर्मी, पेशेंट और शहरवासी शामिल हुए। वॉक के दौरान डॉक्टरों ने हाथ पर तख्तियां पकड़ रखी थी।
वॉकाथन के सुखना लेक पहुंचने पर डॉ. अमन शर्मा ने लोगों को गठिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि गठिया का मरीज पहली या दूसरी स्टेज पर आता है तो उसकी बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए रुह्मेटालॉजिस्ट (गठिया स्पेशलिस्ट) के पास जाना जरूरी होता है। कुछ गठिया का इलाज जल्दी होता है, जबकि कुछ में समय लगता है।
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कुछ गठिया के रोग में दवाएं ताउम्र चलती हैं। इसकी दवाएं सस्ती होती हैं। उन्होंने आखिरी में यही कहा कि आज भी लोग समझते हैं कि गठिया का इलाज नहीं है, जबकि ये अब बीते दिनों की बात है। इस मौके पर लोग मिल्खा सिंह के साथ अपनी सेल्फी लेते नजर आए। इस दौरान पीजीआई के पूर्व डायरेक्टर वाइके चावला भी मौजूद रहे।
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उन्होंने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि यदि हेल्दी रहना है तो अनुशासन बहुत जरूरी है। अनुशासन के बिना स्वस्थ्य नहीं रहा जा सकता। इसके लिए अच्छा खान-पान का भी ध्यान रखना जरूरी है। वॉक में पीजीआई फैकल्टी, स्वास्थ्य कर्मी, पेशेंट और शहरवासी शामिल हुए। वॉक के दौरान डॉक्टरों ने हाथ पर तख्तियां पकड़ रखी थी।
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वॉकाथन के सुखना लेक पहुंचने पर डॉ. अमन शर्मा ने लोगों को गठिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि गठिया का मरीज पहली या दूसरी स्टेज पर आता है तो उसकी बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए रुह्मेटालॉजिस्ट (गठिया स्पेशलिस्ट) के पास जाना जरूरी होता है। कुछ गठिया का इलाज जल्दी होता है, जबकि कुछ में समय लगता है।
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कुछ गठिया के रोग में दवाएं ताउम्र चलती हैं। इसकी दवाएं सस्ती होती हैं। उन्होंने आखिरी में यही कहा कि आज भी लोग समझते हैं कि गठिया का इलाज नहीं है, जबकि ये अब बीते दिनों की बात है। इस मौके पर लोग मिल्खा सिंह के साथ अपनी सेल्फी लेते नजर आए। इस दौरान पीजीआई के पूर्व डायरेक्टर वाइके चावला भी मौजूद रहे।