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फैसलाः 8 घंटे की सीमा हटी, चंडीगढ़ की औद्योगिक इकाइयों में अब 12 घंटे काम कर सकेंगे श्रमिक
Tue, 07 Jul 2020 01:38 PM IST
खुशबू गोयल
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 07 Jul 2020 01:38 PM IST
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फाइल फोटो
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श्रमिकों की घर वापसी के बाद मजदूरों की कमी से जूझ रही औद्योगिक इकाइयों के लिए श्रम विभाग ने राहत भरा फैसला लिया है। श्रमिकों के आठ घंटे की समय सीमा पर लगी रोक को विभाग ने हटा दिया है। अब श्रमिक अपनी इच्छा अनुसार औद्योगिक इकाइयों में 12 घंटे तक काम कर सकेंगे। इससे श्रमिक को काम करने पर अतिरिक्त भत्ते के रूप में आर्थिक लाभ और उद्यमियों को बेहतर काम मिल सकेगा।
जानकारी के अनुसार, लॉकडाउन के बाद चंडीगढ़ की लगभग 2400 औद्योगिक इकाइयों में ताला लग गया था। अनलॉक 1.0 में राहत देते हुए यूटी प्रशासन ने उद्योग चलाने की मंजूरी दे दी थी, लेकिन लॉकडाउन के दौरान चंडीगढ़ से 40 हजार श्रमिकों की घर वापसी से मजदूरों की कमी हो गई थी। इस कारण औद्योगिक इकाइयों में 40 प्रतिशत उत्पादन ही हो पा रहा था। उद्यमियों को उद्योग चलाने में काफी मशक्कत करने के साथ ही आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा था।
उद्योग जगत ने बताया राहत भरा फैसला
लॉकडाउन के दौरान बंद पड़े उद्योगों के लिए यह राहत भरा फैसला है। इससे श्रमिकों को अतिरिक्त भत्ते के रूप में आर्थिक लाभ प्राप्त होगा और उद्यमियों को मजदूरों की दिक्कत से निजात मिल सकेगी। -नवीन मंगलानी, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज
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श्रमिकों की घर वापसी के बाद उद्योग जगत मजदूरों की परेशानी से जूझ रहा था। उद्यमियों की शिकायत पर श्रम विभाग ने यह फैसला लिया है। यह बदलाव तीन महीने तक लागू रहेगा।
- वरुण बेनीवाल, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर, चंडीगढ़
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जानकारी के अनुसार, लॉकडाउन के बाद चंडीगढ़ की लगभग 2400 औद्योगिक इकाइयों में ताला लग गया था। अनलॉक 1.0 में राहत देते हुए यूटी प्रशासन ने उद्योग चलाने की मंजूरी दे दी थी, लेकिन लॉकडाउन के दौरान चंडीगढ़ से 40 हजार श्रमिकों की घर वापसी से मजदूरों की कमी हो गई थी। इस कारण औद्योगिक इकाइयों में 40 प्रतिशत उत्पादन ही हो पा रहा था। उद्यमियों को उद्योग चलाने में काफी मशक्कत करने के साथ ही आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा था।
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उद्योग जगत ने बताया राहत भरा फैसला
लॉकडाउन के दौरान बंद पड़े उद्योगों के लिए यह राहत भरा फैसला है। इससे श्रमिकों को अतिरिक्त भत्ते के रूप में आर्थिक लाभ प्राप्त होगा और उद्यमियों को मजदूरों की दिक्कत से निजात मिल सकेगी। -नवीन मंगलानी, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज
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श्रमिकों की घर वापसी के बाद उद्योग जगत मजदूरों की परेशानी से जूझ रहा था। उद्यमियों की शिकायत पर श्रम विभाग ने यह फैसला लिया है। यह बदलाव तीन महीने तक लागू रहेगा।
- वरुण बेनीवाल, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर, चंडीगढ़