फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   military families demand of one rank one pension will soon

फौजियों को वन रैंक पेंशन का तोहफा देगी मोदी सरकार

Thu, 26 Mar 2015 05:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 26 Mar 2015 05:20 PM IST
विज्ञापन
military families demand of one rank one pension will soon

देश के फौजियों की लंबे समय से चली आ रही वन रैंक वन पेंशन की मांग मोदी सरकार जल्द पूरी करने जा रही है। सरकार ने वन रैंक वन पेंशन देने का मन बना लिया है।

विज्ञापन


राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा अपने अभिभाषण में इस मुद्दे का जिक्र आने के बाद यहां केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी वन रैंक वन पेंशन देने की हामी भर दी है।
विज्ञापन


राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि सरकार पिछले करीब पांच माह से इस बात का अध्ययन कर रही है कि फैसला लागू करने के बाद कितना खर्च पड़ेगा। सरकार ने अपना मन बना लिया है। हमने अभी तक के होम वर्क के आधार पर वित्त विभाग के पास फाइल भिजवा दी है। वित्त विभाग इसमें क्या कुछ कटौती करेगा यह कहना संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेरा अपना अनुमान है कि सालाना साढ़े सात से साढ़े दस हजार करोड़ का बोझ केंद्र सरकार पर यह फैसला लागू करने से आएगा। सरकार इस निर्णय को अप्रैल 2014 से लागू करेगी। मई 2015 तक वित्त विभाग का फैसला आते ही हम ऐलान कर देंगे।

सेना में अधिकारियों की कमी संबंधी सवाल पर राव ने स्वीकार किया कि सेना में 7500 अधिकारियों की कमी है। उन्होंने साफ किया है कि पहले एक प्रांत में एक सैनिक स्कूल होता था। हम सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ा रहे हैं।

चंडीगढ़ के मुददे पर राव इंद्रजीत की राय

military families demand of one rank one pension will soon

राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार चाहती है कि जहां पर सैनिक स्कूल नहीं हैं वहां पर स्कूल खोले जाएं। पिछले कुछ दशक से जिन राज्यों के नौजवानों का फौज में जाने का शौक होता था।

उनका रुझान कम होता जा रहा है। सरकार उसके लिए चिंतित है और फौज की तरफ नौजवानों को आकर्षित करने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही राज्यों की मांग के मुताबिक स्कूलों के लिए एनसीसी का बजट बढ़ाया जा रहा है।

दक्षिण हरियाणा में हाईकोर्ट की बेंच
राव इंद्रजीत सिंह ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की एक बेंच दक्षिण हरियाणा में खोलने की सिफारिश की है। इसकेलिए उन्होंने केंद्रीय कानून मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र भी लिखा है।

राव इंद्रजीत ने कहा है कि हरियाणा के गठन के समय हुए समझौते में यह साफ था कि अलग राज्य बनने के बाद चंडीगढ़ पंजाब को दिया जाएगा और पंजाब के अबोहर-फाजिल्का समेत कई हिंदी भाषी राज्य हरियाणा को दिए जाएंगे। हरियाणा को इस समय पानी की सख्त जरूरत है। इसलिए हरियाणा को पानी तथा हिंदी भाषा क्षेत्र अगर मिलते हैं तो चंडीगढ़ पंजाब को दिए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। यह उनकी व्यक्तिगत राय है।

हुड्डा के साथ पुराना प्रेम उमड़ा
लंबे अरसे बाद चंडीगढ़ पहुंचे राव इंद्रजीत सिंह का पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडडा के साथ पुराना प्रेम उमड़ आया। हुड्डा ने विधानसभा की लांज में राव इंद्रजीत को चाय के लिए बुलाया। जिसके बाद वे हुडडा के साथ चाय पीने निकल गए यह कह कर कि गप्पे मार कर आता हूं, लेकिन उनकी यह बैठक दस मिनट से अधिक नहीं हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed