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विस्थापितों से भूमि अंतरण के लिए आवेदन मांगें
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 15 Nov 2013 10:49 PM IST
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हरियाणा सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले विस्थापितों को भूमि अंतरण के लिए आवेदन का मौका दिया है।
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जिन लोगों ने भूमि के अंतरण के लिए अभी तक आवेदन नहीं किया है वे एक नवंबर से लेकर 31 जनवरी 2014 तक संबंधित तहसीलदार को अपने दावे पेश कर सकते हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त कृष्ण मोहन ने इस बारे में पहले भी सार्वजनिक सूचना जारी की थी।
इसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कब्जे के आधार पर ऐसी भूमि अंतरण करने के लिए 24 जुलाई 2012 से लेकर 23 जनवरी 2013 तक आवेदन पत्र दायर करने का 6 महीने का समय दिया गया था।
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इस प्रकार की भूमि और संपत्ति गुड़गांव जिला के फरूखनगर, धनकोट, खेड़की मांजरा, मेवका, खेड़ा खुरम्मपुर, सिवाड़ी, पटौदी, नौरंगपुर, नरसिंहपुर, सिही, सिकंदरपुर बाढ़हा, सकटपुर में है।
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यह वह भूमि है जो विभाजन के समय पाकिस्तान गए परिवारों द्वारा खाली की गई थी। इसके बाद यह संपत्ति उन परिवारों को अलॉट कर दी गई जो पाकिस्तान से यहां आकर बस गए थे, लेकिन इस संपत्ति के बाकी बचे हिस्से को शरणार्थियों और अन्य लोगों द्वारा कब्जा कर लिया।
पाकिस्तान से यहां आकर बसने वाले लोगों को यहां उतनी ही जमीन दी गई, जितनी उनके पास पाकिस्तान में थी और बाकी बची जमीन पर शरणार्थियों और अन्य लोगों ने कब्जा कर लिया।
सरकार द्वारा इस प्रकार की भूमि के मामलों का निपटारा करने के लिए समय-समय पर योजनाएं चलाई जाती हैं। पहले ऐसे मामलों का निपटारा केंद्र सरकार द्वारा किया जाता था।