पंजाब कांग्रेस की कलह: समिति के सामने 25 नेताओं की हुई पेशी, कैप्टन खेमे ने चुनाव पर जोर दिया
समिति ने मुलाकात के लिए केवल मौजूदा विधायक और मंत्रियों को न्यौता नहीं दिया, बल्कि मौजूदा सांसदों और पूर्व प्रदेश प्रधानों को भी बातचीत के लिए बुलाया है।
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पंजाब कांग्रेस के अंतर्कलह को खत्म करने के लिए हाईकमान की तीन सदस्यीय समिति के सामने सोमवार को सूबे के 25 मंत्री और विधायकों ने अपनी-अपनी बात खुलकर रखी। नाराज नेताओं ने शिकायत की और कैप्टन खेमे ने चुनाव के मुद्दे पर जोर दिया। समिति में शामिल राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ नेता जयप्रकाश अग्रवाल और राज्य के प्रभारी महासचिव हरीश रावत से बातचीत के लिए पहुंचे नेताओं में कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थकों की संख्या ज्यादा थी।
नाराज खेमे से भी कुछ मंत्री और विधायक पहुंचे थे। नाराज खेमे के नेताओं ने समिति के सामने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए। साथ ही कहा कि बेअदबी का मामला हल नहीं हुआ तो अगले चुनाव में जनता से वोट मांगने जाना मुश्किल हो जाएगा।
वहीं, कैप्टन समर्थक मंत्रियों और विधायकों ने 2022 के चुनाव की तैयारियों संबंधी खाका पेश किया। इन नेताओं ने प्रदेश इकाई के भीतर किसी प्रकार की नाराजगी को अनदेखा करते हुए कैप्टन की सफल कार्य प्रणाली और अगले विधानसभा चुनाव के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी रखी।
तीन दिन की बातचीत की रिपोर्ट हाईकमान की सौंपेगी समिति
समिति मंगलवार और बुधवार को पंजाब के बाकी नेताओं से भी बातचीत करेगी। पंजाब के मसले पर समिति को फैसला लेने का कोई अधिकार नहीं दिया है। समिति तीन दिन तक पंजाब के कांग्रेस नेताओं से उनके विचार सुनने के बाद अपनी रिपोर्ट पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपेगी। इसके बाद हाईकमान अंतिम फैसला लेगा।
कई नेताओं के सुर भी बदले नजर आए, कहा- कोई अंतर्कलह नहीं
केबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने कहा कि पार्टी में किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं है। हाईकमान के बुलावे पर जरूर जाएंगे। समिति के सामने कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का लहजा बदला हुआ दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस में कोई धड़ेबंदी नहीं है और पार्टी पूरी तरह एकजुट है।
कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने भी कहा कि मामूली मनमुटाव है, जो दूर हो जाएंगे। विधायक गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि आपस में वैचारिक मतभेद चलते रहते हैं, कोई बड़ी बात नहीं है। विधायक राजकुमार चब्बेवाल ने कहा कि पार्टी के जो भी इतर मसले हैं, हाईकमान उसे भी जल्द हल करेगी।
विधायक गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट हैं। विधायक राजकुमार वेरका ने कहा कि जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, उसी मसले को हल करने के लिए मीटिंग बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि हाईकमान के फैसले से कोई बाहर नहीं जाएगा।