MI-17 हेलीकॉप्टर क्रैशः शहीद सिद्धार्थ के पिता बोले-एयरफोर्स ने सच को स्वीकारा, यही बड़ी बात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीते 27 फरवरी को एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में पांच अधिकारियों को दोषी ठहराया गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद हादसे में शहीद चंडीगढ़ के सेक्टर 44 स्थित आर्मी फ्लैट में रहने वाले स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ के पिता ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि आर्मी में रात के अंधेरे में अचानक पार्टी के सामने आने पर फ्रेंडली फायर हो जाते हैं लेकिन एयरफोर्स में पहली बार हुआ है। इस चूक को एयरफोर्स ने छुपाया नहीं, यह अच्छी बात है कि सच को स्वीकार किया।
इस पूरे हादसे की जांच में सामने आया कि एयरफोर्स के पांच अधिकारियों ने हादसे से पहले लापरवाही बरती और सही प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। इसके अलावा उन्होंने कई नियमों का भी पालन नहीं किया, जिसकी वजह से फ्रेंडली फायर हुआ। यह रिपोर्ट के आने के बाद बातचीत में स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ के पिता जगदीश वशिष्ठ ने बताया कि आधिकारिक तौर पर उन्हें जांच कमीशन की रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं मिली है।
तब तक कुछ कहना मुश्किल है, लेकिन मुझे तो घटना के 2 घंटे बाद पता चल गया था। वहीं, श्रीनगर हेलिकॉप्टर दुर्घटना के दोषियों का नाम सामने आने के बाद वायुसेना और सरकार के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि दोषी पाए जाने वाले कर्मियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
एयर स्ट्राइक के अगले दिन दुश्मन का हेलीकॉप्टर समझ वायुसेना की मिसाइल ने मार गिराया था
एमआई-17 को बीते 27 फरवरी को स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ ने श्रीनगर एयरबेस से सुबह 10 बजे टेक ऑफ किया था। ठीक इसी समय पाकिस्तान एयरफोर्स के 24 जेट भारतीय वायु सीमा में दाखिल हुए।
सुबह 10.10 बजे बडगाम में हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की खबरें आ गई थीं। पाकिस्तान के बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक के अगले दिन 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना की जमीन से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल ने अपने ही हेलीकॉप्टर को दुश्मन का समझकर गिरा दिया था।
इस हादसे में हेलीकॉप्टर पर सवार वायुसेना के सभी छह जवानों और एक नागरिक की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि एमआई-17 हेलीकॉप्टर का बेहद अहम ‘क्रूशियल आइडेंटिफिकेशन सिस्टम’ बंद था। यह सिस्टम ऑन होने पर हेलीकॉप्टर और विमान अपनी पहचान का सिग्नल भेजता है।
घटना के बाद एयरफोर्स ने कहा था- दोषियों के खिलाफ करेंगे कार्रवाई
घटना के समय वायुसेना की ओर से घटना में शामिल मृत कर्मियों के परिजनों को दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। भारतीय वायुसेना अब अपने 5 अफसरों पर कार्रवाई करने जा रही है। वायुसेना के ये सभी अफसर अपने ही हेलीकॉप्टर पर फायरिंग करने के मामले में दोषी पाए गए हैं। यह घटना 27 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के बडगाम में घटी थी।
घटना के तुरंत बाद ही वायुसेना ने इस मामले में जांच शुरू कर दी थी। एयरफोर्स की जांच शुक्रवार को पूरी हो गई। इन अफसरों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट वायुसेना हेडक्वार्टर को भेजी गई है।
यह वाकया उस समय का है, जब पाकिस्तान के बालाकोट में इंडियन एयर स्ट्राइक के बाद पाक वायुसेना के फाइटर प्लेन भारत में घुसे थे। 27 फरवरी को जम्मू कश्मीर के बड़गाम से 7 किलोमीटर दूर गारेंद गांव में एक हेलीकॉप्टर एमआई-17वी5 क्रैश हो गया था। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर दूर खेत में जा गिरा था।