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शहीद के दर्शन को उमड़ा जन सैलाब, 4 घंटे में 10 किमी पहुंची अंतिम यात्रा..हर आंख हो गई नम

Sat, 02 Mar 2019 12:14 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झज्जर (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झज्जर (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sat, 02 Mar 2019 12:14 AM IST
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MI 17 helicopter crash Jhajjar Shaheed Vikrant sehrawat funeral
शहीद विक्रांत सहरावत

प्रशासन व शहीद के परिजनों ने सोचा भी नहीं था कि भारत माता की रक्षा करते हुए शहीद हुए लाडले की शहादत लोगों में इतना जोश भर देगी की उनकी तरफ से अंतिम यात्रा के लिए निर्धारित किया गया समय भी कम पड़ जाएगा। अपने लाडले के अंतिम दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ आया।



शहीद विक्रांत सहरावत की अंतिम यात्रा के लिए पुलिस व प्रशासन की तरफ से करीब आधे घंटे का समय ही रखा गया था। शहीद के परिजनों के बातचीत के बाद झज्जर से भदानी गांव तक के सफर के लिए आधे घंटे का समय रखा गया था। लेकिन लाडले के अंतिम दर्शन व उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए इतनी भीड़ उमड़ पड़ी की पुलिस प्रशासन को अंतिम यात्रा का रूट ही बदलना पड़ गया और करीब 10 किलोमीटर का रास्ता तय करने में करीब चार घंटे का समय लग गया।

MI 17 helicopter crash Jhajjar Shaheed Vikrant sehrawat funeral
शहीद विक्रांत सहरावत

 हर व्यक्ति में इतना जोश था कि पूरे रास्ते में बहादुरी के नारों से आसमान गुंजायमान रहा। हर हाथ में राष्ट्रीय ध्वज दिखाई दे रहे थे। परिवार के लोगों के अनुरूप झज्जर के सामान्य अस्पताल से सुबह साढ़े सात बजे पार्थिव शरीर को लेकर भदानी गांव के लिए रवाना होना था।

उसके बाद शुक्रवार की सुबह करीब सवा आठ बजे अंतिम यात्रा शुरू हुई और जब सामान्य अस्पताल से यात्रा बाहर निकली तो भीड़ भी बढ़नी शुरू हो गई और शहर के आंबेडकर चौक तक पहुंचते-पहुंचते भीड़ इतनी बढ़ गई कि अंतिम यात्रा का रूट भी बदलना पड़ा। पहले सिलानी गेट के रास्ते यात्रा को निकाला जाना था। लेकिन भीड़ को देखते हुए छारा चुंगी के रास्ते ही अंतिम यात्रा को निकाला गया।

हर चौक पर बच्चों व महिलाओं ने की पुष्पवर्षा 

MI 17 helicopter crash Jhajjar Shaheed Vikrant sehrawat funeral
शहीद विक्रांत सहरावत

पुराने बस स्टैंड के सामने महिला हुई अचेत 
सुबह जब शहीद की अंतिम यात्रा शहर के सामान्य बस स्टैंड के पास पहुंची तो वहां खड़ी एक महिला इतनी भावुक हो गई कि वह अचेत हो गई। उसके साथ खड़े लोगों ने महिला को संभाला। हालांकि महिलाओं और लोगों ने महिला को होश दिलाया और उसका ढाढ़स बंधाया।

रास्ते में हर किसी की आंखें थी नम
शहर के सामान्य अस्पताल से जब भदानी गांव के लिए शहीद विक्रांत की अंतिम यात्रा रवाना हुई और लोग नारे लगाते हुए गांव की और बढ़़े तो कोई गली या चौक चौराहा ऐसा नहीं था कि जहां पर महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में न खड़े हों। महिलाओं की आंखों से आंसू टपक रहे थे।

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MI 17 helicopter crash Jhajjar Shaheed Vikrant sehrawat funeral
शहीद विक्रांत सहरावत

वहीं सांसद दीपेंद्र हुड्डा, कृषि मंत्री ओपी धनखड़ भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए और शहीद के सम्मान में करीब पांच किलोमीटर तक युवाओं और लोगों के साथ पैदल भी चले।

शहीद विक्रांत की अंतिम यात्रा जिस चौक चौराहे से गुजर रही थी। वहां पर महिलाओं व बच्चों ने जहां पुष्पवर्षा की, वहीं सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के अलावा शहर के नेहरू कॉलेज के विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगे झंडे लहराते हुए लाडले को श्रद्धांजलि दी। सड़के दोनों तरफ खड़े बच्चों ने भारत माता की जयकारे भी लगाए।

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MI 17 helicopter crash Jhajjar Shaheed Vikrant sehrawat funeral
शहीद विक्रांत सहरावत

तीन किलोमीटर लंबा रहा काफिला 
पूरा झज्जर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया और जैसे-जैसे शहीद की अंतिम यात्रा गांव की तरफ बढ़ती जा रही थी उसी प्रकार लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही थी। पहले युवाओं के मोटरसाइकिल जत्थे ने आगवानी की और कुछ देर बाद लोगों ने पैदल ही यात्रा शुरू कर दी। काफिला शहर से बाहर निकलने से पहले ही करीब तीन किलोमीटर लंबा हो गया था।

बार ने रखा वर्क सस्पेंड
बार एसोसिएशन झज्जर ने शहीद के अंतिम संस्कार के दिन शुक्रवार को अपना वर्क सस्पेंड रखा। बार एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण कादियान के द्वारा सुबह ही वर्क सस्पेंड का नोटिस लगवा दिया गया था। वहीं बार के अधिवक्ताओं ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर शहीद को श्रद्धांजलि दी।

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